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मेगा हाइवे के लिए भूमि अधिग्रहण की दरें हुई निर्धारित्र
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-जनवरी में ही मुआवजा वितरण होगा शुरू
हथीन। दिल्ली-वडोदरा मुंबई मेगा हाइवे के निर्माण के लिए हथीन उपमण्डल के सात गांवों की अधिगृहीत की जा रही भूमि का अवार्ड जारी हो चुका है। अब नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया से संबंधित गांवों के किसानों को अवार्ड के तहत मुआवजा वितरित करेगी। उक्त मेगा हाइवे के लिए मिंडकौला की 29.394 हेक्टेयर, रिवड़ की 3.61, मीरका की 3.6394, पौंडरी की 16.5877, अकबरपुर नाटौल की 4.9594, चांदाका की 0.7131 एवं बिघावली की 16.1423 हेक्टेयर भूमि अधिगृहीत की जा रही है। इस भूमि के लिए अवार्ड की घोषणा जिला राजस्व अधिकारी नरेश ने किया। यहां क्षेत्रों के गांव के लिए अलग-अलग अवार्ड घोषित किया गया है। अवार्ड घोषित करते समय सोहना रोड पर पड़ने वाले गांवों की भूमि के रेट अधिक घोषित किए गए है। रोड की गहराई से लेकर रोड की दो किलोमीटर तक की गहराई को लेकर मूल्य का निर्धारण किया गया है। मिंडकौला गांव का जो एरिया केएमपी एक्सप्रेस वे के निकट है। उसमें प्रति एकड़ अधिकतम मुआवजा 1,2,92,0600 रुपये निर्धारित किया है। वहीं मिंडकौला के भूमि का ही मुआवजा 90 लाख एवं 72 लाख प्रति एकड़ की दर से तय किया गया है। मीरका की भूमि का मुआवजा 51 लाख 46 हजार तीन सौ एक रुपये प्रति एकड़ तय किया गया है। यही दर बिघावली, चांदका एवं अकबरपुर नाटौल के लिए निर्धारित की गई है। वहीं रीबड और पौंडरी की भूमि का मुआवजा रेट 59,18,247 रुपये प्रति एकड़ निर्धारित किया गया है। जिला राजस्व अधिकारी नरेश का कहना कि इस बारे में एनएचएआई के अधिकारियों को रिपोर्ट बना कर भेज दी गयी है। जनवरी माह में ही मुआवजा वितरण का काम शुरू हो जाएगा। वहीं दूसरी तरफ मुआवजा गुड़गांव की तर्ज पर लेने की मांग में किसानों का आंदोलन जारी है। वहीं दूसरी ओर मंगलवार को भी किसान धरने पर बैठे रहे और रोष भी प्रकट किया। किसानों की मांग है कि मुआवजा राशि 3 करोड़ प्रति एकड़ की दर से गुड़गांव की तर्ज पर दिया जाए।
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हथीन। दिल्ली-वडोदरा मुंबई मेगा हाइवे के निर्माण के लिए हथीन उपमण्डल के सात गांवों की अधिगृहीत की जा रही भूमि का अवार्ड जारी हो चुका है। अब नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया से संबंधित गांवों के किसानों को अवार्ड के तहत मुआवजा वितरित करेगी। उक्त मेगा हाइवे के लिए मिंडकौला की 29.394 हेक्टेयर, रिवड़ की 3.61, मीरका की 3.6394, पौंडरी की 16.5877, अकबरपुर नाटौल की 4.9594, चांदाका की 0.7131 एवं बिघावली की 16.1423 हेक्टेयर भूमि अधिगृहीत की जा रही है। इस भूमि के लिए अवार्ड की घोषणा जिला राजस्व अधिकारी नरेश ने किया। यहां क्षेत्रों के गांव के लिए अलग-अलग अवार्ड घोषित किया गया है। अवार्ड घोषित करते समय सोहना रोड पर पड़ने वाले गांवों की भूमि के रेट अधिक घोषित किए गए है। रोड की गहराई से लेकर रोड की दो किलोमीटर तक की गहराई को लेकर मूल्य का निर्धारण किया गया है। मिंडकौला गांव का जो एरिया केएमपी एक्सप्रेस वे के निकट है। उसमें प्रति एकड़ अधिकतम मुआवजा 1,2,92,0600 रुपये निर्धारित किया है। वहीं मिंडकौला के भूमि का ही मुआवजा 90 लाख एवं 72 लाख प्रति एकड़ की दर से तय किया गया है। मीरका की भूमि का मुआवजा 51 लाख 46 हजार तीन सौ एक रुपये प्रति एकड़ तय किया गया है। यही दर बिघावली, चांदका एवं अकबरपुर नाटौल के लिए निर्धारित की गई है। वहीं रीबड और पौंडरी की भूमि का मुआवजा रेट 59,18,247 रुपये प्रति एकड़ निर्धारित किया गया है। जिला राजस्व अधिकारी नरेश का कहना कि इस बारे में एनएचएआई के अधिकारियों को रिपोर्ट बना कर भेज दी गयी है। जनवरी माह में ही मुआवजा वितरण का काम शुरू हो जाएगा। वहीं दूसरी तरफ मुआवजा गुड़गांव की तर्ज पर लेने की मांग में किसानों का आंदोलन जारी है। वहीं दूसरी ओर मंगलवार को भी किसान धरने पर बैठे रहे और रोष भी प्रकट किया। किसानों की मांग है कि मुआवजा राशि 3 करोड़ प्रति एकड़ की दर से गुड़गांव की तर्ज पर दिया जाए।