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Palwal News: बिजली बोर्ड के निजीकरण के विरोध में कर्मचारियों का प्रदर्शन

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 08 Aug 2026 01:42 AM IST
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Employees protest against privatization of electricity board
संवाद न्यूज एजेंसी
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पुन्हाना। हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं अधिकारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के बैनर तले शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन भी बिजली निगम के सब डिवीजन कार्यालय पर कर्मचारियों ने दो घंटे तक विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए बिजली बोर्ड के निजीकरण, स्मार्ट मीटर योजना और पैरेलल लाइसेंस व्यवस्था का विरोध जताया गया। कर्मचारियों ने मांगें नहीं माने जाने पर 11 से 13 अगस्त तक तीन दिवसीय हड़ताल की चेतावनी दी।
प्रदर्शन की अध्यक्षता उमर मोहम्मद और राहुल गुप्ता ने की। इसमें स्टेट चीफ एडवाइजर राजेश कुमार, जिला प्रधान सिराजुद्दीन (हरियाणा कर्मचारी महासंघ), यूनिट प्रधान महेंद्र, यूनिट सह सचिव भीम सिंह, वरिष्ठ उपप्रधान कुलदीप, उपप्रधान अख्तर हुसैन, नेता इजहार हुसैन, सचिव नीरज तिवारी, आबिद खान और शेर सिंह सैनी सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
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कर्मचारी नेताओं ने कहा कि सरकार बिजली बोर्ड का निजीकरण कर उसे निजी कंपनियों के हवाले करना चाहती है, जिससे आम उपभोक्ताओं और कर्मचारियों दोनों के हित प्रभावित होंगे। उनका कहना था कि वर्तमान में संसाधनों और कर्मचारियों की कमी के बावजूद बिजली कर्मचारी दिन-रात मेहनत कर उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं दे रहे हैं, जबकि निजी कंपनियों का उद्देश्य केवल लाभ कमाना होगा।
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नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार एग्री डिस्कॉम बनाकर किसानों को मिलने वाली बिजली सब्सिडी समाप्त करना चाहती है। साथ ही स्मार्ट मीटर लागू होने से किसानों, मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा तथा बिजली महंगी हो जाएगी। उन्होंने कहा कि निजीकरण से युवाओं के सरकारी नौकरी के अवसर भी कम होंगे।

संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने सरकार से कर्मचारी संगठनों के साथ वार्ता कर निजीकरण की प्रक्रिया रोकने की मांग की। चेतावनी दी कि यदि वार्ता में समाधान नहीं निकला तो 11 से 13 अगस्त तक प्रदेशव्यापी हड़ताल की जाएगी। इसके बाद भी मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को अनिश्चितकालीन हड़ताल में बदला जा सकता है। कर्मचारियों ने आमजन से भी आंदोलन का समर्थन करने की अपील करते हुए कहा कि यह लड़ाई केवल कर्मचारियों के हितों के लिए नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं और आने वाली पीढ़ी के भविष्य के लिए भी है।
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