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प्रतिभा निखारने के लिए मेहनत करें : डाॅ. सुनील
Thu, 28 Nov 2024 10:23 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Thu, 28 Nov 2024 10:23 PM IST
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फोटो संख्या:51- हकेवि में आयोजित विजन टू विक्टरी कार्यक्रम में कुलपति के साथ प्रतिभागी व विशेषज
महेंद्रगढ़। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय (हकेंवि) में कोडिंग क्लब, कंप्यूटर साइंस एंड सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के प्रयासों से विजन टू विक्टरी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। वक्ता डाॅ. लोकेश बाली, डाॅ. रोशन यादव, डाॅ. महेंद्र कुमार, पदम राठौर ने विद्यार्थियों से अपने अनुभवों के माध्यम से करियर व लक्ष्य प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त किया।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए उन्हें लक्ष्य प्राप्ति के लिए वन टू फाइव का फार्मूला दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि किस तरह से परंपरागत नौकरी को लक्ष्य न बनाकर नए स्टार्टअप में आगे बढ़ा जा सकता है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के इस दिशा में किए गए प्रयास राष्ट्र निर्माण में सहयोगी होगे।
कुलपति ने इस आयोजन के लिए आयोजकों की भी सराहना की। आयोजन में विशेषज्ञ के रूप में उपस्थित अपना प्रो. के संस्थापक डॉ. लोकेश बाली ने भारत में पीजी एवं पीएचडी के विद्यार्थियों को मिलने वाली विभिन्न फेलोशिप की जानकारी दी। कहा कि राष्ट्र निर्माण के लिए नौकरी देना वाला विजन रखना चाहिए। यूके से आएं विशेषज्ञ डॉ. महेंद्र कुमार ने यूके एवं अन्य देशों प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में दाखिले की प्रक्रिया पर प्रकाश डाला। नेपाल से आए विशेषज्ञ डॉ. रोशन यादव ने नेपाल में भारतीय विद्यार्थियों को कैसे और किन विश्वविद्यालयों में दाखिला लेना चाहिए और वहां उपलब्घ रोजगार के अवसर पर प्रकाश डाला।
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आयोजन में ऑनलाइन माध्यम से जुड़ी पदम राठौर ने इंडस्ट्रीज में करियर को कैसे बनाया जाए और कैसे विद्यार्थियों को अपने आपको इंडस्ट्रीज के लिए तैयार करें विषय पर अपने अनुभव साझा किए। विश्वविद्यालय में कोडिंग क्लब के संयोजक डाॅ. सुनील बैफलावत ने बताया कि किस तरह से किताबों को पढ़ने के साथ-साथ सामाजिक ज्ञान भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि ऐसे तो नहीं मिलती यूं मंजिल हर किसी को, बढ़ना तो पड़ेगा हर कदम के बाद कदम को। उन्होंने विद्यार्थियों से प्रतिभा निखारने के लिए मेहनत करने पर जोर दिया। इस कार्यक्रम के सफल आयोजन में कंप्यूटर साइंस विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. केशव सिंह रावत ने भी अहम भूमिका निभाई। कार्यक्रम के अंत में डाॅ. रावत ने धन्यवाद ज्ञापित किया और आयोजन के सफलता पर हर्ष व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे आयोजन करने पर जोर दिया।
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विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए उन्हें लक्ष्य प्राप्ति के लिए वन टू फाइव का फार्मूला दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि किस तरह से परंपरागत नौकरी को लक्ष्य न बनाकर नए स्टार्टअप में आगे बढ़ा जा सकता है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के इस दिशा में किए गए प्रयास राष्ट्र निर्माण में सहयोगी होगे।
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कुलपति ने इस आयोजन के लिए आयोजकों की भी सराहना की। आयोजन में विशेषज्ञ के रूप में उपस्थित अपना प्रो. के संस्थापक डॉ. लोकेश बाली ने भारत में पीजी एवं पीएचडी के विद्यार्थियों को मिलने वाली विभिन्न फेलोशिप की जानकारी दी। कहा कि राष्ट्र निर्माण के लिए नौकरी देना वाला विजन रखना चाहिए। यूके से आएं विशेषज्ञ डॉ. महेंद्र कुमार ने यूके एवं अन्य देशों प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में दाखिले की प्रक्रिया पर प्रकाश डाला। नेपाल से आए विशेषज्ञ डॉ. रोशन यादव ने नेपाल में भारतीय विद्यार्थियों को कैसे और किन विश्वविद्यालयों में दाखिला लेना चाहिए और वहां उपलब्घ रोजगार के अवसर पर प्रकाश डाला।
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आयोजन में ऑनलाइन माध्यम से जुड़ी पदम राठौर ने इंडस्ट्रीज में करियर को कैसे बनाया जाए और कैसे विद्यार्थियों को अपने आपको इंडस्ट्रीज के लिए तैयार करें विषय पर अपने अनुभव साझा किए। विश्वविद्यालय में कोडिंग क्लब के संयोजक डाॅ. सुनील बैफलावत ने बताया कि किस तरह से किताबों को पढ़ने के साथ-साथ सामाजिक ज्ञान भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि ऐसे तो नहीं मिलती यूं मंजिल हर किसी को, बढ़ना तो पड़ेगा हर कदम के बाद कदम को। उन्होंने विद्यार्थियों से प्रतिभा निखारने के लिए मेहनत करने पर जोर दिया। इस कार्यक्रम के सफल आयोजन में कंप्यूटर साइंस विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. केशव सिंह रावत ने भी अहम भूमिका निभाई। कार्यक्रम के अंत में डाॅ. रावत ने धन्यवाद ज्ञापित किया और आयोजन के सफलता पर हर्ष व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे आयोजन करने पर जोर दिया।