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Palwal News: 166 गांवों में जलकर्मियों के 120 पद रिक्त, जलापूर्ति में बाधा
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3 साल बाद भी आगे नहीं बढ़ी नियुक्ति प्रक्रिया
गुरुदत्त भारद्वाज
पुन्हाना। गांवों में घर-घर पेयजल पहुंचाने के लिए बनाए गए वाटर टैंकों की व्यवस्था जलकर्मियों के अभाव में प्रभावित हो रही है। पुन्हाना, पिनगवां और नगीना खंड के करीब 166 गांवों में जलकर्मियों के 120 से अधिक पद लंबे समय से रिक्त पड़े हैं। जलकर्मियों की नियुक्ति के लिए वर्ष 2023 में विकास एवं पंचायत विभाग के निदेशक की ओर से पंचायत विभाग को पत्र जारी कर प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन करीब तीन साल बीतने के बाद भी नियुक्ति प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी है।
गांवों में बने वाटर टैंकों से पेयजल आपूर्ति की जिम्मेदारी जलकर्मियों की होती है। इनकी नियुक्ति नहीं होने के कारण कई गांवों में वाटर टैंक और पेयजल सप्लाई व्यवस्था प्रभावित रहती है। कहीं समय पर पानी की आपूर्ति नहीं हो पाती तो कहीं तकनीकी खराबी आने के बाद उसे ठीक कराने में देरी होती है। इससे ग्रामीणों को पेयजल समस्या का सामना करना पड़ता है।
आवेदन के बाद भी नहीं मिली नियुक्ति
तुसैनी गांव निवासी मकसूद, बिछोर गांव निवासी खुर्शीद सहित कई लोगों का कहना है कि जलकर्मियों की नियुक्ति के लिए संबंधित गांवों से युवाओं ने आवेदन किए थे। कई जगह पंचायत स्तर पर नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू करने के लिए प्रस्ताव भी तैयार किए गए, लेकिन इसके बाद मामला सरकारी कार्यालयों की प्रक्रिया में उलझ कर रह गया। ग्रामीणों के अनुसार लंबे समय से आवेदनों और नियुक्ति संबंधी फाइलों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि गर्मी के मौसम में पेयजल की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में वाटर टैंकों पर कर्मचारी नहीं होने से व्यवस्था संभालना मुश्किल हो जाता है। यदि किसी गांव में मोटर, पाइपलाइन या टैंक से संबंधित तकनीकी समस्या आती है तो उसके समाधान में भी समय लग जाता है। ग्रामीणों ने रिक्त पदों पर जल्द नियुक्ति करने की मांग की है, ताकि पेयजल आपूर्ति नियमित हो सके।
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ऐसे होती है नियुक्ति
जल कर्मी की नियुक्ति के लिए सबसे पहले संबंधित ग्राम पंचायत की ओर से प्रस्ताव पारित किया जाता है। प्रस्ताव जन स्वास्थ्य विभाग को भेजा जाता है। जन स्वास्थ्य विभाग प्रस्ताव की जांच-पड़ताल करने के बाद ग्राम पंचायत को नियुक्ति की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए लिखता है। इसके बाद ग्राम पंचायत को खंड एवं पंचायत विकास कार्यालय से आवश्यक मंजूरी लेनी होती है। मंजूरी मिलने के बाद स्थानीय समाचार पत्र में नियुक्ति के लिए विज्ञापन प्रकाशित कराया जाता है। इसके बाद निर्धारित योग्यता रखने वाले उम्मीदवारों का साक्षात्कार लिया जाता है और प्रक्रिया के अनुसार जलकर्मी का चयन किया जाता है। जल कर्मी के पद पर नियुक्ति के लिए उम्मीदवार का दसवीं पास होना आवश्यक है। इसके साथ ही उसकी आयु 55 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए।
वर्जन
जलकर्मियों के पदों को भरने के लिए विभागीय कार्रवाई चल रही है। कोशिश है कि जल्द ही सभी पदों को भर लिया जायेगा। रिक्त पद भरने के बाद लोगों को पानी सुचारू रूप से मिलेगा। इसके अलावा अगर किसी गांव में पानी कि समस्या बन रही है तो उसका जल्द समाधान कराया जायेगा। - अखिल पिलानी, जिला उपायुक्त
कोट
गांव में वाटर टैंक तो बना हुआ है, लेकिन उसकी देखरेख के लिए जलकर्मी नहीं होने से परेशानी होती है। मोटर या पाइपलाइन में खराबी आने पर उसे ठीक कराने में कई दिन लग जाते हैं। नियुक्तियां जल्द पूरी करनी चाहिए। - मकसूद, तुसैनी
जलकर्मी की नियुक्ति के लिए गांव के युवाओं ने आवेदन किए थे। पंचायत स्तर पर भी प्रक्रिया शुरू करने की बात हुई थी, लेकिन आज तक नियुक्ति नहीं हो सकी। कर्मचारी होने से टैंक की देखरेख और पानी की सप्लाई बेहतर होगी। - खुर्शीद, बिछोर
जिले के अधिकतर गांव में पंप ऑपरेटर के पद पर नियुक्ति नहीं होने के कारण ग्रामीणों को पानी नहीं मिल पाता। प्रशासन को ऐसे गांवों में जलकर्मी नियुक्त करने चाहिए ताकि गावों में पेयजल व्यवस्था दुरुस्त हो सके। - तौसिफ, बीसरू
सरकार ने गांवों में घर-घर पानी पहुंचाने के लिए टैंक बनाए हैं, लेकिन कर्मचारियों के अभाव में योजना का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा। कहीं मोटर खराब होती है तो कहीं सप्लाई बाधित। रिक्त पदों पर जल्द नियुक्ति जरूरी है। - मुजीबुर्रहमान, गुलालता
