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सांसद के पहुंचने से पहले ही नामकरण पर बवाल
रेवाड़ी/ब्यूरो।
Updated Thu, 09 Jan 2014 10:19 PM IST
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रेवाड़ी/कोसली। क्षेत्र के गांव कोसली व भाकली के बीच नामकरण का मुद्दा फिर गरमा गया है। भाकली के ग्रामीणों ने उद्घाटन से पहले ही कोसली में मार्केट कमेटी व किसान भवन की आधारशिला के पत्थर उखाड़ फेंके। इन भवनों की आधारशिला सांसद दीपेंद्र हुड्डा व केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री जितिन प्रसाद को रखनी थी, किंतु ग्रामीणों के विरोध के चलते उन्होंने अपना दौरा रद्द कर दिया। प्रशासनिक अधिकारियों ने विरोध के बीच केंद्रीय विद्यालय की आधारशिला रखी।
उद्घाटन से चंद मिनटों पहले ही पत्थरों को ग्रामीणों के हजूम ने तोड़ डाला। विवाद का कारण इन भवनों का नामकरण बताया जा रहा है। इसके बाद कोसली की पंचायत भी इसके विरोध में आ गई और सांसद दौरे का विरोध करने की चेतावनी दे डाली। दोनों ही गांवों की पंचायतें अपने-अपने रुख पर कायम थीं। जहां कोसली गांव व रेलवे स्टेशन क्षेत्र में रह रहे लोग इसके नाम को कोसली रेलवे स्टेशन करवाना चाहते हैं, वहीं, भाकली के लोग इसका नाम भाकली करवाने पर अडे़ हैं।
कोसली में वीरवार को सांसद दीपेंद्र हुड्डा को लाखों रुपये की लागत से बनाए गए मार्केट कमेटी भवन व किसान भवन की आधारशिला रखनी थी, किंतु भाकली के लोगों के विरोध के कारण उनका दौरा रद्द कर दिया गया। पहले से ही प्रशासन को चेतावनी दे चुके ग्रामीणों ने उद्घाटन से चंद मिनटों पहले ही शिलापट्ट व पत्थराें को तोड़ डाला।
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शिलापट्ट व उद्घाटन पत्थर तोड़े दिए जाने के बाद सांसद ने कोसली का दौरा रद्द कर दिया। ग्रामीणों का विरोध बढ़ते देख प्रशासनिक अधिकारी भी मौके से खिसक गए। मार्केट कमेटी के सचिव सुंदरलाल का कहना है कि उन्होंने तीन चार दिन से लगातार रात दिन जागकर इस कार्य को पूर्ण कराया था और भाकली के लोगों ने इस कार्य को उद्घाटन से कुछ मिनट पहले ही तोड़कर ठीक नहीं किया है।
इस विषय में कोसली के उपमंडलाधीश जीएल यादव ने कहा कि कानून को हाथ में लेने की किसी को इजाजत नहीं है और जिन लोगों ने कानून को हाथ में लिया है, वे इसका खामियाजा भुगतेंगे। कुछ ग्रामीणों ने दबी जुबान में स्वीकारा कि कोसली व भाकली के बीच नामकरण की लड़ाई से इलाके का विकास रुक जाएगा।
कोसली मार्केट कमेटी के भवन के शिलान्यास के पत्थर के पास जब मार्केट कमेटी के कुछ अधिकारी पत्थर के चारों तरफ फूलमालाएं सजा रहे थे तो गांव भाकली के ग्रामीणों ने देखते ही देखते शिलापट्ट को जमीन पर गिरा दिया। प्रशासन ने जिस पत्थर को लगाया था, उसे भी लोगों ने तोड़ डाला। ग्रामीणों के गुस्से के चलते स्थानीय नेता भी लाचार नजर आए। मौके पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राजसिहं जाखड़, हलका प्रधान मनोज कोसलिया, चेयरमैन श्याम यादव ,पिछडा सेल से प्रदेश उपाध्यक्ष ओमप्रकाश डाबला, सुभाष यादव उपस्थित थे।
