{"_id":"5beb062cbdec2269a7717244","slug":"91542129196-palwal-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गुलाबी ठण्ड और बढती मौसमी एलर्जी के चलते लोग आ रहे वायरल की चपेट में","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गुलाबी ठण्ड और बढती मौसमी एलर्जी के चलते लोग आ रहे वायरल की चपेट में
Updated Tue, 13 Nov 2018 10:43 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अस्पतालों में एलर्जी और बुखार की ओपीडी 100 के पार पहुंची
- चिकित्सक मरीजों को सावधानियां बरतने की दे रहे हैं सलाह
हथीन। मौसम का पारा लुढ़कते ही अस्पतालों में सर्दी, जुकाम और बुखार के मरीजों की ओपीडी बढ़ने लगी है। अस्पतालों में सामान्य से ओपीडी 150 पार हो गई है। हथीन और पलवल के सरकारी अस्पतालों में मरीजों की सुबह से भीड़ आना शुरू हो जाती है। ऐसे में डॉक्टर भी मरीजों को सर्दी और एलर्जी के बचने के लिए सावधानियां बता रहे हैं।
मौसम में बदलाव होते ही सर्दी से बच्चे और बुजुर्गों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल के चिकित्सकों के मुताबिक अक्टूबर में ओपीडी के मरीजों की संख्या करीब 45- 50 तक रहती थी लेकिन अब सिर्फ यह आंकड़ा अचानक से 150 के पार पहुंच गया है। इसमें अधिकतर मरीज कोल्ड एलर्जी और सर्दी, जुकाम और बुखार से पीड़ित हैं। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि अस्पताल में अचानक मरीजों की संख्या बढ़ने से चिकित्सकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं स्वास्थ्य विभाग की ओर से मौसमी बीमारी को लेकर कोई एलर्ट नहीं किया था। मरीजों की अधिक संख्या होने के कारण अस्पतालों में सुबह से ओपीडी के बाहर और पर्चा काउंटर के बाहर लंबी-लंबी लाइनें लगना शुरू हो जाती हैं। चिकित्सकों ने बताया कि दवाई काउंटर पर भी मरीजों को लंबी लाइन में खड़ा होना पड़ता है। दोपहर करीब 2 बजे तक अस्पतालों में ऐसे ही हालात रहते हैं।
दमा व कोल्ड एलर्जी के मरीज बरतें ज्यादा सावधानी
हथीन सिविल अस्पताल के एसएमओ डॉक्टर मनीष गर्ग का कहना है कि इस मौसम में दमा व कोल्ड एलर्जी के मरीजों को ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए। ऐसे समय में इन बीमारियों का प्रभाव ज्यादा बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि चढ़ती ठंड ज्यादा परेशान करती है। ऐसे में यह न सोचे की ठंड नहीं बल्कि गरम कपड़े पहनकर इससे बचने का प्रयास करें। ऐसे में संतुलित भोजन, संयमित आचार-व्यवहार से भी इन बीमारियों से बचा जा सकता है। शरीर के अंगों को खुला नहीं रखें। देर रात तक नहीं जगे। नियमित व्यायाम करें। समय पर ताजा भोजन करें।
विज्ञापन
बचाव का उपाय
मौसम के अनुसार कपड़े का चयन करें, ठंडी हवा व ओस से बचें, ताजे खाना का उपयोग करें, बासी खाना नहीं खाएं, पानी को उबाल कर पीना चाहिए, संध्या के बाद शरीर को पूर्ण रूप से ढंक कर रखें, धूप का सेवन दोपहर में दस-बीस मिनटों तक करें।
विज्ञापन
- चिकित्सक मरीजों को सावधानियां बरतने की दे रहे हैं सलाह
हथीन। मौसम का पारा लुढ़कते ही अस्पतालों में सर्दी, जुकाम और बुखार के मरीजों की ओपीडी बढ़ने लगी है। अस्पतालों में सामान्य से ओपीडी 150 पार हो गई है। हथीन और पलवल के सरकारी अस्पतालों में मरीजों की सुबह से भीड़ आना शुरू हो जाती है। ऐसे में डॉक्टर भी मरीजों को सर्दी और एलर्जी के बचने के लिए सावधानियां बता रहे हैं।
मौसम में बदलाव होते ही सर्दी से बच्चे और बुजुर्गों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल के चिकित्सकों के मुताबिक अक्टूबर में ओपीडी के मरीजों की संख्या करीब 45- 50 तक रहती थी लेकिन अब सिर्फ यह आंकड़ा अचानक से 150 के पार पहुंच गया है। इसमें अधिकतर मरीज कोल्ड एलर्जी और सर्दी, जुकाम और बुखार से पीड़ित हैं। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि अस्पताल में अचानक मरीजों की संख्या बढ़ने से चिकित्सकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं स्वास्थ्य विभाग की ओर से मौसमी बीमारी को लेकर कोई एलर्ट नहीं किया था। मरीजों की अधिक संख्या होने के कारण अस्पतालों में सुबह से ओपीडी के बाहर और पर्चा काउंटर के बाहर लंबी-लंबी लाइनें लगना शुरू हो जाती हैं। चिकित्सकों ने बताया कि दवाई काउंटर पर भी मरीजों को लंबी लाइन में खड़ा होना पड़ता है। दोपहर करीब 2 बजे तक अस्पतालों में ऐसे ही हालात रहते हैं।
विज्ञापन
दमा व कोल्ड एलर्जी के मरीज बरतें ज्यादा सावधानी
हथीन सिविल अस्पताल के एसएमओ डॉक्टर मनीष गर्ग का कहना है कि इस मौसम में दमा व कोल्ड एलर्जी के मरीजों को ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए। ऐसे समय में इन बीमारियों का प्रभाव ज्यादा बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि चढ़ती ठंड ज्यादा परेशान करती है। ऐसे में यह न सोचे की ठंड नहीं बल्कि गरम कपड़े पहनकर इससे बचने का प्रयास करें। ऐसे में संतुलित भोजन, संयमित आचार-व्यवहार से भी इन बीमारियों से बचा जा सकता है। शरीर के अंगों को खुला नहीं रखें। देर रात तक नहीं जगे। नियमित व्यायाम करें। समय पर ताजा भोजन करें।
विज्ञापन
बचाव का उपाय
मौसम के अनुसार कपड़े का चयन करें, ठंडी हवा व ओस से बचें, ताजे खाना का उपयोग करें, बासी खाना नहीं खाएं, पानी को उबाल कर पीना चाहिए, संध्या के बाद शरीर को पूर्ण रूप से ढंक कर रखें, धूप का सेवन दोपहर में दस-बीस मिनटों तक करें।