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कागजों में बना दिए सामुदायिक स्वच्छता परिसर

Thu, 28 Apr 2022 10:30 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 28 Apr 2022 10:30 PM IST
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Community Sanitation Complex made in paper
पलवल। जिले में चल रही विकास योजनाओं में निरंतर अनियमितताएं सामने आ रही हैं। नरेगा घोटाला के बाद अब स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) योजना में व्यापक स्तर पर अनियमितताओं बरतने की बात सामने आई है। योजना के तहत गांवों में सामुदायिक स्वच्छता परिसर बनाए जाने थे, जो कहीं भी नहीं बनाए गए। अनियमितताओं की शिकायत फरीदाबाद के भानू प्रताप ने जिला उपायुक्त कृष्ण कुमार से की गई है। राज्य के मुख्य सचिव, अतिरिक्त मुख्य सचिव बिजली एवं नवीनीकरण ऊर्जा विभाग को भी इस बारे में शिकायत दी गई है।
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शिकायत में योजना के तहत करीब 10 करोड़ रुपये का घोटाला करने की जानकारी दी गई है। शिकायत में कहा गया है कि सामुदायिक स्वच्छता परिसर बनाने के नाम पर सांपनकी, कुकरचाटी, वजादा पहाड़ी, रामपुर खोर, दुरेंची, फिरोजपुर राजपूत, टोंका, लडमाकी, पावसर, भोलड़ा, मुस्तफाबाद, बलई, लालगढ़, सुलतानपुर, गढी विनोदा, टीकरी गुर्जर और घर्रोट में दो-दो लाख रुपये की ग्रांट दी गई, लेकिन कहीं भी परिसर नहीं बने। गांव राजूपुर खादर में चार लाख रुपये की राशि दी गई। योजना के प्रसार के लिए नुक्कड़ नाटक के नाम पर 15.51 लाख रुपये खर्च किए गए। गांव हुडीथल और लडमाकी में साढे 16-16 लाख, गढी विनोदा में 8.25 लाख, भंगूरी में 12.60 लाख, चिल्ली में 11.70 लाख और टोंका में 9.30 लाख रुपये, सोख्ता गड्ढों के नाम पर लाखों रुपये खर्च किए गए। स्वच्छता बोर्ड बनाने के नाम पर मार्केट रेट से 2.51 लाख रुपये अधिक दिए गए।
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बिस्किट व फ्रूटी के 89 हजार के बिल कराए पास
सामुदायिक स्वच्छता परिसर के उद्घाटन कार्यक्रमों के दौरान 88,800 रुपये बिस्किट व फ्रूटी के नाम पर खाते से निकाले गए। स्वच्छता पखवाड़ा मनाने और शौचमुक्त गांव बनाने के नाम पर भारी घोटाला किया गया है। विकास कार्यों के नाम पर एडवांस में ग्रांट जारी की गई। इन ग्रांटों का आज तक कोई काम नहीं करवाया गया। फर्जी बिल बनाकर राशि निकाली गई। इन कार्यों का रिकॉर्ड कब्जे में लेकर मौके पर जाकर जांच की जाएं तो घोटाला की सच्चाई सामने आएगी।
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सामुदायिक स्वच्छता परिसर में होती हैं ये सुविधाएं
सामुदायिक स्वच्छता परिसर में शौचालय सुविधा, स्नान घर की सुविधा और कपड़े धोने के लिए व्यवस्था होती है। परिसर में पानी की पूरी व्यवस्था होनी चाहिए। परिसर का निर्माण ग्राम पंचायत की बसावट में उन स्थानों पर किया जाता है, जहां व्यक्तिगत शौचालय बनाना संभव नहीं है। गांवों में कोई भी व्यक्ति स्वच्छता परिसर की सुविधाओं का इस्तेमाल कर सकता है।

इस मामले में जांच की जा रही है। नरेगा मामले में जो भी दोषी मिल रहा है, उसके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। जल्द ही इस मामले में सभी दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
कृष्ण कुमार, जिला उपायुक्त
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