संयुक्त आयुक्त व डीसी ने रखी आधारशिला
कोसली व भाकली पंचायतों में स्कूल का नामकरण करने के विवाद के बाद कोसली की पंचायत ने भी शिलान्यास कार्यक्रम का विरोध करने की चेतावनी दे दी। इसके चलते वीरवार को संयुक्त आयुक्त केंद्रीय विद्यालय संगठन नई दिल्ली ई प्रभाकर व जिला प्रशासन की ओर से उपायुक्त सीजी रजनीकांथन ने संयुक्त रूप से केंद्रीय विद्यालय भाकली की आधारशिला रखी और उपस्थित लोगों को बधाई दी। संयुक्त आयुक्त ई प्रभाकर ने मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री जितिन प्रसाद व सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा के कार्यक्रम में उपस्थित नहीं होने पर खेद प्रकट किया।
उन्होंने बताया कि केंद्रीय मानव संसाधन एवं विकास मंत्री व सांसद जिस हेलिकॉप्टर में यहां आने वाले थे, वो खराब मौसम की वजह से टेक ऑफ नहीं कर सका, जिसकी वजह से वे निर्धारित समय पर शिलान्यास कार्यक्रम में शिरकत नहीं कर सके। प्रदेशभर में इस समय 28 केंद्रीय विद्यालय संचालित हैं, जिनसे बच्चों को पूरा लाभ मिल रहा है। उपायुक्त सीजी रजनीकांथन ने कहा कि केंद्रीय विद्यालय को जिला प्रशासन की ओर से हरसंभव मदद दिलवाई जाएगी। दक्षिण हरियाणा को शिक्षा का हब बनाने के लिए सरकार ने इस क्षेत्र में मीरपुर विश्वविद्यालय, सैनिक स्कूल, रक्षा विश्वविद्यालय, केंद्रीय विश्वविद्यालय, बहुतकनीकी संस्थान, आईटीआई संस्थान स्थापित किए हैं।
बच्चों की ओर से मौके पर विभिन्न प्रकार के मनोहारी सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। मौके पर सहायक आयुक्त केंद्रीय विद्यालय सिरसा निरंजन कुमार, प्राचार्य केंद्रीय विद्यालय भाकली एसएस मान, प्रबंधन निदेशक एमटीडीसी एल होकिप, उपमंडल अधिकारी जीएल यादव उपस्थित थे।
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उद्घाटन से चंद मिनटों पहले ही पत्थरों को ग्रामीणों के हजूम ने तोड़ डाला। विवाद का कारण इन भवनों का नामकरण बताया जा रहा है। इसके बाद कोसली की पंचायत भी इसके विरोध में आ गई और सांसद दौरे का विरोध करने की चेतावनी दे डाली। दोनों ही गांवों की पंचायतें अपने-अपने रुख पर कायम थीं। जहां कोसली गांव व रेलवे स्टेशन क्षेत्र में रह रहे लोग इसके नाम को कोसली रेलवे स्टेशन करवाना चाहते हैं, वहीं, भाकली के लोग इसका नाम भाकली करवाने पर अडे़ हैं।
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कोसली में वीरवार को सांसद दीपेंद्र हुड्डा को लाखों रुपये की लागत से बनाए गए मार्केट कमेटी भवन व किसान भवन की आधारशिला रखनी थी, किंतु भाकली के लोगों के विरोध के कारण उनका दौरा रद्द कर दिया गया। पहले से ही प्रशासन को चेतावनी दे चुके ग्रामीणों ने उद्घाटन से चंद मिनटों पहले ही शिलापट्ट व पत्थराें को तोड़ डाला।
