फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Palwal News ›   account holder

सेलरी व पेंशन खाता धारकों में बढ़ी परेशानी

Fri, 02 Dec 2016 05:04 PM IST
palwal
palwal Updated Fri, 02 Dec 2016 05:04 PM IST
विज्ञापन
account holder
- फोटो : पीलीभ्‍ाीत/उत्‍ततर प्रदेश्‍ा
 कैश की कमी से जूझ रहे लोगों को नोटबंदी के 23 वें दिन भी कोई राहत नहीं मिली। सेलरी व पेंशन धारक खातों वाले बैंकों में पहले दिन ही समस्या का विकराल रुप देखने को मिला। हालांकि प्रदेश सरकार ने अपने कर्मचारियों को 10-10 हजार रुपये नतदी देने का एलान कर दिया था, लेकिन फिर भी समस्या बढ़ती दिखी। 
विज्ञापन


भयानक कोहरे के व सर्दी के बावजूद भी अधिकांश बैंकों के बाहर सुबह सात बजे से ही लोगों की कतारें लगनी शुरू हो गईं। लेकिन बैंकों का दोपहर से ही पहले ही कैश खत्म हो गया व निराश लोगों को बैरंग लौटना पड़ा।
विज्ञापन


बृहस्पतिवार की सुबह करीब 10:30 बजे आईडीबीआई बैंक के एटीएम में नकदी डाले जाने की सूचना लोगों को मिली। देखते ही देखते एटीएम बूथ पर कैश निकालने के लिए लोगों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई व 12:30 बजते-बजते एटीएम ने भी पैसे उगलना बंद कर दिया। 
विज्ञापन
विज्ञापन

 
और बढ़ सकती है अधिक परेशानी  
बृहस्पतिवार से कर्मचारियों को वेतन मिलना शुरू हो गया। जिले में राष्ट्रीयकृत, सहकारी व निजी क्षेत्र के बैंकों की करीब 135 शाखाएं हैं। हालांकि यहां अधिकांश स्कूल व कंपनियां अपने कर्मचारियों को कैश में वेतन देती रही हैं। क्योंकि अब बैंकों से अधिक मात्रा में पैसे निकालना संभव नहीं है, जिसके चलते बैंकों में अगले कुछ दिनों में अपेक्षाकृत कई गुना भीड़ बढ़ने की संभावना है। हालांकि बैंक प्रबंधक पर्याप्त प्रबंध करने का दावा तो कर रहे हैं, लेकिन चालू हालात में लोगों को परेशानी बढ़ने की संभावना दिख रही है।  
 
सरकारी फैसलों से कहीं खुशी, कहीं आक्रोश  
पीएम मोदी के नोटबंदी के फैंसले से तो अधिकांश लोग सहमत दिखते हैं, लेकिन उसके बाद से आ रहे फैसलों को लेकर सांझी प्रतिक्रिया दिख रही है। बीजेपी से जुड़े व बजरंग दल के नेता पूर्व पार्षद मुनीष भारद्वाज पीएम मोदी के बीजेपी सांसदों व विधायकों के आठ नवंबर से 30 दिसंबर के बैंक खातों की डिटेल मांगने का तो स्वागत कर रहे हैं, लेकिन इसे नाकाफी बता रहे हैं। मुनीष का कहना है कि देश के सभी पार्टियों के सांसदों व विधायकों के खातों तथा संपत्ति की दो वर्ष पूर्व की जांच होनी चाहिए।


उनका कहना है कि सांसद व विधायकों के साथ-साथ सरकारी पदों पर आसीन लोगों के खातों का भी खुलासा किया जाना चाहिए। शिक्षाविद आरके शर्मा कहते हैं कि अगर सरकार को आधे-आधे में काले धन का फैसला करना था तो आम आदमी को इतना परेशान क्यों किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed