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डंपर ने बाइक को मारी टक्कर, दो छात्रों की मौत
Palwal
Updated Tue, 28 Aug 2012 12:00 PM IST
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तावड़ू । नूंह-तावडू़-बिलासपुर रोड पर झामूवास गांव के पास सोमवार की सुबह बाइक सवार दो छात्रों को डंपर ने कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इससे गुस्साए लोगों ने करीब छह घंटे तक सड़क पर ट्रैफिक जाम कर दिया। इस दौरान लोगों ने पुलिस पर पथराव किया और एक डंपर चालक को मारा-पीटा भी गया। बाद में मौके पर पहुंचे वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने किसी तरह माहौल शांत कराया।
जानकारी के अनुसार, गांव झामूवास निवासी सुरेन्द्र (19 ) पुत्र कृष्णकुमार और गांव जौरासी निवासी तेजपाल पुत्र जगदीश बाइक पर सवार होकर सिधरावली कॉलेज जा रहे थे। नूंह-तावडू़-बिलासपुर रोड पर झामूवास मोड़ पर एक डंपर ने बाइक में जोरदार टक्कर मार दी, जिससे दोनों की मौके पर मौत हो गई।
इसके बाद गुस्साए ग्रामीणों ने रोड जाम कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई, लेकिन उनके गुस्से को देखकर उनकी पास जाने की हिम्मत नहीं हुई। ग्रामीणों का आरोप था कि पुलिस वालों की मिलीभगत के चलते ही डंपरों पर लगाम नहीं लग पाई है और आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। लोगों ने कहा कि यहां जल्द से जल्द स्पीड ब्रेकर बनवाए जाएं और डंपर चालकों पर कार्रवाई की जाए।
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जाम की सूचना पाकर एसपी पतराम सिंह, डीएसपी सुभाष चंद, तहसीलदार हनुमान सिंह मौके पर पहुंचे और लोगों को स्पीड ब्रेकर बनाने का भरोसा दिया है। इसके बाद ग्रामीण शांत हुए और यातायात के लिए रास्ता खोल दिया। छह घंटे तक लगे जाम से अन्य वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। एसपी ने कहा कि आरोपी डंपर चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।
डंपर हुए बेलगाम
प्रशासन ओवरलोड और तेज रफ्तार डंपरों पर लगाम लगाने का दावा भले ही करे पर हकीकत कुछ और ही है। सड़कों पर आज भी डंपर मौत बनकर घूम रहे हैं। पुलिस कप्तान दावा कर चुके हैं कि डंपरों पर लगाम लगाने की एक खास योजना पर अमल हो रहा है, लेकिन दुर्घटनाएं लगातार हो रही हैं।
इस बारे में कंवर सिंह, धर्मसिंह, ज्ञानी, गजराज, देशराज का कहना है कि हादसे से क्षेत्र के लोग हिल गए हैं।
हादसे दर हादसे
-जुलाई में रेवाड़ी से दिल्ली जा रही सवारियों से भरी निजी बस पलटी, तीन की मौत 11 जख्मी।
-धारूहेड़ा हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के सामने पत्थरों से भरा डंपर कार पर पलटा। छह की मौत
-मई में बादशाहपुर के पास एक बाइक सवार की मौत
-जून में फर्रूखनगर में ट्राले की टक्कर से कार सवार की मौत
-12 जुलाई को सोहना-पलवल मार्ग पर डंपर ने दो भाइयों को कुचला
--मई में मानेसर के पास पत्थरों से भरा डंपर पलटा, बाइक सवार की मौत
-पचगांव चौक पर शिकोहपुर की महिला की मौत
-अप्रैल में बिलासपुर के पास ट्रक की ब्रेक फेल होने से कार सवार दंपति की मौत
-बिलासपुर चौक पर ट्रक की टक्कर से बाइक सवार महिला और बच्ची की मौत
छह महीने में 504 दुर्घटनाएं