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शिलापट्ट व उद्घाटन पत्थर तोड़े दिए जाने के बाद सांसद ने कोसली का दौरा रद्द कर दिया। ग्रामीणों का विरोध बढ़ते देख प्रशासनिक अधिकारी भी मौके से खिसक गए। मार्केट कमेटी के सचिव सुंदरलाल का कहना है कि उन्होंने तीन चार दिन से लगातार रात दिन जागकर इस कार्य को पूर्ण कराया था और भाकली के लोगों ने इस कार्य को उद्घाटन से कुछ मिनट पहले ही तोड़कर ठीक नहीं किया है।
इस विषय में कोसली के उपमंडलाधीश जीएल यादव ने कहा कि कानून को हाथ में लेने की किसी को इजाजत नहीं है और जिन लोगों ने कानून को हाथ में लिया है, वे इसका खामियाजा भुगतेंगे। कुछ ग्रामीणों ने दबी जुबान में स्वीकारा कि कोसली व भाकली के बीच नामकरण की लड़ाई से इलाके का विकास रुक जाएगा।
कोसली मार्केट कमेटी के भवन के शिलान्यास के पत्थर के पास जब मार्केट कमेटी के कुछ अधिकारी पत्थर के चारों तरफ फूलमालाएं सजा रहे थे तो गांव भाकली के ग्रामीणों ने देखते ही देखते शिलापट्ट को जमीन पर गिरा दिया। प्रशासन ने जिस पत्थर को लगाया था, उसे भी लोगों ने तोड़ डाला। ग्रामीणों के गुस्से के चलते स्थानीय नेता भी लाचार नजर आए। मौके पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राजसिहं जाखड़, हलका प्रधान मनोज कोसलिया, चेयरमैन श्याम यादव ,पिछडा सेल से प्रदेश उपाध्यक्ष ओमप्रकाश डाबला, सुभाष यादव उपस्थित थे।
संयुक्त आयुक्त व डीसी ने रखी आधारशिला
कोसली व भाकली पंचायतों में स्कूल का नामकरण करने के विवाद के बाद कोसली की पंचायत ने भी शिलान्यास कार्यक्रम का विरोध करने की चेतावनी दे दी। इसके चलते वीरवार को संयुक्त आयुक्त केंद्रीय विद्यालय संगठन नई दिल्ली ई प्रभाकर व जिला प्रशासन की ओर से उपायुक्त सीजी रजनीकांथन ने संयुक्त रूप से केंद्रीय विद्यालय भाकली की आधारशिला रखी और उपस्थित लोगों को बधाई दी। संयुक्त आयुक्त ई प्रभाकर ने मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री जितिन प्रसाद व सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा के कार्यक्रम में उपस्थित नहीं होने पर खेद प्रकट किया।
उन्होंने बताया कि केंद्रीय मानव संसाधन एवं विकास मंत्री व सांसद जिस हेलिकॉप्टर में यहां आने वाले थे, वो खराब मौसम की वजह से टेक ऑफ नहीं कर सका, जिसकी वजह से वे निर्धारित समय पर शिलान्यास कार्यक्रम में शिरकत नहीं कर सके। प्रदेशभर में इस समय 28 केंद्रीय विद्यालय संचालित हैं, जिनसे बच्चों को पूरा लाभ मिल रहा है। उपायुक्त सीजी रजनीकांथन ने कहा कि केंद्रीय विद्यालय को जिला प्रशासन की ओर से हरसंभव मदद दिलवाई जाएगी। दक्षिण हरियाणा को शिक्षा का हब बनाने के लिए सरकार ने इस क्षेत्र में मीरपुर विश्वविद्यालय, सैनिक स्कूल, रक्षा विश्वविद्यालय, केंद्रीय विश्वविद्यालय, बहुतकनीकी संस्थान, आईटीआई संस्थान स्थापित किए हैं।
बच्चों की ओर से मौके पर विभिन्न प्रकार के मनोहारी सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। मौके पर सहायक आयुक्त केंद्रीय विद्यालय सिरसा निरंजन कुमार, प्राचार्य केंद्रीय विद्यालय भाकली एसएस मान, प्रबंधन निदेशक एमटीडीसी एल होकिप, उपमंडल अधिकारी जीएल यादव उपस्थित थे।