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तीसरी लहर से बचाव की तैयारियों में शिक्षा विभाग भी जुटा

Sun, 08 Aug 2021 11:09 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 08 Aug 2021 11:09 PM IST
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Education department also engaged in preparations for rescue from third wave
होडल। कोरोना की संभावित तीसरी लहर से पहले ही शिक्षा विभाग ने भी विद्यार्थियों के लिए एहतियातन कदम उठाना शुरू कर दिया है। स्कूलों में बच्चों की न केवल तापमान की जांच होगी, बल्कि अब विद्यार्थियों का ऑक्सीजन लेवल भी जांचा जाएगा। इसके लिए शिक्षा विभाग ने जिले के प्राइमरी और मिडिल स्कूलों के लिए 618 ऑक्सीमीटर का स्टाक भेज दिया है। प्रत्येक स्कूल में एक ऑक्सीमीटर उपलब्ध करवाया जाएगा।
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जिला शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार बघेल ने जानकारी देते हुए बताया कि स्कूल शिक्षा निदेशालय की ओर से जारी आदेशों में कहा गया है कि विद्यालय में अंदर प्रवेश के समय विद्यार्थियों की स्वास्थ्य जांच की जाए। हाथ सैनिटाइजर और तापमान की जांच तो करवानी ही होगी, साथ ही अब विद्यार्थियों का ऑक्सीजन लेवल भी अध्यापकों को जांचना होगा। इसके लिए शिक्षा निदेशालय ने पलवल में 618 ऑक्सीमीटर उपलब्ध करवा दिए हैं। प्रत्येक स्कूल में कम से कम एक ऑक्सीमीटर जरूर भेजा जाएगा। ताकि विद्यार्थियों की समय-समय पर ऑक्सीजन की जांच की जा सके। जिले में प्राइमरी और मिडिल स्कूलों की संख्या करीब 600 हैं। 400 विद्यार्थियों तक संख्या वाले स्कूलों में एक-एक ऑक्सीमीटर दिया जाएगा जबकि यदि किसी विद्यालय में विद्यार्थियों की 400 से ज्यादा संख्या है तो वहां दो ऑक्सीमीटर भेजे जाएंगे।
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इसलिए जरूरी है ऑक्सीमीटर
पल्स ऑक्सीमीटर डिजिटल डिस्पले वाली एक छोटी डिवाइस मशीन होती है। इसे पीपीओ यानी पोर्टेबल प्लस ऑक्सीमीटर भी कहा जाता है। पेपर या क्लाथ क्लिप की तरह इसे पीछे से दबाकर अंगुली में फंसाया जाता है। इसे चालू करने पर डिवाइस की मदद से जांचने वाले का नब्ज और खून में आक्सीजन लेवल कम-ज्यादा या सामान्य होने का पता चलता है, क्योंकि डिजिटल डिस्पले में इसकी रीडिंग दिख जाती है। शरीर में आक्सीजन की मात्रा जांचने के लिए ऑक्सीमीटर सबसे जरूरी उपकरण है। हालांकि इस समय स्कूलों में डिजिटल थर्मामीटर या स्कैनर पहले ही भेजे गए हैं। इससे विद्यार्थी की सेहत का मापन होने में फायदा मिलेगा। छात्र की तबीयत खराब होने पर पता लगते ही शीघ्र चिकित्सा सुविधा मुहैया कराई जा सकेगी। रीडिंग की जांच से प्रतिदिन अभिभावकों को संतुष्टि रहेगी कि उनका बच्चा कोरोना से सुरक्षित है। स्कूलों में रोजाना सैनिटाइजर, मास्क, थर्मल स्कैनर के साथ ऑक्सीमीटर से भी जांचा जाएगा, इससे उनकी हेल्थ ही रोजाना अपडेट रहेगी।
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स्कूलो में आने वाले विद्यार्थियों का ऑक्सीजन लेवल भी अब जांचा जाएगा। इसके लिए विभाग ने डिजिटल ऑक्सीमीटर उपलब्ध करवा दिए हैं। सभी प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में एक-एक ऑक्सीमीटर भेजा जाएगा। ताकि विद्यार्थियों का ऑक्सीजन लेवल जांचा जा सके।
- गौतम कुमार जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, पलवल
कैप्शन: अशोक बघेल, जिला शिक्षा अधिकारी
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