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Palwal News: चहारदीवारी कर रहे बुजुर्ग और बेटों पर जानलेवा हमला
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संवाद न्यूज
हथीन। उटावड़ थाना क्षेत्र के मलाई गांव में रास्ते के विवाद को लेकर दो पक्षों में खूनी संघर्ष का मामला सामने आया है। अपनी ही जमीन पर चहारदीवारी कर रहे एक बुजुर्ग, उनके बेटों और रिश्तेदारों पर दूसरे पक्ष के लोगों ने कुल्हाड़ी, फरसा और लाठी-डंडों से जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में बुजुर्ग सहित चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने पीड़ितों की शिकायत के आधार पर छह नामजद आरोपियों के विरुद्ध गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मलाई गांव के रहने वाले बुजुर्ग रफीक अहमद ने बताया कि करीब 20 वर्ष पहले उसने गांव के ही अली मोहम्मद, फजूरु, दीन मोहम्मद और इल्यास से साढ़े तीन एकड़ जमीन खरीदी थी। इसी से सद्दीक की जमीन सटी है। सद्दीक की जमीन के लिए कोई रास्ता नहीं था, जिसके चलते बुजुर्ग रफीक ने भाईचारे और इंसानियत के नाते उन्हें अपनी जमीन से नौ फुट का रास्ता देने की बात कही थी।
पीड़ित रफीक ने बताया कि 28 मई की दोपहर जब वे अपनी जमीन पर चहारदीवारी का निर्माण करवा रहे थे, उसी समय मुबारिक, मुजम्मील उर्फ मुज्जम, अजीम, असफाक, दीन मोहम्मद और मुस्तकीम हाथों में लाठी-डंडे, कुल्हाड़ी और फरसा लेकर आए और जबरन काम रुकवाकर गाली-गलौज करने लगे।
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बुजुर्ग रफीक के गुंडागर्दी का विरोध करने पर आरोपियों ने धारदार हथियारों और लाठियों से हमला कर दिया। हमले में रफीक, उनके बेटे मोहम्मद हकीम, इकरामुद्दीन और साजिद गंभीर रूप से घायल हो गए।
आरोपी घटना को अंजाम देकर जान से मारने की धमकी देते हुए भाग गए। सभी घायलों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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हथीन। उटावड़ थाना क्षेत्र के मलाई गांव में रास्ते के विवाद को लेकर दो पक्षों में खूनी संघर्ष का मामला सामने आया है। अपनी ही जमीन पर चहारदीवारी कर रहे एक बुजुर्ग, उनके बेटों और रिश्तेदारों पर दूसरे पक्ष के लोगों ने कुल्हाड़ी, फरसा और लाठी-डंडों से जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में बुजुर्ग सहित चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने पीड़ितों की शिकायत के आधार पर छह नामजद आरोपियों के विरुद्ध गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मलाई गांव के रहने वाले बुजुर्ग रफीक अहमद ने बताया कि करीब 20 वर्ष पहले उसने गांव के ही अली मोहम्मद, फजूरु, दीन मोहम्मद और इल्यास से साढ़े तीन एकड़ जमीन खरीदी थी। इसी से सद्दीक की जमीन सटी है। सद्दीक की जमीन के लिए कोई रास्ता नहीं था, जिसके चलते बुजुर्ग रफीक ने भाईचारे और इंसानियत के नाते उन्हें अपनी जमीन से नौ फुट का रास्ता देने की बात कही थी।
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पीड़ित रफीक ने बताया कि 28 मई की दोपहर जब वे अपनी जमीन पर चहारदीवारी का निर्माण करवा रहे थे, उसी समय मुबारिक, मुजम्मील उर्फ मुज्जम, अजीम, असफाक, दीन मोहम्मद और मुस्तकीम हाथों में लाठी-डंडे, कुल्हाड़ी और फरसा लेकर आए और जबरन काम रुकवाकर गाली-गलौज करने लगे।
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बुजुर्ग रफीक के गुंडागर्दी का विरोध करने पर आरोपियों ने धारदार हथियारों और लाठियों से हमला कर दिया। हमले में रफीक, उनके बेटे मोहम्मद हकीम, इकरामुद्दीन और साजिद गंभीर रूप से घायल हो गए।
आरोपी घटना को अंजाम देकर जान से मारने की धमकी देते हुए भाग गए। सभी घायलों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।