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रुपये न मिलने से आहत व्यक्ति ने जहर खाकर की आत्महत्या
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पलवल। चांदहट थाना अंतर्गत उधार दिए रुपये वापस न मिलने से आहत 45 वर्षीय व्यक्ति ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने मृतक के पुत्र की शिकायत पर तीन नामजद आरोपियों के खिलाफ बुधवार को आत्महत्या के लिए विवश करने का मामला दर्ज कर लिया है।
पुलिस जांच अधिकारी टेक सिंह के अनुसार, गांव पेलक निवासी सागर ने शिकायत दर्ज कराई है कि उसके पिता पुष्कर खेती-बाड़ी के साथ-साथ एलआईसी पॉलिसी का काम भी करते थे। वे पॉलिसी का हिसाब-किताब गांव निवासी हरीओम के पास रखते थे। उन्होंने उसे एक लाख रुपये उधार भी दिए हुए थे, लेकिन पिछले कुछ दिनों से वह काम नहीं कर रहा था। हरिओम ने रुपये देने से भी साफ इंकार कर दिया था। बीती 26 जून को गांव निवासी सुंदर पीड़ित के पिता से स्कूटी मांग कर ले गया।
उन्होंने स्कूटी वापस मांगी तो उसने भी इंकार कर दिया तथा विरोध करने पर गाली-गलौच भी की। पीड़ित के पिता ने अपनी सारी कमाई का लगभग दो लाख 50 हजार रुपये गांव निवासी खेमचंद उर्फ डागर को दे रखा था। खेमचंद ने भी उन रुपयों को वापस देने से मना कर दिया। जिस वजह से पीड़ित का पिता काफी दुखी रहने लगा। बीती 28 जून को पीड़ित के पिता की तबीयत अचानक खराब हो गई। पीड़ित अपने पिता को उपचार के लिए लेकर अस्पताल पहुंचा, लेकिन रास्ते में उनकी मौत हो गई।
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पीड़ित ने शव को गांव में लाकर अंतिम संस्कार कर दिया। पीड़ित अपने पिता के कमरे में कागजों को जांच कर रहा था तो वहां पर एक सुसाइड नोट लिखा हुआ मिला, जिसको उन्होंने 27 जून को लिखा था उनकी मौत का जिम्मेवार गांव निवासी सुंदर, हरिओम व खेमचंद उर्फ डागर है। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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पुलिस जांच अधिकारी टेक सिंह के अनुसार, गांव पेलक निवासी सागर ने शिकायत दर्ज कराई है कि उसके पिता पुष्कर खेती-बाड़ी के साथ-साथ एलआईसी पॉलिसी का काम भी करते थे। वे पॉलिसी का हिसाब-किताब गांव निवासी हरीओम के पास रखते थे। उन्होंने उसे एक लाख रुपये उधार भी दिए हुए थे, लेकिन पिछले कुछ दिनों से वह काम नहीं कर रहा था। हरिओम ने रुपये देने से भी साफ इंकार कर दिया था। बीती 26 जून को गांव निवासी सुंदर पीड़ित के पिता से स्कूटी मांग कर ले गया।
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उन्होंने स्कूटी वापस मांगी तो उसने भी इंकार कर दिया तथा विरोध करने पर गाली-गलौच भी की। पीड़ित के पिता ने अपनी सारी कमाई का लगभग दो लाख 50 हजार रुपये गांव निवासी खेमचंद उर्फ डागर को दे रखा था। खेमचंद ने भी उन रुपयों को वापस देने से मना कर दिया। जिस वजह से पीड़ित का पिता काफी दुखी रहने लगा। बीती 28 जून को पीड़ित के पिता की तबीयत अचानक खराब हो गई। पीड़ित अपने पिता को उपचार के लिए लेकर अस्पताल पहुंचा, लेकिन रास्ते में उनकी मौत हो गई।
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पीड़ित ने शव को गांव में लाकर अंतिम संस्कार कर दिया। पीड़ित अपने पिता के कमरे में कागजों को जांच कर रहा था तो वहां पर एक सुसाइड नोट लिखा हुआ मिला, जिसको उन्होंने 27 जून को लिखा था उनकी मौत का जिम्मेवार गांव निवासी सुंदर, हरिओम व खेमचंद उर्फ डागर है। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।