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बदहाल रास्तों से परिक्रमा लगाएंगे श्रद्धालु
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ब्रज 84 कोस परिक्रमा मार्ग की खराब हालत।
- फोटो : Palwal
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बदहाल रास्तों से परिक्रमा लगाएंगे श्रद्धालु
अनूप पाराशर
होडल। हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश राज्य को जोड़ते हुए लगाई जाने वाली 84 कोस की ऐतिहासिक ब्रज परिक्रमा दो दिन बाद शुरू होने वाली है। लेकिन, अब तक जिला प्रशासन की तरफ से हरियाणा सीमा के अंदर पड़ने वाले इस परिक्रमा मार्ग की सुध नहीं ली गई है। यह हाल तो तब है, जब चार साल पहले मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने परिक्रमा मार्ग के जीर्णोद्धार के लिए 3 करोड़ रुपये की राशि लगाने की घोषणा की थी। लेकिन, आज तक न तो यह पूरी राशि सरकार की तरफ से आई और न ही परिक्रमा मार्ग में मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप कोई भी काम पूरा हुआ। हालात ये हैं कि परिक्रमा मार्ग आज भी सुविधाओं और विकास की बाट जोह रहा है। हर वर्ष की भांति इस बार भी देश, विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को जर्जर रास्तों पर चलकर परिक्रमा करनी पड़ेगी। न तो उन्हें परिक्रमा मार्ग में आराम करने के लिए टीन शेड मिलेंगे और न ही आरओ युक्त पीने का पानी। हसनपुर में यमुना पर भी पेंटून पुल न बन पाने के कारण यमुना नदी को नावों के सहारे पार करना पड़ेगा।
नूंह और पलवल जिले का आता है काफी हिस्सा
पुरुषोत्तम मास (अधिक मास) के साथ ही भगवान श्री कृष्ण और बलदाऊ जी की लीला स्थली क्षेत्र बृज से चौरासी कोस परिक्रमा की शुरुआत 18 सितंबर यानी शुक्रवार से होगी। प्रत्येक तीन वर्ष में आने वाले अधिक मास के आगमन पर लगाई जाने वाली इस ब्रज परिक्रमा को लेकर लोगों में खासा जोश देखा जाता है। इस परिक्रमा के अंदर उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के अलावा राजस्थान के भरतपुर और डीग का पूरा क्षेत्रफल आता है। इसके अलावा हरियाणा में नूंह और पलवल जिले का काफी हिस्सा आता है। परिक्रमा मार्ग के अंदर 1300 से अधिक गांव, एक हजार के करीब सरोवर, 48 वन, 24 कदंब खंडियां, अनेक पर्वत और यमुना घाट आते हैं। इनके अलावा कई महत्वपूर्ण स्थल भी आते हैं।
जीर्णोद्धार के लिए तीन करोड़ की घोषणा हुई थी
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने करीब चार साल पहले हरियाणा सीमा के अंदर पड़ने वाले इस परिक्रमा मार्ग के जीर्णोद्धार के लिए तीन करोड़ रुपये खर्च करने की घोषणा की थी। मुख्यमंत्री ने तुरंत ही इस राशि को स्वीकृत कर दिया था। इसमें से करीब 50 लाख रुपये की राशि उसी समय पास कर दी गई थी। जीर्णोद्धार पर खर्च की जाने वाली राशि को लेकर जिला स्तर पर एक कमेटी भी गठित की गई थी, लेकिन आज तक न तो सरकार की तरफ से पूरी राशि आई और न ही प्रशासन द्वारा इस परिक्रमा मार्ग पर ध्यान दिया गया।
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पेंटून पुल भी नहीं बना
परिक्रमा मार्ग में हसनपुर से यमुना नदी पार करने के लिए पेंटून पुल बनाया जाना था, लेकिन अब तक पुल नहीं बना। इस कारण यात्रियों को इस बार भी यमुना पार करने के लिए नावों का सहारा लेना पड़ेगा। इसके अलावा रास्ते में न तो टीन शेड की व्यवस्था की गई और न ही विश्रामगृह की। आरओ सिस्टम तक भी नहीं लगाए गए हैं। इसके अलावा रास्तों की हालत भी बेहद खराब है। लाइटों की भी कोई व्यवस्था नहीं है।
