फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   mother searches her son for 14 years

14 साल से फौजी बेटे को तलाश रही मां

Sun, 13 Oct 2013 11:05 PM IST
नारनौल/ब्यूरो।
नारनौल/ब्यूरो। Updated Sun, 13 Oct 2013 11:05 PM IST
विज्ञापन
mother searches her son for 14 years
हरियाणा में चौदह वर्ष पहले मद्रास से छुट्टी लेकर अपने गांव चेलावास आ रहा जवान भरतलाल अब तक अपने घर नहीं पहुंचा है। परिजनों ने उसे ढूंढने के लाख प्रयास किए, लेकिन सब विफल रहे।
विज्ञापन


जिला प्रशासन और वायुसेना यूनिट से कोई सहयोग न मिलने से परेशान पिता ने पुत्र वियोग में तड़प-तड़प कर प्राण त्याग दिए। रो-रोकर अपनी आंखें गंवा चुकी मां के पास जीवनयापन के लिए कोई सहारा नहीं बचा है। इसके बावजूद वह अपने बेटे के मिलने की आस में जीने के लिए संघर्ष कर रही है।
विज्ञापन


लापता युवा सैनिक की मां संतरा देवी ने बताया कि लगभग 22 वर्षीय भरतलाल 21 जुलाई 1995 में एयरफोर्स में भर्ती हुआ था। सर्विस के दौरान वह लंबे समय से बंगलूरू में ही कार्यरत था। भरत 23 मई 1999 को वायुसेना की एसटीई यूनिट बंगलूरू से छुट्टी लेकर अपने गांव चेलावास के लिए चला था।
विज्ञापन
विज्ञापन


उसने 23 मई को ही मद्रास से अपने घर फोन कर बताया था कि वह 25 मई को घर आ जाएगा। उसके आने की खबर सुनकर पूरे घर में खुशियां छाई हुई थीं, लेकिन जल्द ही यह माहौल गम में बदल गया। भरत 25 मई तक घर नहीं पहुंचा तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू कर दी, लेकिन कुछ पता नहीं चला।


इसके बाद भरतलाल के पिता हमीर सिंह ने 29 मई 1999 को कनीना थाने में अपने बेटे के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई। इसके बाद परिजनों ने एसटीई एयरफोर्स बंगलूरू कमांडेंट को फोन और पत्र द्वारा सूचित किया तथा प्रशासन से लापता बेटे को खोजने में मदद की गुहार लगाई, लेकिन न तो प्रशासन और न ही युवा सेना के अधिकारियों ने इस पीड़ित परिवार की कोई मदद की।

हालांकि वायु सेना के अधिकारी एक-दो बार खानापूर्ति के लिए बंगलूरू से चेलावास आए, लेकिन इसके बाद इस परिवार की किसी ने कोई सुध नहीं ली।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed