फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   More than 50 thousand teachers in Haryana will not be transferred this year

हरियाणा: 50 हजार से अधिक शिक्षकों के इस साल नहीं होंगे तबादले, पढ़ाई पर रहेगा जोर

Fri, 19 Nov 2021 08:36 AM IST
प्रमोद कुमार अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़ Published by: प्रमोद कुमार Updated Fri, 19 Nov 2021 08:36 AM IST
सार

हरियाणा सरकार ने जेबीटी के अंतर जिला, टीजीटी-पीजीटी के तबादले नहीं करने का फैसला लिया है। कानूनी पेचीदगियों के कारण यह निर्णय लिया गया है। अब बच्चों की पढ़ाई पर ही जोर दिया जाएगा। सरकार अब शैक्षणिक सत्र आधे से अधिक बीतने के कारण तबादलों के चक्कर में नहीं फंसना चाहती।

विज्ञापन
More than 50 thousand teachers in Haryana will not be transferred this year
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : फाइल

विस्तार

हरियाणा सरकार ने शिक्षकों के ऑनलाइन तबादलों से हाथ पीछे खींच लिए हैं। पचास हजार से अधिक शिक्षकों के अब इस साल तबादले नहीं होंगे। स्कूल शिक्षा विभाग ने जेबीटी के अंतर जिला, टीजीटी-पीजीटी के सामान्य ऑनलाइन तबादले अगले वर्ष मार्च-अप्रैल में करने का निर्णय लिया है। तबादला प्रक्रिया को सिरे चढ़ाने में कानूनी अड़चनें बाधा बनी हैं। शैक्षणिक सत्र आधे से अधिक बीतने के कारण सरकार अब तबादलों के चक्कर में नहीं फंसना चाहती। स्कूल शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. महावीर सिंह ने कहा कि अब शिक्षकों के तबादले नहीं किए जाएंगे। 

विज्ञापन


ये भी पढ़ें-हरियाणा: एचपीएससी के उप सचिव समेत तीन गिरफ्तार, एक करोड़ आठ लाख बरामद, परीक्षा में अंक बढ़ाने के नाम पर ली राशि
विज्ञापन


जेबीटी, पीआरटी शिक्षकों के जिलों के भीतर ऑनलाइन तबादला प्रक्रिया को सिरे चढ़ाने में विभाग प्रयासरत है। नवंबर माह आधे से अधिक बीत चुका है। पहली दिसंबर से स्कूलों में पहली से 12वीं तक के सभी बच्चे आएंगे। अब विभाग का मुख्य जोर बच्चों की पढ़ाई पर रहेगा। कोविड के कारण बच्चों की पढ़ाई बाधित हुई है। इसलिए स्कूल पूरी तरह खुलने पर सिलेबस सही तरीके से पूरा कराएंगे। विभाग की योजना अगले वर्ष शैक्षणिक सत्र शुरू होने से पहले ऑनलाइन तबादलों को सिरे चढ़ाने की है। तबादलों को लेकर कुछ शिक्षक हाईकोर्ट भी गए हैं। उनके मामलों में निर्णय आना बाकी है, इसलिए जेबीटी की अंतरजिला तबादला प्रक्रिया शुरू नहीं की जा सकती।
विज्ञापन
विज्ञापन


हरियाणा स्कूल लेक्चरर्स एसोसिएशन के प्रधान सतपाल सिंधू और पूर्व प्रधान दयानंद दलाल, शिक्षक नेता दीपक गोस्वामी ने कहा कि सरकार को इसी सत्र में तबादले करने चाहिए थे। 6 हजार जेबीटी, लगभग 50 हजार टीजीटी-पीजीटी तबादलों के इंतजार में थे। जेबीटी के तो 5 साल से तबादले हुए ही नहीं। एक हजार प्रिंसिपल अस्थायी स्टेशन पर कार्यरत हैं, उन्हें स्थायी स्टेशन के लिए लंबा इंतजार करना पड़ेगा। डीम्ड यूनिवर्सिटी की डिग्री वाले पीजीटी को भी स्थायी स्कूल आवंटित नहीं हुए हैं। 

ये भी पढ़ें-विवादों से एचपीएससी का पुराना नाता: कभी कॉपी पेस्ट कर बनाया प्रश्न पत्र तो कभी गलत सवालों की लगा दी झड़ी

दीपक ने कहा कि जिलों के भीतर जेबीटी के तबादलों में पेंच फंसा हुआ है। 2500 जेबीटी स्थायी स्टेशन आवंटित करने की मांग कर रहे हैं। कुछ जेबीटी हाईकोर्ट गए हैं, जिनके केस की सुनवाई 23 नवंबर को है। विकल्प भरने के लिए विभाग का पोर्टल भी नहीं चल रहा। जब तक तबादले नहीं होते, तब तक बिना शिक्षकों वाले प्राथमिक स्कूलों में अस्थायी नियुक्तियों की शक्तियां डीईईओ, बीईईओ को दे देनी चाहिए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed