फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Palwal News ›   14 km long railway line will be laid between Prithla-Palwal

Palwal News: पृथला-पलवल के बीच बिछेगी 14 किमी लंबी डबल रेलवे लाइन

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 03 Jun 2026 11:27 PM IST
विज्ञापन
14 km long railway line will be laid between Prithla-Palwal
हेमंत शर्मा
विज्ञापन


पलवल। क्षेत्र में माल परिवहन को गति देने और औद्योगिक गतिविधियों को मजबूत बनाने के उद्देश्य से पृथला से पलवल के बीच करीब 14 किलोमीटर लंबी डबल रेलवे लाइन बिछाई जाएगी। रेलवे के इस परियोजना के साकार होने से मालवाहक ट्रेनों का संचालन अधिक सुगम होगा और पृथला औद्योगिक क्षेत्र को नई पहचान मिलेगी। इस योजना से उद्योगों को मालभाड़े में लगभग 30 फीसदी तक की बचत होने की उम्मीद है।

पृथला में 250 औद्योगिक इकाइयां है संचलित

पृथला औद्योगिक क्षेत्र जिला मुख्यालय से करीब नौ किलोमीटर दूर फरीदाबाद जिले की सीमा से सटा हुआ है। बधौला, पृथला, ततारपुर, दूधौला, जटौला, घतीर, छपरौला, सिकंदरपुर, नंगला भीकू और देवली गांव इस औद्योगिक क्षेत्र का हिस्सा हैं। यहां छोटी-बड़ी 250 से अधिक औद्योगिक इकाइयां संचालित हो रही हैं, जिनसे जिले के करीब 20 हजार लोगों को रोजगार मिल रहा है। पृथला क्षेत्र के उद्योग से हर वर्ष सरकार को करोड़ों रुपये का जीएसटी राजस्व मिलता है। उद्योगपतियों द्वारा लंबे समय से बेहतर रेल कनेक्टिविटी की मांग की जा रही थी।
विज्ञापन


दिल्ली-मुंबई फ्रेट कॉरिडोर से जुड़ेगा पृथला

रेल मंत्रालय पहले ही दिल्ली-मुंबई डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर को पृथला से पलवल रेल लाइन के साथ जोड़ने के प्रस्ताव को मंजूरी दे चुका है। लगभग 3.5 किलोमीटर लंबे इस रेल संपर्क के बाद पृथला फ्रेट कॉरिडोर और सामान्य रेल नेटवर्क दोनों से जुड़ जाएगा। इसके अलावा कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) के बीच प्रस्तावित 121 किलोमीटर लंबी दोहरी रेल लाइन का सीधा जुड़ाव भी पलवल स्टेशन से होगा। हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर परियोजना के तहत बनने वाली यह लाइन क्षेत्र की रेल कनेक्टिविटी को और मजबूत करेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली-मुंबई फ्रेट कॉरिडोर, हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर और पृथला-पलवल डबल लाइन परियोजना के एक साथ विकसित होने से पृथला औद्योगिक क्षेत्र एनसीआर में रेल कनेक्टिविटी का प्रमुख हब बनेगा। इससे माल ढुलाई क्षमता बढ़ेगी और उद्योगों को प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिलेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


सड़क संपर्क पहले से ही है मजबूत

गौरतलब है कि केएमपी, केजीपी और दिल्ली-बड़ोदरा-मुंबई एक्सप्रेसवे के बाद क्षेत्र सड़क संपर्क के मामले में पहले ही मजबूत स्थिति में है। अब रेल मंत्रालय की इस योजना से उद्योगों को मालभाड़े में लगभग 30 फीसदी तक की बचत होने की उम्मीद है। हालांकि, परियोजना को धरातल पर उतरने में अभी समय लगेगा, लेकिन उद्योग जगत को विश्वास है कि यह योजना क्षेत्र के आर्थिक विकास की नई आधारशिला साबित होगी।



2011 में औद्योगिक क्षेत्र के रूप में हुआ विकसित



वर्ष 2010-11 में सरकार ने इस क्षेत्र को औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित किया था। वर्तमान में यहां ऑटो कंपोनेंट सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी इकाइयां कार्यरत हैं। इनमें 16 बड़े उद्योग ऐसे हैं, जिनका वार्षिक कारोबार 250 करोड़ रुपये से अधिक है। उद्योगपतियों का मानना है कि डबल रेलवे लाइन बनने से कच्चे माल की आपूर्ति और तैयार उत्पादों के परिवहन में समय और लागत दोनों की बचत होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article