कोरोना से बचाव के कोई इंतजाम नहीं
परिक्रमा शुरू होने में मात्र दो दिन शेष हैं, लेकिन यात्रियों को कोरोना के प्रति जागरूक करने और प्राथमिक इलाज के लिए कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन का इस तरफ कोई ध्यान ही नहीं है।
बृज चौरासी कोस परिक्रमा मार्ग में पड़ने वाले रास्तों के निर्माण कार्य अभी तक लंबित है। क्योंकि, सरकार ने पिछले पांच वर्ष में एक भी पैसा बृज परिक्रमा के लिए नहीं दिया ।
- सत्यदेव, सरपंच सौंदहद
ब्रज 84 कोस परिक्रमा मार्ग की हालत बेहद खराब है। यात्रियों के ठहरने की कोई व्यवस्था नहीं की गई। सरकार की घोषणा सिर्फ घोषणा ही रह गई। परिक्रमा शुरू होने पर यात्रियों को काफी परेशानी होगी।
- डिप्टी, पंचायत सदस्य
ब्रज 84 कोस परिक्रमा भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ी हुई है। सरकार को इस परिक्रमा मार्ग की सुध लेनी चाहिए। करीब हजारों लोग बगैर सुविधाओं के परिक्रमा करेंगे। श्रद्धालुओं को काफी परेशानी होगी।
- बाबा परशुराम दास महाराज
सरकार केवल झूठे वायदे करती है। आज तक कोई काम नहीं किया। जब मैंने विधानसभा में मुद्दा उठाया था, तब सरकार ने घोषणा की थी। लेकिन, आज तक परिक्रमा मार्ग की सुध नहीं ली गई। यह परिक्रमा हमारी आस्था से जुड़ी है। सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए।
- उदयभान, पूर्व कांग्रेस विधायक होडल
इस बारे में मुख्यमंत्री से बात की है। जल्द ही इस परिक्रमा मार्ग के जीर्णोद्धार का कार्य शुरू हो जाएगा। परिक्रमा के समय भी प्रशासन की तरफ से सारे इंतजाम किए जाएंगे। कोरोना से बचाव के लिए भी सीएमओ से इंतजाम करने को कहा है। मेरा प्रयास रहेगा कि परिक्रमा करने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो।
- जगदीश नायर, विधायक होडल
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अनूप पाराशर
होडल। हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश राज्य को जोड़ते हुए लगाई जाने वाली 84 कोस की ऐतिहासिक ब्रज परिक्रमा दो दिन बाद शुरू होने वाली है। लेकिन, अब तक जिला प्रशासन की तरफ से हरियाणा सीमा के अंदर पड़ने वाले इस परिक्रमा मार्ग की सुध नहीं ली गई है। यह हाल तो तब है, जब चार साल पहले मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने परिक्रमा मार्ग के जीर्णोद्धार के लिए 3 करोड़ रुपये की राशि लगाने की घोषणा की थी। लेकिन, आज तक न तो यह पूरी राशि सरकार की तरफ से आई और न ही परिक्रमा मार्ग में मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप कोई भी काम पूरा हुआ। हालात ये हैं कि परिक्रमा मार्ग आज भी सुविधाओं और विकास की बाट जोह रहा है। हर वर्ष की भांति इस बार भी देश, विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को जर्जर रास्तों पर चलकर परिक्रमा करनी पड़ेगी। न तो उन्हें परिक्रमा मार्ग में आराम करने के लिए टीन शेड मिलेंगे और न ही आरओ युक्त पीने का पानी। हसनपुर में यमुना पर भी पेंटून पुल न बन पाने के कारण यमुना नदी को नावों के सहारे पार करना पड़ेगा।
नूंह और पलवल जिले का आता है काफी हिस्सा
