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जींद किसान पंचायत में किसानों ने लिया कड़ा फैसला: 19 नवंबर को घेरेंगे हांसी का एसपी ऑफिस

Tue, 16 Nov 2021 11:54 AM IST
प्रमोद कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद Published by: प्रमोद कुमार Updated Tue, 16 Nov 2021 11:54 AM IST
सार

जींद की जाट धर्मशाला में किसान आंदोलन को लेकर बैठक शुरू हो गई है। मीटिंग में किसान आंदोलन को एक साल पूरा होने पर कार्यक्रम को लेकर रणनीति बनाई जाएगी। जिसे लेकर प्रदेशभर से किसान पहुंचे हैं। मीटिंग का मकसद किसान संगठनों को एक करना है। हालांकि चढ़ूनी गुट मीटिंग से अलग दिख रहा है।

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Meeting regarding farmers movement start in Jat Dharamshala of Jind 
किसानों को संबोधित करते दादरी के विधायक - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

नारनौद में किसानों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में प्रदेश भर के किसान 19 नवंबर को हांसी में एसपी कार्यालय का घेराव करेंगे। मंगलवार को संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) हरियाणा ने जींद की जाट धर्मशाला में प्रदेश स्तरीय अधिवेशन में इसका एलान किया। नेताओं ने कहा कि जब तक पुलिस लाठीचार्ज में घायल हुए किसान कुलदीप राणा के आरोपियों पर कार्रवाई नहीं होती, किसान एसपी कार्यालय से नहीं उठेंगे।

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अधिवेशन में कुछ किसानों ने संयुक्त किसान मोर्चा की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए भड़ास निकाली। हालांकि इस पर नेताओं ने कहा कि अधिवेशन में सभी अपनी बात कहते हैं। सभी ने आंदोलन को मजबूत करने के लिए सुझाव दिए हैं। बता दें कि किसान आंदोलन के तहत पिछले साल 26 नवंबर को किसानों ने दिल्ली के लिए कूच शुरू किया था। तब पंजाब के किसानों ने अग्रणी भूमिका निभाई थी। ऐसे में इस बार हरियाणा के किसान भी इसमें जोरदार तरीके से भाग ले रहे हैं।
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इसके चलते जींद की जाट धर्मशाला में एसकेएम का प्रदेश स्तरीय अधिवेशन हुआ। इस दौरान महिला किसान सुदेश गोयत ने कहा कि आज हमें कुलदीप राणा के लिए लड़ना चाहिए। जब करनाल में हुई घटना पर पूरे प्रदेश के किसान एकजुट हो सकते हैं तो कुलदीप के मामले में क्यों नहीं। गोयत ने कहा कि यदि कुलदीप की लड़ाई नहीं लड़ी गई तो कोई भी किसान आंदोलन में नहीं आएगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए उन्होंने किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी से भी बात की थी, लेकिन किसान कुलदीप राणा के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। 
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नेता कहते हैं कि हमारे संगठन का नहीं है
इस दौरान महिला किसान गुमिंद्र कंडेला ने कहा कि कुलदीप राणा के मामले में भी करनाल की तरह ही कड़ा फैसला लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब किसी किसान की गिरफ्तारी होती है तो नेता कहते हैं कि यह हमारे संगठन का नहीं है। उन पर पुलिस गिरफ्तारी का दबाव बना रही है।

कुलदीप को न्याय नहीं तो 11 महीने से क्यों उठा रखे हैं झंडे 
इस दौरान खरकरामजी गांव की पूर्व सरपंच व किसान नेता कविता ने कहा कि हांसी में 20 हजार या 20 लाख लोगों की जरूरत है। यदि संयुक्त किसान मोर्चा घायल कुलदीप राणा को न्याय नहीं दिलवा सकता तो क्यों सभी किसान 11 महीने से झंडे उठाए हुए हैं। 


शहीद करतार सिंह सराभा को श्रद्धांजलि देते किसान


ये भी पढ़ें-पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश: पुन्हाना में पंचायत की भूमि से दो सप्ताह में सभी अतिक्रमण हटाए हरियाणा सरकार 

एसकेएम के सभी नेता नहीं आए तो सरकार व नेताओं में कोई फर्क नहीं
अधिवेशन में महिला किसान अनिता खटकड़ ने कहा कि हांसी में 19 नवंबर को संयुक्त किसान मोर्चा के सभी 40 नेताओं को आना चाहिए। यदि ऐसा नहीं होता है तो फिर भाजपा-जजपा सरकार व एसकेएम में कोई अंतर नहीं रह जाएगा। 


दो जनवरी को कितलाना टोल पर होगी प्रदेश स्तरी महापंचायत
इस दौरान चरखी दादरी से निर्दलीय विधायक सोमबीर सांगवान ने घायल कुलदीप के लिए एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। साथ ही उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि यह लड़ाई अब अंतिम चरण में है। ऐसे में किसानों को पूरा जोर लगा देना चाहिए। अंतिम समय में लगाई गई ताकत हमेशा लड़ाई को जिता देती है। उन्होंने कहा कि दो जनवरी को कितलाना टोल पर प्रदेश स्तरीय महापंचायत होगी।

नवंबर में होंगे कई आंदोलन
संयुक्त किसान मोर्चा ने फैसला किया है कि 19 नवंबर को हांसी में एसपी कार्यालय के बाहर प्रदेश भर के किसान पहुंचेंगे। 24 नवंबर को प्रदेश भर में सर छोटूराम की जयंती मनाई जाएगी। इसके लिए हर शहर, गांव व शहरों की कॉलोनियों में कार्यक्रम होंगे। 26 नवंबर को अधिक से अधिक संख्या में किसान दिल्ली की सीमाओं पर पहुंचेंगे। 29 नवंबर से 500-500 के जत्थों में किसान संसद भवन के लिए कूच शुरू करेंगे। 

मौके पर मौजूद किसान

यह अधिवेशन है। एक साल से आंदोलन चल रहा है। सभी लोगों ने अपनी बात कही है। किसी ने आंदोलन की आलोचना नहीं की। सभी इसे और मजबूत बनाने के लिए सुझाव दिए हैं। सभी के सुझावों पर गौर किया जाएगा। -इंद्रजीत सिंह, संयुक्त किसान मोर्चा। 

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