पुलिस रिकार्ड के अनुसार छह महीनों में 504 दुर्घटनाएं हो चुकी है। इनमें से 204 दुर्घटनाएं अति भयंकर श्रेणी में दर्ज की गई हैं। 212 लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि 192 लोगों की अस्पताल या रास्ते में जान गई। इनमें 70 फीसदी दुर्घटना भारी वाहनों के कारण हुई।
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जानकारी के अनुसार, गांव झामूवास निवासी सुरेन्द्र (19 ) पुत्र कृष्णकुमार और गांव जौरासी निवासी तेजपाल पुत्र जगदीश बाइक पर सवार होकर सिधरावली कॉलेज जा रहे थे। नूंह-तावडू़-बिलासपुर रोड पर झामूवास मोड़ पर एक डंपर ने बाइक में जोरदार टक्कर मार दी, जिससे दोनों की मौके पर मौत हो गई।
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इसके बाद गुस्साए ग्रामीणों ने रोड जाम कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई, लेकिन उनके गुस्से को देखकर उनकी पास जाने की हिम्मत नहीं हुई। ग्रामीणों का आरोप था कि पुलिस वालों की मिलीभगत के चलते ही डंपरों पर लगाम नहीं लग पाई है और आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। लोगों ने कहा कि यहां जल्द से जल्द स्पीड ब्रेकर बनवाए जाएं और डंपर चालकों पर कार्रवाई की जाए।
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जाम की सूचना पाकर एसपी पतराम सिंह, डीएसपी सुभाष चंद, तहसीलदार हनुमान सिंह मौके पर पहुंचे और लोगों को स्पीड ब्रेकर बनाने का भरोसा दिया है। इसके बाद ग्रामीण शांत हुए और यातायात के लिए रास्ता खोल दिया। छह घंटे तक लगे जाम से अन्य वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। एसपी ने कहा कि आरोपी डंपर चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।
डंपर हुए बेलगाम
प्रशासन ओवरलोड और तेज रफ्तार डंपरों पर लगाम लगाने का दावा भले ही करे पर हकीकत कुछ और ही है। सड़कों पर आज भी डंपर मौत बनकर घूम रहे हैं। पुलिस कप्तान दावा कर चुके हैं कि डंपरों पर लगाम लगाने की एक खास योजना पर अमल हो रहा है, लेकिन दुर्घटनाएं लगातार हो रही हैं।
इस बारे में कंवर सिंह, धर्मसिंह, ज्ञानी, गजराज, देशराज का कहना है कि हादसे से क्षेत्र के लोग हिल गए हैं।
हादसे दर हादसे
-जुलाई में रेवाड़ी से दिल्ली जा रही सवारियों से भरी निजी बस पलटी, तीन की मौत 11 जख्मी।
-धारूहेड़ा हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के सामने पत्थरों से भरा डंपर कार पर पलटा। छह की मौत
-मई में बादशाहपुर के पास एक बाइक सवार की मौत
-जून में फर्रूखनगर में ट्राले की टक्कर से कार सवार की मौत
-12 जुलाई को सोहना-पलवल मार्ग पर डंपर ने दो भाइयों को कुचला
--मई में मानेसर के पास पत्थरों से भरा डंपर पलटा, बाइक सवार की मौत
-पचगांव चौक पर शिकोहपुर की महिला की मौत
-अप्रैल में बिलासपुर के पास ट्रक की ब्रेक फेल होने से कार सवार दंपति की मौत
-बिलासपुर चौक पर ट्रक की टक्कर से बाइक सवार महिला और बच्ची की मौत
छह महीने में 504 दुर्घटनाएं
पुलिस रिकार्ड के अनुसार छह महीनों में 504 दुर्घटनाएं हो चुकी है। इनमें से 204 दुर्घटनाएं अति भयंकर श्रेणी में दर्ज की गई हैं। 212 लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि 192 लोगों की अस्पताल या रास्ते में जान गई। इनमें 70 फीसदी दुर्घटना भारी वाहनों के कारण हुई।