{"_id":"68964a7646a1e9ee9c0bf368","slug":"women-had-to-wait-for-two-to-three-hours-for-buses-narnol-news-c-196-1-nnl1005-128115-2025-08-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mahendragarh-Narnaul News: महिलाओं को दो से तीन घंटे बसों का करना पड़ा इंतजार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mahendragarh-Narnaul News: महिलाओं को दो से तीन घंटे बसों का करना पड़ा इंतजार
Sat, 09 Aug 2025 12:35 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Sat, 09 Aug 2025 12:35 AM IST
विज्ञापन
फोटो नंबर- 15छोटे रूट पर चलने वाली निजी बस में चढ़ती महिला यात्री। संवाद
- फोटो : संवाद
नारनौल। नारनौल डिपो पर सुबह से ही भाई को राखी बांधने के लिए जाने वाली महिलाओं और युवतियों की भीड़ रही। इस बीच छोटे और ग्रामीण रूटों पर बसों की कमी के कारण महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ा।
रक्षाबंधन को लेकर सरकार ने महिला यात्रियों के लिए बस सेवा शुक्रवार दोपहर 12 बजे से शनिवार रात 12 बजे तक फ्री करने की घोषणा की थी। दोपहर 12 बजे के बाद फ्री बस सेवा शुरू तो कर दी गई, लेकिन सिंघाना, रेवाड़ी, नांगल चौधरी रूट पर यात्री भार की तुलना में बस का संचालन कम रहा। इस कारण महिलाओं समेत दूसरे यात्रियों को करीब दो से तीन घंटे तक इंतजार करना पड़ा।
रेवाड़ी रूट के लिए दो घंटे से बस का इंतजार कर रहे लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। महिलाओं ने बस अड्डा अधिकारियों से कहा कि चाहे टिकट ले लो मगर बस तो चलाओ। यात्रियों के हंगामे को देखते हुए रेवाड़ी रूट पर दो बसों का लगातार संचालन किया गया। यात्रियों ने कहा कि नारनौल डिपो से रेवाड़ी रूट के लिए हर आधे घंटे में बस का संचालन किया जाता है, लेकिन शुक्रवार को रेवाड़ी जाने वाले यात्रियों को करीब दो घंटे इंतजार करना पड़ा।
विज्ञापन
इंसेट
सिंघाना-नांगल चौधरी व ग्रामीण रूट पर निजी बसों में किया सफर
रक्षाबंधन को लेकर पर्व महिलाओं की संख्या अधिक रही। वहीं विभिन्न रूटों पर बसों का संचालन आमदिनों की तरह ही किया जा रहा था। इस कारण उन महिलाओं को जिन्हें सिंघाना, बहरोड, नांगल चौधरी और अन्य ग्रामीण रूट पर जाना था, उन्हें खासा परेशानी हुई। बसों के लिए लंबा इंतजार करने के बाद छोटे रूट पर जाने वाली महिलाओं को मजबूरन निजी बसों में सफर करना पड़ा। यात्रियों की संख्या अधिक होने के कारण शुक्रवार को संचालित अधिकतर बसें खचाखच भरी रही। महिलाओं ने बस के दरवाजे के पास खड़े होकर सफर किया।
इंसेट
फ्री बस सेवा को लेकर बना रहा असमंजस
सरकार के निर्देशानुसार दोपहर 12 बजे से महिलाओं के लिए बस सेवा फ्री की गई थी, लेकिन अनेक महिलाओं को जानकारी नहीं होने के कारण महिलाएं दोपहर 12 बजे से पहले ही बस स्टैंड पहुंच गई। इस कारण कई महिलाएं 12 बजे से पहले टिकट लेकर अपने गंतव्य तक पहुंची। महिलाओं ने कहा कि बस सेवा फ्री पूरे दिन ही रहनी चाहिए थी। क्योंकि कुछ रूट पर बस केवल सुबह और शाम संचालित होती है।
-- -- -- -- -- -- --
सामान्य दिनों में नारनौल से रेवाड़ी के लिए हर आधे घंटे में बस चलाई जाती थी, लेकिन शुक्रवार करीब दो से ढाई घंटे तक बस का इंतजार करना पड़ा। इसके बाद भी बस का संचालन नहीं किया गया। जिसके बाद हम महिलाओं ने बस स्टैंड अधिकारियों से कहा कि चाहे टिकट ले लो, लेकिन बस का संचालन तो करो। जिसके बाद दो बसों का संचालन किया गया। -मंजू देवी, रेवाड़ी
-- -- -- -- -- -- -
