पलवल। हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ एवं शारीरिक शिक्षक संघर्ष समिति के तत्वावधान में बुधवार को बर्खास्त पीटीआई, ड्राइंग शिक्षक और अन्य अध्यापकों व कर्मचारियों ने जिला उपायुक्त कार्यालय पर प्रदर्शन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री के नाम जिला उपायुक्त के प्रतिनिधि तहसीलदार रोहताश पंवार को मांगों के संबंध में ज्ञापन सौंपा। इस दौरान कर्मचारियों ने जमकर नारेबाजी की। ज्ञापन अध्यापक संघ के जिला उपप्रधान गीतेश कुमार, जिला ऑडिटर वेदपाल, शारीरिक शिक्षक संघर्ष समिति के प्रधान जोगिंद्र डागर, सचिव रमेश तेवतिया, एसकेएस प्रधान राजेश शर्मा और राकेश तंवर के नेतृत्व में सौंपा गया।
अध्यापक नेताओं ने कहा कि सरकार ने सभी संवेदनाओं को तिलांजलि देते हुए 10 वर्षों के दौरान स्वर्ग सिधार चुके पीटीआई की विधवाओं एवं उनके परिजनों को भूखों मरने के लिए छोड़ दिया है। कोरोना काल में पहले ही सभी रोजगार समाप्त हो चुके हैं, इसके बावजूद भी विधवाओं को मिलने वाली आर्थिक सहायता को भी तुरंत प्रभाव से बंद कर दिया। बर्खास्त पीटीआई, ड्राइंग टीचर्स की एनपीएस की धनराशि का केवल 20 फीसदी देने के आदेश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि बर्खास्त पीटीआई के आंदोलन को सभी कर्मचारी, किसान, मजदूर संगठनों और आम जनता का भरपूर समर्थन प्राप्त था। इसलिए बरोदा उपचुनाव से ठीक पहले छह अक्तूबर 2020 को बर्खास्त पीटीआई के प्रतिनिधिमंडल के साथ मुख्यमंत्री आवास पर हुई बैठक में स्पेशल स्कूल स्पोर्ट्स असिस्टेंट पदों पर समायोजित करने का आश्वासन दिया गया था। एक साल बीत जाने के बावजूद भी सरकार अपने वायदे को पूरा करने में असफल रही है। ज्ञापन में कहा गया कि सरकार मामले की संवेदनशीलता को गंभीरता से लेते हुए बर्खास्त पीटीआई और ड्राइंग टीचर को स्पेशल स्कूल स्पोर्ट्स असिस्टेंट पदों पर समायोजित करे और मृतक पीटीआई की विधवाओं की बंद की गई आर्थिक सहायता को बहाल करे अन्यथा शारीरिक शिक्षक संघर्ष समिति आवश्यक बैठक कर आगामी निर्णय लेने पर मजबूर होगी। इस मौके पर हरकेश, रामपाल अत्री, राजू, राजेश, सोमवती, जगवती, उर्मिला, साजिदा, प्रताप, टेकचंद, पूरन व रामवीर पीटीआई मौजूद रहे।