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Palwal News: अनाज मंडी में न्यूनतम समर्थन मूल्य से अधिक रेट पर बिक रही कपास की फसल
Mon, 23 Sep 2024 11:50 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पलवल
संवाद न्यूज एजेंसी, पलवल
Updated Mon, 23 Sep 2024 11:50 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
होडल। उपमंडल की अनाज मंडी में इन दिनों कपास न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से अधिक भाव पर बिक रही है। इसका मुख्य कारण कपास का रकबा घटना और बारिश से जलभराव होने से उत्पादन कम होना है। कपास के अच्छे भाव जलभराव से फसल में हुए नुकसान से किसानों को राहत दे रहे हैं। क्षेत्र में मुख्य रूप से इन दिनों होडल की अनाजमंडी में किसान कपास लेकर पहुंच रहे हैं। मंडी में कपास 7400 से 7900 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर बिक रही है।
वहीं, 2023 गत वर्ष में 23 सितंबर तक मंडी में 11,528 क्विंटल कपास की आवक मंडी में रही जबकि वित्त वर्ष में 4144 क्विंटल कपास मंडी में बिक्री के लिए आई है। बता दें कि सरकार द्वारा छोटे रेशे की कपास का एमएसपी 7121 रुपये और लंबे रेशे की कपास का एमएसपी 7521 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। होडल क्षेत्र क्षेत्र में किसान मुख्य रूप से लंबे रेशे वाली कपास उगाते हैं। 2022-23 के सीजन तक किसानों को कपास एमएसपी पर बेचने के लिए आंदोलन करने पर मजबूर होना पड़ता था तो अबकी बार हालात अलग हैं क्षेत्र में कपास का रकबा कम हो गया और दूसरा सितंबर में बारिश से खेतों में जलभराव होने से फसल में बड़े स्तर पर नुकसान हुआ। जलभराव से उत्पादन कम हुआ। इस बार कपास कम होने से बाजार में रुई के भाव तेज हैं। व्यापारी कपास से बिनौला निकाल कर रुई बेचते हैं तो उन्हें अच्छे भाव मिल रहे हैं। कपास की कमी से प्रतिस्पर्धा बढ़ गई और व्यापारी किसानों की फसल के अच्छे भाव लगा रहे हैं।
मौसम की मार से गुणवत्ता पर पड़ा असर
मौसम की मार से इस बार कपास की गुणवत्ता अपेक्षाकृत अच्छी नहीं है लेकिन उसके बावजूद किसानों को अच्छे भाव मिल पा रहे हैं। होडल की अनाज मंडी में अब तक जितनी कपास आई है उसकी प्राइवेट खरीद हुई है। सितंबर 2023 के शुरुआत में अनाजमंडी में कपास 5200 रुपये से 6000 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर बिक रही थी। बाद में भावों में थोड़ा उछाल आया था। नवंबर में किसान धान की कटाई और गेहूं की बिजाई में व्यस्त हो गए थे, जिससे बहुत कम किसान की मंडी में कपास लेकर आते थे। क्षेत्र में भारी बारिश के चलते फसल में काफी नुकसान हुआ है।
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बारिश से अधिक हुआ नुकसान
मंडी सचिव वीरेंद्र कुमार ने बताया कि गत वर्ष अनाज मंडी में 11528 क्विंटल कपास की 23 सितंबर तक आवक हुई जबकि वित्त वर्ष में 4144 क्विंटल की कपास मंडी में बिक्री के लिए लिए जिससे यह साफ होता है कि किसानों की कपास की फसल में बारिश से नुकसान हुआ है, वहीं कृषि विभाग के अधिकारियों की माने तो कपास की फसल में रोग अधिक होने के कारण किसानों ने कपास की फसल की बिजाई करना कम कर दिया।
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होडल। उपमंडल की अनाज मंडी में इन दिनों कपास न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से अधिक भाव पर बिक रही है। इसका मुख्य कारण कपास का रकबा घटना और बारिश से जलभराव होने से उत्पादन कम होना है। कपास के अच्छे भाव जलभराव से फसल में हुए नुकसान से किसानों को राहत दे रहे हैं। क्षेत्र में मुख्य रूप से इन दिनों होडल की अनाजमंडी में किसान कपास लेकर पहुंच रहे हैं। मंडी में कपास 7400 से 7900 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर बिक रही है।
वहीं, 2023 गत वर्ष में 23 सितंबर तक मंडी में 11,528 क्विंटल कपास की आवक मंडी में रही जबकि वित्त वर्ष में 4144 क्विंटल कपास मंडी में बिक्री के लिए आई है। बता दें कि सरकार द्वारा छोटे रेशे की कपास का एमएसपी 7121 रुपये और लंबे रेशे की कपास का एमएसपी 7521 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। होडल क्षेत्र क्षेत्र में किसान मुख्य रूप से लंबे रेशे वाली कपास उगाते हैं। 2022-23 के सीजन तक किसानों को कपास एमएसपी पर बेचने के लिए आंदोलन करने पर मजबूर होना पड़ता था तो अबकी बार हालात अलग हैं क्षेत्र में कपास का रकबा कम हो गया और दूसरा सितंबर में बारिश से खेतों में जलभराव होने से फसल में बड़े स्तर पर नुकसान हुआ। जलभराव से उत्पादन कम हुआ। इस बार कपास कम होने से बाजार में रुई के भाव तेज हैं। व्यापारी कपास से बिनौला निकाल कर रुई बेचते हैं तो उन्हें अच्छे भाव मिल रहे हैं। कपास की कमी से प्रतिस्पर्धा बढ़ गई और व्यापारी किसानों की फसल के अच्छे भाव लगा रहे हैं।
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मौसम की मार से गुणवत्ता पर पड़ा असर
मौसम की मार से इस बार कपास की गुणवत्ता अपेक्षाकृत अच्छी नहीं है लेकिन उसके बावजूद किसानों को अच्छे भाव मिल पा रहे हैं। होडल की अनाज मंडी में अब तक जितनी कपास आई है उसकी प्राइवेट खरीद हुई है। सितंबर 2023 के शुरुआत में अनाजमंडी में कपास 5200 रुपये से 6000 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर बिक रही थी। बाद में भावों में थोड़ा उछाल आया था। नवंबर में किसान धान की कटाई और गेहूं की बिजाई में व्यस्त हो गए थे, जिससे बहुत कम किसान की मंडी में कपास लेकर आते थे। क्षेत्र में भारी बारिश के चलते फसल में काफी नुकसान हुआ है।
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बारिश से अधिक हुआ नुकसान
मंडी सचिव वीरेंद्र कुमार ने बताया कि गत वर्ष अनाज मंडी में 11528 क्विंटल कपास की 23 सितंबर तक आवक हुई जबकि वित्त वर्ष में 4144 क्विंटल की कपास मंडी में बिक्री के लिए लिए जिससे यह साफ होता है कि किसानों की कपास की फसल में बारिश से नुकसान हुआ है, वहीं कृषि विभाग के अधिकारियों की माने तो कपास की फसल में रोग अधिक होने के कारण किसानों ने कपास की फसल की बिजाई करना कम कर दिया।