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गुरुदत्त भारद्वाज
पुन्हाना। गांवों में घर-घर पेयजल पहुंचाने के लिए बनाए गए वाटर टैंकों की व्यवस्था जलकर्मियों के अभाव में प्रभावित हो रही है। पुन्हाना, पिनगवां और नगीना खंड के करीब 166 गांवों में जलकर्मियों के 120 से अधिक पद लंबे समय से रिक्त पड़े हैं। जलकर्मियों की नियुक्ति के लिए वर्ष 2023 में विकास एवं पंचायत विभाग के निदेशक की ओर से पंचायत विभाग को पत्र जारी कर प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन करीब तीन साल बीतने के बाद भी नियुक्ति प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी है।
गांवों में बने वाटर टैंकों से पेयजल आपूर्ति की जिम्मेदारी जलकर्मियों की होती है। इनकी नियुक्ति नहीं होने के कारण कई गांवों में वाटर टैंक और पेयजल सप्लाई व्यवस्था प्रभावित रहती है। कहीं समय पर पानी की आपूर्ति नहीं हो पाती तो कहीं तकनीकी खराबी आने के बाद उसे ठीक कराने में देरी होती है। इससे ग्रामीणों को पेयजल समस्या का सामना करना पड़ता है।
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आवेदन के बाद भी नहीं मिली नियुक्ति
तुसैनी गांव निवासी मकसूद, बिछोर गांव निवासी खुर्शीद सहित कई लोगों का कहना है कि जलकर्मियों की नियुक्ति के लिए संबंधित गांवों से युवाओं ने आवेदन किए थे। कई जगह पंचायत स्तर पर नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू करने के लिए प्रस्ताव भी तैयार किए गए, लेकिन इसके बाद मामला सरकारी कार्यालयों की प्रक्रिया में उलझ कर रह गया। ग्रामीणों के अनुसार लंबे समय से आवेदनों और नियुक्ति संबंधी फाइलों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि गर्मी के मौसम में पेयजल की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में वाटर टैंकों पर कर्मचारी नहीं होने से व्यवस्था संभालना मुश्किल हो जाता है। यदि किसी गांव में मोटर, पाइपलाइन या टैंक से संबंधित तकनीकी समस्या आती है तो उसके समाधान में भी समय लग जाता है। ग्रामीणों ने रिक्त पदों पर जल्द नियुक्ति करने की मांग की है, ताकि पेयजल आपूर्ति नियमित हो सके।
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ऐसे होती है नियुक्ति
जल कर्मी की नियुक्ति के लिए सबसे पहले संबंधित ग्राम पंचायत की ओर से प्रस्ताव पारित किया जाता है। प्रस्ताव जन स्वास्थ्य विभाग को भेजा जाता है। जन स्वास्थ्य विभाग प्रस्ताव की जांच-पड़ताल करने के बाद ग्राम पंचायत को नियुक्ति की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए लिखता है। इसके बाद ग्राम पंचायत को खंड एवं पंचायत विकास कार्यालय से आवश्यक मंजूरी लेनी होती है। मंजूरी मिलने के बाद स्थानीय समाचार पत्र में नियुक्ति के लिए विज्ञापन प्रकाशित कराया जाता है। इसके बाद निर्धारित योग्यता रखने वाले उम्मीदवारों का साक्षात्कार लिया जाता है और प्रक्रिया के अनुसार जलकर्मी का चयन किया जाता है। जल कर्मी के पद पर नियुक्ति के लिए उम्मीदवार का दसवीं पास होना आवश्यक है। इसके साथ ही उसकी आयु 55 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए।
वर्जन
जलकर्मियों के पदों को भरने के लिए विभागीय कार्रवाई चल रही है। कोशिश है कि जल्द ही सभी पदों को भर लिया जायेगा। रिक्त पद भरने के बाद लोगों को पानी सुचारू रूप से मिलेगा। इसके अलावा अगर किसी गांव में पानी कि समस्या बन रही है तो उसका जल्द समाधान कराया जायेगा। - अखिल पिलानी, जिला उपायुक्त
कोट
गांव में वाटर टैंक तो बना हुआ है, लेकिन उसकी देखरेख के लिए जलकर्मी नहीं होने से परेशानी होती है। मोटर या पाइपलाइन में खराबी आने पर उसे ठीक कराने में कई दिन लग जाते हैं। नियुक्तियां जल्द पूरी करनी चाहिए। - मकसूद, तुसैनी
जलकर्मी की नियुक्ति के लिए गांव के युवाओं ने आवेदन किए थे। पंचायत स्तर पर भी प्रक्रिया शुरू करने की बात हुई थी, लेकिन आज तक नियुक्ति नहीं हो सकी। कर्मचारी होने से टैंक की देखरेख और पानी की सप्लाई बेहतर होगी। - खुर्शीद, बिछोर
जिले के अधिकतर गांव में पंप ऑपरेटर के पद पर नियुक्ति नहीं होने के कारण ग्रामीणों को पानी नहीं मिल पाता। प्रशासन को ऐसे गांवों में जलकर्मी नियुक्त करने चाहिए ताकि गावों में पेयजल व्यवस्था दुरुस्त हो सके। - तौसिफ, बीसरू
सरकार ने गांवों में घर-घर पानी पहुंचाने के लिए टैंक बनाए हैं, लेकिन कर्मचारियों के अभाव में योजना का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा। कहीं मोटर खराब होती है तो कहीं सप्लाई बाधित। रिक्त पदों पर जल्द नियुक्ति जरूरी है। - मुजीबुर्रहमान, गुलालता