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मामला निकला ऑनर किलिंग का -
Updated Tue, 04 Sep 2018 11:32 PM IST
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राजनीतिक रसूख के चलते आरोपियों को बचाने के प्रयास
मामला निकला ऑनर किलिंग का
अमर उजाला ब्यूरो
हथीन।बहीन थाना क्षेत्र के गांव रनियाला खुर्द निवासी शमीम की हत्या ऑनर किलिंग का मामला निकला। युवक के भाई सखारूप खान ने बताया कि उसके भाई के पास गांव रनियाला खुर्द में 21 अप्रैल को अचानक फोन आया तथा वह उसी समय गांव से चला गया। 23 अप्रैल को उन्होंने बहीन थाना पुलिस को उसके गुम होने की लिखित शिकायत की परंतु बहीन थाना पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद 24 अप्रैल को उसकी लाश नूंह जिले के रोजकामेव थाना क्षेत्र में मिली।
रोजकामेव थाना पुलिस ने उसकी लाश को लावारिस बताकर 28 अप्रैल को उसका दाह संस्कार हिंदू रीति-रिवाज के साथ कर दिया तथा उनके परिवार को सूचित नहीं किया। इस बीच उन्हें एक लावारिस लाश मिलने की सूचना मिली तो उन्होंने समाचार-पत्रों में छपी फोटो के आधार पर उसकी पहचान कर ली तथा इस संदर्भ में एसपी नूंह से शिकायत की। मुकदमा दर्ज करने का प्रार्थना पत्र दिया। इस आधार पर रोजकामेव थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया। इस मामले में जांच करते हुए एसआईटी बनाकर आसिफ, इरसाद, मुनशरीफ एवं मोईन को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद रहस्य खुला कि आरोपियों ने उसकी हत्या इसलिए की कि शमीम ने गांव पीपाका निवासी रूकमीना से प्रेम विवाह करके निकाह किया था। इसके चलते परिजन उससे रंजिश रखते थे। इसी रंजिश के चलते रूकमीना के मार्फत शमीम को बुलाया गया तथा उसकी हत्या कर रोजकामेव थाना क्षेत्र में लाश डाल दी। बहीन थाना पुलिस ने तो मुकदमा दर्ज नहीं किया परंतु नूंह जिला में एसआईटी बनाई गई। एसआईटी ने जांच के बाद चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया तथा अन्य आरोपियों वली मोहम्मद, जमशेद, आरिफ, रूकमीना, यासीन, सरजीत, रोशन, करीम खान एवं एक अन्य की गिरफ्तारी बकाया बताई परंतु हत्या करने वाले आरोपियों ने अपने राजनीतिक रसूखों के चलते इसकी जांच स्टेट क्राइम ब्रांच को 4 जुलाई को ट्रांसफर करा दी। इसके बाद पीड़ित पक्ष ने पुन: जांच एसपी नूंह के पास भिजवाई। आरोपियों ने नियोजित ढंग से इस मामले की जाँच 30 जुलाई को पलवल जिला पुलिस के पास भिजवा दी परंतु पलवल जिला पुलिस ने अभी जाँच ही शुरू की थी कि आरोपियों ने ही इसकी जंाच 6 अगस्त को रेवाड़ी एसपी के पास ट्रांसफर करा दी। इस मामले में हरियाणा के गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव एस.एस प्रसाद ने डीजीपी हरियाणा को निर्देश दिए हैं कि जाँच कार्य नूँह जिला पुलिस के अंतर्गत ही रखा जाए जबकि आरोपी अब रेवाडी से जांच कराने के लिए अडे़ हुए हैं। सखारूप खान का आरोप है कि आरोपी पक्ष घटनाक्रम को छिपाने के लिए षड्यंत्र रच रहा है।
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मामला निकला ऑनर किलिंग का
अमर उजाला ब्यूरो
हथीन।बहीन थाना क्षेत्र के गांव रनियाला खुर्द निवासी शमीम की हत्या ऑनर किलिंग का मामला निकला। युवक के भाई सखारूप खान ने बताया कि उसके भाई के पास गांव रनियाला खुर्द में 21 अप्रैल को अचानक फोन आया तथा वह उसी समय गांव से चला गया। 23 अप्रैल को उन्होंने बहीन थाना पुलिस को उसके गुम होने की लिखित शिकायत की परंतु बहीन थाना पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद 24 अप्रैल को उसकी लाश नूंह जिले के रोजकामेव थाना क्षेत्र में मिली।
रोजकामेव थाना पुलिस ने उसकी लाश को लावारिस बताकर 28 अप्रैल को उसका दाह संस्कार हिंदू रीति-रिवाज के साथ कर दिया तथा उनके परिवार को सूचित नहीं किया। इस बीच उन्हें एक लावारिस लाश मिलने की सूचना मिली तो उन्होंने समाचार-पत्रों में छपी फोटो के आधार पर उसकी पहचान कर ली तथा इस संदर्भ में एसपी नूंह से शिकायत की। मुकदमा दर्ज करने का प्रार्थना पत्र दिया। इस आधार पर रोजकामेव थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया। इस मामले में जांच करते हुए एसआईटी बनाकर आसिफ, इरसाद, मुनशरीफ एवं मोईन को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद रहस्य खुला कि आरोपियों ने उसकी हत्या इसलिए की कि शमीम ने गांव पीपाका निवासी रूकमीना से प्रेम विवाह करके निकाह किया था। इसके चलते परिजन उससे रंजिश रखते थे। इसी रंजिश के चलते रूकमीना के मार्फत शमीम को बुलाया गया तथा उसकी हत्या कर रोजकामेव थाना क्षेत्र में लाश डाल दी। बहीन थाना पुलिस ने तो मुकदमा दर्ज नहीं किया परंतु नूंह जिला में एसआईटी बनाई गई। एसआईटी ने जांच के बाद चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया तथा अन्य आरोपियों वली मोहम्मद, जमशेद, आरिफ, रूकमीना, यासीन, सरजीत, रोशन, करीम खान एवं एक अन्य की गिरफ्तारी बकाया बताई परंतु हत्या करने वाले आरोपियों ने अपने राजनीतिक रसूखों के चलते इसकी जांच स्टेट क्राइम ब्रांच को 4 जुलाई को ट्रांसफर करा दी। इसके बाद पीड़ित पक्ष ने पुन: जांच एसपी नूंह के पास भिजवाई। आरोपियों ने नियोजित ढंग से इस मामले की जाँच 30 जुलाई को पलवल जिला पुलिस के पास भिजवा दी परंतु पलवल जिला पुलिस ने अभी जाँच ही शुरू की थी कि आरोपियों ने ही इसकी जंाच 6 अगस्त को रेवाड़ी एसपी के पास ट्रांसफर करा दी। इस मामले में हरियाणा के गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव एस.एस प्रसाद ने डीजीपी हरियाणा को निर्देश दिए हैं कि जाँच कार्य नूँह जिला पुलिस के अंतर्गत ही रखा जाए जबकि आरोपी अब रेवाडी से जांच कराने के लिए अडे़ हुए हैं। सखारूप खान का आरोप है कि आरोपी पक्ष घटनाक्रम को छिपाने के लिए षड्यंत्र रच रहा है।
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