{"_id":"6831ff7f4f5f2806620ff889","slug":"60-bangladeshis-entered-india-through-a-bengal-broker-their-network-spread-from-rewari-to-hathin-palwal-news-c-24-1-as11003-114800-2025-05-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Palwal News: बंगाल के दलाल के जरिए भारत में घुसे थे 60 बांग्लादेशी, रेवाड़ी से हथीन तक फैलाया नेटवर्क","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Palwal News: बंगाल के दलाल के जरिए भारत में घुसे थे 60 बांग्लादेशी, रेवाड़ी से हथीन तक फैलाया नेटवर्क
विज्ञापन
उटावड के दो ईंट भट्ठों पर पकड़े गए दर्जनभर बांग्लादेशी का मामला, फर्जी आधार कार्ड और बिना वेरिफिकेशन के कर रहे थे मजदूरी
संवाद न्यूज एजेंसी
हथीन। उटावड थाना क्षेत्र के दो ईंट भट्ठों पर पकड़े गए 60 बांग्लादेशी नागरिकों के मामले ने सुरक्षा एजेंसियों को चौकन्ना कर दिया है। मुख्यमंत्री उड़नदस्ता की टीम ने शुरुआती जांच में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। बताया जा रहा है कि ये सभी बांग्लादेशी नागरिक जहांगीर नामक बांग्लादेशी दलाल के माध्यम से अवैध रूप से भारत में दाखिल हुए। जहांगीर ने उन्हें पश्चिम बंगाल के इरशाद अली नामक दलाल के पास भेजा, जिसने उन्हें हरियाणा के रेवाड़ी जिले के विभिन्न ईंट भट्ठों तक पहुंचा दिया। इनमें मांडिया गांव स्थित बाला जी भट्ठा, हरिनगर के चमन और धींगड़ा ईंट भट्ठे शामिल हैं।
हाल ही में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत-पाक संबंधों में बढ़ते तनाव के मद्देनजर खुफिया एजेंसियां पहले से अलर्ट पर थीं। इसी दौरान रेवाड़ी के ईंट भट्ठों पर अवैध रूप से काम कर रहे बांग्लादेशी नागरिकों की गतिविधियों पर संदेह हुआ और जांच का दायरा फैलाया गया। दबाव बढ़ता देख इन्हीं में से एक बांग्लादेशी ठेकेदार जैदुल इन्हें लेकर हथीन के उटावड गांव स्थित बाला जी व कृष्णा ईंट भट्ठों तक पहुंच गया। जांच में खुलासा हुआ है कि इन बांग्लादेशी नागरिकों में से तीन ने फर्जी भारतीय आधार कार्ड भी बनवा रखे हैं। हैरानी की बात यह है कि ईंट भट्ठा मालिकों द्वारा इनकी कोई पुलिस वेरिफिकेशन तक नहीं कराई गई, जिससे सुरक्षा तंत्र की बड़ी चूक सामने आई है।
हथीन के डीएसपी मोहिंदर सिंह ने बताया कि सभी बांग्लादेशी नागरिकों को फिलहाल जिला पुलिस लाइन में रखा गया है और उन्हें डिपोर्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस अब दलालों के नेटवर्क की तह तक जाने और इस पूरे रैकेट में शामिल अन्य लोगों की गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है। यह मामला न केवल अवैध प्रवास बल्कि देश की आंतरिक सुरक्षा के लिहाज से भी गंभीर माना जा रहा है। मामले की तह तक पहुंचने के लिए केंद्रीय एजेंसियों से समन्वय भी किया जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
हथीन। उटावड थाना क्षेत्र के दो ईंट भट्ठों पर पकड़े गए 60 बांग्लादेशी नागरिकों के मामले ने सुरक्षा एजेंसियों को चौकन्ना कर दिया है। मुख्यमंत्री उड़नदस्ता की टीम ने शुरुआती जांच में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। बताया जा रहा है कि ये सभी बांग्लादेशी नागरिक जहांगीर नामक बांग्लादेशी दलाल के माध्यम से अवैध रूप से भारत में दाखिल हुए। जहांगीर ने उन्हें पश्चिम बंगाल के इरशाद अली नामक दलाल के पास भेजा, जिसने उन्हें हरियाणा के रेवाड़ी जिले के विभिन्न ईंट भट्ठों तक पहुंचा दिया। इनमें मांडिया गांव स्थित बाला जी भट्ठा, हरिनगर के चमन और धींगड़ा ईंट भट्ठे शामिल हैं।
हाल ही में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत-पाक संबंधों में बढ़ते तनाव के मद्देनजर खुफिया एजेंसियां पहले से अलर्ट पर थीं। इसी दौरान रेवाड़ी के ईंट भट्ठों पर अवैध रूप से काम कर रहे बांग्लादेशी नागरिकों की गतिविधियों पर संदेह हुआ और जांच का दायरा फैलाया गया। दबाव बढ़ता देख इन्हीं में से एक बांग्लादेशी ठेकेदार जैदुल इन्हें लेकर हथीन के उटावड गांव स्थित बाला जी व कृष्णा ईंट भट्ठों तक पहुंच गया। जांच में खुलासा हुआ है कि इन बांग्लादेशी नागरिकों में से तीन ने फर्जी भारतीय आधार कार्ड भी बनवा रखे हैं। हैरानी की बात यह है कि ईंट भट्ठा मालिकों द्वारा इनकी कोई पुलिस वेरिफिकेशन तक नहीं कराई गई, जिससे सुरक्षा तंत्र की बड़ी चूक सामने आई है।
विज्ञापन
हथीन के डीएसपी मोहिंदर सिंह ने बताया कि सभी बांग्लादेशी नागरिकों को फिलहाल जिला पुलिस लाइन में रखा गया है और उन्हें डिपोर्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस अब दलालों के नेटवर्क की तह तक जाने और इस पूरे रैकेट में शामिल अन्य लोगों की गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है। यह मामला न केवल अवैध प्रवास बल्कि देश की आंतरिक सुरक्षा के लिहाज से भी गंभीर माना जा रहा है। मामले की तह तक पहुंचने के लिए केंद्रीय एजेंसियों से समन्वय भी किया जा सकता है।
विज्ञापन