{"_id":"60ec2cbf8ebc3e9ec7470b7c","slug":"anganwadi-workers-gave-support-to-the-farmers-movement-palwal-news-noi5929827144","type":"story","status":"publish","title_hn":"आंगनबाड़ी वर्करों ने दिया किसान आंदोलन को समर्थन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आंगनबाड़ी वर्करों ने दिया किसान आंदोलन को समर्थन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पलवल। नए कृषि कानूनों के विरोध में केएमपी-केजीपी इंटरचेंज पर चल रहा किसानों का धरना सोमवार को भी जारी रहा। सैकड़ों आंगनबाड़ी वर्करों ने धरनास्थल पर पहुंचकर आंदोलन को समर्थन दिया। इस दौरान सरकार की जन विरोधी नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसानों ने सरकार से अपील कर कहा कि हम लोग सात माह से शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे हैं। सरकार को बातचीत के माध्यम से मामले को सुलझाना चाहिए और नए कृषि कानून वापस लें। आंगनबाड़ी वर्कर प्रधान उर्मिला रावत ने आंदोलन में हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया।
किसान नेता रतन सिंह सौरोत ने कहा कि भाजपा सरकार ‘न खाऊंगा और न खाने दूंगा’ जैसे नारे देकर सत्ता में आई। अब घोटाले उजागर हो रहे हैं और सरकार आंखें मूंदे बैठी है। हरियाणा में गेहूं खरीद में घोटाला किया गया, जिसकी जांच संयुक्त संसदीय समिति से करवानी चाहिए। इसके अलावा जिले में रेलवे कॉरिडोर, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फर्जी तरीके से ड्राइविंग लाइसेंस बनाने सहित अन्य घोटाले उजागर हुए हैं। इनमें शामिल अधिकारियों को निरंतर बचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि फसल खरीद में पूंजीपतियों के आने से सरकारी खरीद प्रक्रिया का अंत होना लाजमी है। सरकार फसलों की खरीद नहीं करेगी, जिसका सीधा असर सार्वजनिक वितरण प्रणाली पर पड़ेगा। मजदूर और गरीबों को सस्ता राशन मिलने की प्रक्रिया समाप्त हो जाएगी। देश में ऐसे लाभार्थियों की संख्या करीब 75 करोड़ है, जिन्हें सस्ता राशन नहीं मिलेगा और देश में गंभीर संकट पैदा हो जाएगा। किसान संघर्ष समिति के नेतृत्व में जारी धरने की अध्यक्षता शिव सिंह दरोगा ने की, जबकि संचालन रूपराम तेवतिया ने किया। धरने को किसान सभा के नेता धर्मचंद घुघेरा, डॉ. रघुवीर सिंह, श्रीपाल भाटी, सोहन पाल चौहान, पोहप सिंह, उदय सिंह सरपंच, राजेंद्र सिंह घर्रोट, भागीरथ बेनीवाल, रोशनलाल अल्लीका सहित अन्य ने संबोधित किया।
विज्ञापन
किसान नेता रतन सिंह सौरोत ने कहा कि भाजपा सरकार ‘न खाऊंगा और न खाने दूंगा’ जैसे नारे देकर सत्ता में आई। अब घोटाले उजागर हो रहे हैं और सरकार आंखें मूंदे बैठी है। हरियाणा में गेहूं खरीद में घोटाला किया गया, जिसकी जांच संयुक्त संसदीय समिति से करवानी चाहिए। इसके अलावा जिले में रेलवे कॉरिडोर, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फर्जी तरीके से ड्राइविंग लाइसेंस बनाने सहित अन्य घोटाले उजागर हुए हैं। इनमें शामिल अधिकारियों को निरंतर बचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि फसल खरीद में पूंजीपतियों के आने से सरकारी खरीद प्रक्रिया का अंत होना लाजमी है। सरकार फसलों की खरीद नहीं करेगी, जिसका सीधा असर सार्वजनिक वितरण प्रणाली पर पड़ेगा। मजदूर और गरीबों को सस्ता राशन मिलने की प्रक्रिया समाप्त हो जाएगी। देश में ऐसे लाभार्थियों की संख्या करीब 75 करोड़ है, जिन्हें सस्ता राशन नहीं मिलेगा और देश में गंभीर संकट पैदा हो जाएगा। किसान संघर्ष समिति के नेतृत्व में जारी धरने की अध्यक्षता शिव सिंह दरोगा ने की, जबकि संचालन रूपराम तेवतिया ने किया। धरने को किसान सभा के नेता धर्मचंद घुघेरा, डॉ. रघुवीर सिंह, श्रीपाल भाटी, सोहन पाल चौहान, पोहप सिंह, उदय सिंह सरपंच, राजेंद्र सिंह घर्रोट, भागीरथ बेनीवाल, रोशनलाल अल्लीका सहित अन्य ने संबोधित किया।
विज्ञापन