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दुकान में शराब पीने से रोका तो मार डाला
ब्यूरो/ अमर उजाला, नारनौल
Updated Fri, 07 Nov 2014 12:30 AM IST
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पाथेड़ा में दुकान में शराब पीने से रोकने पर वेल्डिंग मिस्त्री की सिर में रॉड मारकर हत्या कर दी। गुस्साए परिजनों ने हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए परिजनों और ग्रामीणों ने महेंद्रगढ़-रेवाड़ी मार्ग पर तीन घंटे तक जाम लगाया। पुलिस ने 24 घंटे में गिरफ्तारी का आश्वासन देकर ग्रामीणों को शांत करवाया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर किया है। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।
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घटना मंगलवार रात की है। ओमपाल ने बताया कि उसके भाई परमिंद्र (28) की गांव में ही वेल्डिंग की दुकान है। पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि सप्ताहभर पहले गांव के ही अजीत उर्फ कालिया और वीरेंद्र उर्फ चील्लू उसके भाई की दुकान पर आए थे। दोनों दुकान में बैठकर ही शराब पीने को कहने लगे। परमिंद्र ने उन्हें दुकान में बैठकर शराब पीने से रोक दिया। मंगलवार रात परमिंद्र दुकान में काम कर रहा था।
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अचानक अजीत और वीरेंद्र दुकान पर पहुंचे और परमिंद्र से झगड़ा करने लगे। आरोप है कि दोनों ने परमिंद्र पर डंडों से वार किया। बाद में लोहे की राड परमिंद्र के सिर में मारी, लहूलुहान होकर परमिंद्र वहीं गिर पड़ा। दोनों आरोपी मौके से भाग गए। पड़ोसियों ने परिजनों को सूचना दी और आनन फानन में उसे सामान्य अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया। उधर, पुलिस ने ओमपाल की शिकायत पर दोनों आरोपियों के खिलाफ मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का केस दर्ज किया था। बुधवार रात को इलाज के दौरान परमिंद्र की मौत हो गई।
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बुच्चावास अड्डे पर लगाया जाम
परमिंद्र की मौत की सूचना पर गांव में रोष फैल गया। बृहस्पतिवार सुबह ग्रामीण ट्रैक्टर-ट्रालियों में सवार होकर गांव बुच्चावास अड्डे पर पहुंचे और महेंद्रगढ़-रेवाड़ी मार्ग पर जाम लगा दिया। ग्रामीणों ने पुलिस के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। नायब तहसीलदार कंवर सिंह और सदर थाना प्रभारी अनिरुद्ध दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह एसपी या डीएसपी को मौके पर बुलाने पर अड़े रहे। करीब 11 बजे डीएसपी बिजेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे और उन्होंने ग्रामीणों को 24 घंटे में आरोपियों को गिरफ्तार करने आश्वासन देकर शांत कराया। इसके बाद ग्रामीणों ने जाम खोला।
दो गाड़ियों के तोड़े शीशे
जाम में फंसी दो गाड़ियों के शीशे तोड़ डाले। सतनाली निवासी मोतीलाल ने बताया कि जाम के दौरान वह गाड़ी को लेकर खड़ा था। अचानक कुछ युवक डंडों के साथ गाड़ी जाइलो पर हमला बोल दिया। युवकों ने गाड़ी का अगला शीशा और दो साइड वाले शीशे तोड़ डाले। इसके अलावा एक अन्य गाड़ी के भी शीशे तोड़ गए। पीड़ितों ने इस संबंध में पुलिस को शिकायत दी है।
वाहनों की लगी लंबी लाइनें
तीन घंटे तक मार्ग बंद होने के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी लाइन लग गई। करीब पांच किमी तक वाहन जाम में फंसे रहे। रोडवेज बसों के अलावा अन्य वाहन भी नहीं चले। कुछ लोगों ने गांवों के रास्तों से जरूर वाहनों को निकाला। करीब तीन घंटे तक जाम के कारण हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
पानी भी साथ लाए थे ग्रामीण
पाथेड़ा के ग्रामीण सुबह पूरी तैयारी के साथ जाम लगाने पहुंचे थे। ग्रामीणों में पुलिस के प्रति गहरा रोष दिखा। प्रदर्शनकारियों में महिलाएं भी काफी संख्या में थीं। जाम के दौरान ग्रामीण साथ में पानी के कैंपर भी लेकर पहुंचे थे। डीएसपी बिजेंद्र सिंह ने जब महिलाओं को सड़क से उठाने की कोशिश की तो महिलाओं ने कहा कि पुलिस क्या जाने लाल के जाने का दर्द क्या होता है। तीन दिन होने के बाद भी आरोपी नहीं पकड़े गए, ऐसी पुलिस किस काम की।