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13 माह बाद बने शौचालय, फिर भी जड़ा है ताला
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 08 Jan 2017 05:34 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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सरकारी घोषणाओं का धरातल पर क्या हाल है। इस का एक नमूना शहर के मुख्य चौराहे मीनार गेट पर बनी पार्किंग व शौचालय दिखा रहे हैं। यहां घोषणा के 13 माह बाद शौचालय तो बने, लेकिन उद्घाटन के तुरंत बाद ही उस पर ताले लटका दिए गए।
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इसी प्रकार पार्किंग का भी उद्घाटन किया गया, लेकिन वहां केवल निर्माण के नाम पर एक बोर्ड लगाकर इतिश्री कर ली गई। हालांकि प्रशासनिक अधिकारी कह रहे हैं कि पार्किंग में अभी कार्य कराया जाना बाकी है।
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शहर के बीचों-बीच स्थित पुराना अस्पताल परिसर में वर्षों पूर्व आधुनिक शॉपिंग कांप्लेक्स बनाने की योजना बनी थी। पूर्ववर्ती सरकार में उसे लेकर बड़े-बड़े दावे किए गए थे, लेकिन वह केवल बेसमेंट खुदाई तक ही सीमित रह गया व सरकार बदलने के साथ ही योजना भी ठंडे बस्ते में चली गई।
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वर्तमान सरकार में ओहदेदारों ने शहर में शौचालय व पार्किंग की समस्या को देखते हुए इस स्थान पर निशुल्क पार्किंग व शौचालय बनाने की योजना बनाई। जिसके तहत पांच सितंबर 2015 को सीएम मनोहर लाल के राजनीतिक सचिव दीपक मंगला ने यहां शौचालय व पार्किंग बनाने के निर्माण कार्य की शुरुआत की।
उस समय उन्होंने दावा किया था कि आधुनिक तरीके से बनाई जाने वाली पार्किंग व शौचालयों का निर्माण छह माह में पूरा कर लिया जाएगा। 13 महीने के लंबे इंतजार के बाद शौचालयों का कार्य तो हुआ, लेकिन उद्घाटन के बाद से ही उन पर ताले लटके हुए हैं।
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-उम्मीद थी कि लोगों को सुविधाएं मुहैया होंगी। लेकिन यहां तो उद्घाटन के बाद से ही शौचालयों पर ताले लटके हैं। प्रसाधन के नाम पर पुरुषों के यूरिनल तो खुले हैं, लेकिन उनमें दुर्गंध के चलते वहां पैर ही नहीं पड़ते।
-यशवीर सचदेवा, व्यापारी, मीनार गेट, पलवल।
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- कई बार शिकायत की है, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। सवाल यह है कि आखिर ऐसे जिला कैसे खुले में शौचमुक्त होगा। नगर परिषद प्रशासन को इस तरफ ध्यान देकर सुविधाएं शुरू करानी चाहिए।
-प्रवीन गर्ग, महासचिव, हरियाणा व्यापार मंडल।
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-शौचालयों पर ताला जड़ा है, यह उनके संज्ञान में नहीं है। वे खुद मौके का निरीक्षण करेंगी व व्यवस्था को सुचारु किया जाएगा। पार्किंग का कार्य अभी होना है, इसके लिए जल्दी ही ठेका छोड़ा जाएगा। शौचालयों के लिए स्पेशल कर्मचारी की भी व्यवस्था की जाएगी।
-इंदू भारद्वाज, चेयरपर्सन, नगर परिषद, पलवल।