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Palwal News: एसआईआर का काम पूरा करने वाले शिक्षकों को स्कूल भेजने की मांग

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 03 Sep 2026 12:05 AM IST
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Demand to send teachers completed SIR work back to school.
मेवात के कई गांवों में पूरा हो चुका है कार्य, ग्रामीण बोले- बच्चों की पढ़ाई नहीं होनी चाहिए प्रभावित
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संवाद न्यूज एजेंसी

नूंह। मेवात क्षेत्र में एसआईआर का कार्य पूरा कर चुके शिक्षकों को अब वापस स्कूलों में ड्यूटी पर भेजने की मांग जोर पकड़ने लगी है। ग्रामीणों का कहना है कि जिले के काफी गांवों में शिक्षकों ने एसआईआर से संबंधित अपना काम निर्धारित समय में पूरा कर लिया है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें स्कूलों में वापस नहीं भेजा गया है। ऐसे में स्कूलों में शिक्षकों की कमी के चलते विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।

ग्रामीण लुकमान, सूबेदीन, जाकिर, किशोर व सुनील ने कहा कि मेवात में पहले से ही सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी एक बड़ी चुनौती रही है। कई स्कूलों में सीमित संख्या में शिक्षक होने के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है। ऐसे में यदि उपलब्ध शिक्षक भी लंबे समय तक दूसरे कार्यों में लगे रहेंगे तो इसका सीधा असर विद्यार्थियों की शिक्षा पर पड़ेगा। खासकर प्राथमिक और माध्यमिक कक्षाओं के बच्चों की पढ़ाई लगातार प्रभावित होने से उनकी शैक्षणिक नींव कमजोर हो सकती है। ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग से मांग की कि जिले के प्रत्येक स्कूल की स्थिति की समीक्षा की जाए और यह पता लगाया जाए कि एसआईआर के कारण कितने शिक्षक स्कूलों से बाहर हैं। जिन शिक्षकों का एसआईआर कार्य पूरा हो चुका है, उनकी सेवाएं तत्काल कक्षाओं में ली जाएं।
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बच्चों की पढ़ाई को मिले प्राथमिकता
ग्रामीणों ने कहा कि प्रशासनिक और चुनाव संबंधी कार्य अपनी जगह महत्वपूर्ण हैं, लेकिन बच्चों की पढ़ाई को लंबे समय तक प्रभावित नहीं किया जा सकता। स्कूलों में शिक्षक नहीं होंगे तो विद्यार्थियों की पढ़ाई का नुकसान होगा, जिसकी भरपाई बाद में करना आसान नहीं होगा। इसलिए विभाग को ऐसी व्यवस्था बनानी चाहिए कि सरकारी कार्य और शिक्षण व्यवस्था दोनों प्रभावित न हों।ग्रामीणों का कहना है कि शिक्षक बच्चों के भविष्य की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। इसलिए उन्हें लंबे समय तक गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगाए रखने के बजाय, जहां उनका निर्धारित कार्य पूरा हो गया है, वहां उनकी सेवाएं वापस विद्यार्थियों के हित में ली जानी चाहिए।
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