पुरुषोत्तम मास (अधिक मास) के साथ ही भगवान श्री कृष्ण और बलदाऊ जी की लीला स्थली क्षेत्र बृज से चौरासी कोस परिक्रमा की शुरुआत 18 सितंबर यानी शुक्रवार से होगी। प्रत्येक तीन वर्ष में आने वाले अधिक मास के आगमन पर लगाई जाने वाली इस ब्रज परिक्रमा को लेकर लोगों में खासा जोश देखा जाता है। इस परिक्रमा के अंदर उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के अलावा राजस्थान के भरतपुर और डीग का पूरा क्षेत्रफल आता है। इसके अलावा हरियाणा में नूंह और पलवल जिले का काफी हिस्सा आता है। परिक्रमा मार्ग के अंदर 1300 से अधिक गांव, एक हजार के करीब सरोवर, 48 वन, 24 कदंब खंडियां, अनेक पर्वत और यमुना घाट आते हैं। इनके अलावा कई महत्वपूर्ण स्थल भी आते हैं।
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जीर्णोद्धार के लिए तीन करोड़ की घोषणा हुई थी
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने करीब चार साल पहले हरियाणा सीमा के अंदर पड़ने वाले इस परिक्रमा मार्ग के जीर्णोद्धार के लिए तीन करोड़ रुपये खर्च करने की घोषणा की थी। मुख्यमंत्री ने तुरंत ही इस राशि को स्वीकृत कर दिया था। इसमें से करीब 50 लाख रुपये की राशि उसी समय पास कर दी गई थी। जीर्णोद्धार पर खर्च की जाने वाली राशि को लेकर जिला स्तर पर एक कमेटी भी गठित की गई थी, लेकिन आज तक न तो सरकार की तरफ से पूरी राशि आई और न ही प्रशासन द्वारा इस परिक्रमा मार्ग पर ध्यान दिया गया।
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पेंटून पुल भी नहीं बना
परिक्रमा मार्ग में हसनपुर से यमुना नदी पार करने के लिए पेंटून पुल बनाया जाना था, लेकिन अब तक पुल नहीं बना। इस कारण यात्रियों को इस बार भी यमुना पार करने के लिए नावों का सहारा लेना पड़ेगा। इसके अलावा रास्ते में न तो टीन शेड की व्यवस्था की गई और न ही विश्रामगृह की। आरओ सिस्टम तक भी नहीं लगाए गए हैं। इसके अलावा रास्तों की हालत भी बेहद खराब है। लाइटों की भी कोई व्यवस्था नहीं है।
कोरोना से बचाव के कोई इंतजाम नहीं
परिक्रमा शुरू होने में मात्र दो दिन शेष हैं, लेकिन यात्रियों को कोरोना के प्रति जागरूक करने और प्राथमिक इलाज के लिए कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन का इस तरफ कोई ध्यान ही नहीं है।
बृज चौरासी कोस परिक्रमा मार्ग में पड़ने वाले रास्तों के निर्माण कार्य अभी तक लंबित है। क्योंकि, सरकार ने पिछले पांच वर्ष में एक भी पैसा बृज परिक्रमा के लिए नहीं दिया ।
- सत्यदेव, सरपंच सौंदहद
ब्रज 84 कोस परिक्रमा मार्ग की हालत बेहद खराब है। यात्रियों के ठहरने की कोई व्यवस्था नहीं की गई। सरकार की घोषणा सिर्फ घोषणा ही रह गई। परिक्रमा शुरू होने पर यात्रियों को काफी परेशानी होगी।
- डिप्टी, पंचायत सदस्य
ब्रज 84 कोस परिक्रमा भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ी हुई है। सरकार को इस परिक्रमा मार्ग की सुध लेनी चाहिए। करीब हजारों लोग बगैर सुविधाओं के परिक्रमा करेंगे। श्रद्धालुओं को काफी परेशानी होगी।
- बाबा परशुराम दास महाराज
सरकार केवल झूठे वायदे करती है। आज तक कोई काम नहीं किया। जब मैंने विधानसभा में मुद्दा उठाया था, तब सरकार ने घोषणा की थी। लेकिन, आज तक परिक्रमा मार्ग की सुध नहीं ली गई। यह परिक्रमा हमारी आस्था से जुड़ी है। सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए।
- उदयभान, पूर्व कांग्रेस विधायक होडल
इस बारे में मुख्यमंत्री से बात की है। जल्द ही इस परिक्रमा मार्ग के जीर्णोद्धार का कार्य शुरू हो जाएगा। परिक्रमा के समय भी प्रशासन की तरफ से सारे इंतजाम किए जाएंगे। कोरोना से बचाव के लिए भी सीएमओ से इंतजाम करने को कहा है। मेरा प्रयास रहेगा कि परिक्रमा करने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो।
- जगदीश नायर, विधायक होडल