मोबाइल टावर के नाम ठगी करने वाले गिरोह का सदस्य धरा
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उत्तर प्रदेश, राजस्थान व हरियाणा में सक्रिय मोबाइल टावर लगवाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह के एक सदस्य को पुलिस ने शनिवार को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान विजय विहार, रोहिणी (दिल्ली) निवासी विवेक के रूप में हुई है। गिरोह के जाल में पलवल जिले के काफी लोग फंसकर लाखों की ठगी का शिकार हो चुके हैं। आरोपी लोगों को लाखों रुपये कमाने का सपना दिखाकर उनकी छतों व खाली जमीन पर मोबाइल टावर लगवाने का लालच देकर लाखों रुपये की ठगी कर रहे हैं। पलवल पुलिस ने एक आरोपी को बंचारी गांव निवासी महिला की शिकायत पर गिरफ्तार किया है। महिला का आरोप है कि उससे भी मोबाइल टावर लगवाने के नाम पर सवा तीन लाख रुपये की ठगी की गई।
गौरतलब है कि गिरोह समाचार पत्रों में मोबाइल टावर लगवाने के फर्जी विज्ञापन देकर लोगों को जाल में फंसाता है। इसमें काफी लोग शामिल हैं। पुलिस गिरफ्तार किए गए आरोपी से पूछताछ कर उसके बाकी साथियों का पता लगाने का प्रयास कर रही है। पुलिस की अपराध जांच शाखा में कार्यरत एएसआई अजीत ने बताया कि गत वर्ष गांव बंचारी निवासी कमला ने होडल थाना में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके पास एक फोन आया जिसमें टावर लगाने की बात कही गई। पीड़िता द्वारा टॉवर लगवाने के लिए तैयार होने पर गिरोह के सदस्यों ने उनसे कई किस्तों में सिक्योरिटी मनी लगभग तीन लाख 20 हजार रुपये जमा करा लिए और काफी दिन तक कोई टॉवर नहीं लगाया। मामले की जांच के दौरान पुलिस टीम ने 22 फरवरी को विजय विहार, रोहिणी (दिल्ली) निवासी विवेक को गिरफ्तार किया।
खाते में लाखों जमा
विवेक ने पूछताछ में बताया कि उसके गिरोह में चार-पांच अन्य लोग भी शामिल हैं। वे पहले फर्जी कागजात के आधार पर फर्जी नंबर लेते हैं। उसके बाद अखबार में टावर लगाने का फर्जी विज्ञापन देते हैं। इसके बाद किसी की कॉल आने पर उसे अपने चंगुल में फंसाते हैं और सिक्योरिटी के तौर किस्तों में लाखों रुपये अकाउंट में जमा करा लेते हैं। गिरोह यूपी, राजस्थान व हरियाणा के कई लोगों को अपना शिकार बना चुका है। पुलिस ने बताया कि विवेक के बैंक खाते में लाखों रुपये जमा हैं, लेकिन उनमें से उसके हिस्से का सिर्फ 15 लाख रुपये है। पुलिस ने उसे सोमवार तक रिमांड पर लिया है।