लगा आज फ्री बस सेवा रहेगी, जिस कारण मैं सुबह ही घर से निकल गई थी। सुबह बस तो मिल गई, लेकिन नारनौल तक का सफर टिकट लेकर करना पड़ा। दोपहर 12 बजे बाद बस के संचालन को फ्री करने की जगह सुबह से ही बस का संचालन फ्री करना चाहिए था। क्योंकि ग्रामीण रूट पर रोडवेज बसों का संचालन केवल सुबह व शाम ही होता है। -कमला देवी, निजामपुर
-- -- -- -- --
ससुराल झुंझुनू जिले में हैं व मायका हरियाणा में। इस कारण हरियाणा रोडवेज में सफर करते हुए हरियाणा की सीमा गोद बलाहा तक का किराया देना पड़ा। उसकी तरह राजस्थान से हरियाणा और हरियाणा से राजस्थान जाने वाली महिलाओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
रामभतेरी, गांव-बापडौली
वर्जन :
डिपो में संचालित सभी 130 बस हरियाणा रोडवेज व 20 बस किलोमीटर स्कीम सहित कुल 150 बसों का संचालन आम दिनों की तरह नियमित रूप से किया जा रहा है। रक्षाबंधन पर्व के कारण महिला यात्रियों की संख्या अधिक रही। यात्रियों की सुविधा के लिए छोटे व ग्रामीण रूटों पर बसों के फेरों की संख्या में बढ़ोतरी की जा रही है। वहीं जिन रूट पर बस की कमी थी, उन पर यात्रियों की संख्या अनुसार अतिरिक्त बसों का संचालन भी किया गया।-सतीश कुमार, सीआई, नारनौल डिपो।
विज्ञापन
रक्षाबंधन को लेकर सरकार ने महिला यात्रियों के लिए बस सेवा शुक्रवार दोपहर 12 बजे से शनिवार रात 12 बजे तक फ्री करने की घोषणा की थी। दोपहर 12 बजे के बाद फ्री बस सेवा शुरू तो कर दी गई, लेकिन सिंघाना, रेवाड़ी, नांगल चौधरी रूट पर यात्री भार की तुलना में बस का संचालन कम रहा। इस कारण महिलाओं समेत दूसरे यात्रियों को करीब दो से तीन घंटे तक इंतजार करना पड़ा।
विज्ञापन
रेवाड़ी रूट के लिए दो घंटे से बस का इंतजार कर रहे लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। महिलाओं ने बस अड्डा अधिकारियों से कहा कि चाहे टिकट ले लो मगर बस तो चलाओ। यात्रियों के हंगामे को देखते हुए रेवाड़ी रूट पर दो बसों का लगातार संचालन किया गया। यात्रियों ने कहा कि नारनौल डिपो से रेवाड़ी रूट के लिए हर आधे घंटे में बस का संचालन किया जाता है, लेकिन शुक्रवार को रेवाड़ी जाने वाले यात्रियों को करीब दो घंटे इंतजार करना पड़ा।
विज्ञापन
इंसेट
सिंघाना-नांगल चौधरी व ग्रामीण रूट पर निजी बसों में किया सफर
रक्षाबंधन को लेकर पर्व महिलाओं की संख्या अधिक रही। वहीं विभिन्न रूटों पर बसों का संचालन आमदिनों की तरह ही किया जा रहा था। इस कारण उन महिलाओं को जिन्हें सिंघाना, बहरोड, नांगल चौधरी और अन्य ग्रामीण रूट पर जाना था, उन्हें खासा परेशानी हुई। बसों के लिए लंबा इंतजार करने के बाद छोटे रूट पर जाने वाली महिलाओं को मजबूरन निजी बसों में सफर करना पड़ा। यात्रियों की संख्या अधिक होने के कारण शुक्रवार को संचालित अधिकतर बसें खचाखच भरी रही। महिलाओं ने बस के दरवाजे के पास खड़े होकर सफर किया।
इंसेट
फ्री बस सेवा को लेकर बना रहा असमंजस
सरकार के निर्देशानुसार दोपहर 12 बजे से महिलाओं के लिए बस सेवा फ्री की गई थी, लेकिन अनेक महिलाओं को जानकारी नहीं होने के कारण महिलाएं दोपहर 12 बजे से पहले ही बस स्टैंड पहुंच गई। इस कारण कई महिलाएं 12 बजे से पहले टिकट लेकर अपने गंतव्य तक पहुंची। महिलाओं ने कहा कि बस सेवा फ्री पूरे दिन ही रहनी चाहिए थी। क्योंकि कुछ रूट पर बस केवल सुबह और शाम संचालित होती है।
सामान्य दिनों में नारनौल से रेवाड़ी के लिए हर आधे घंटे में बस चलाई जाती थी, लेकिन शुक्रवार करीब दो से ढाई घंटे तक बस का इंतजार करना पड़ा। इसके बाद भी बस का संचालन नहीं किया गया। जिसके बाद हम महिलाओं ने बस स्टैंड अधिकारियों से कहा कि चाहे टिकट ले लो, लेकिन बस का संचालन तो करो। जिसके बाद दो बसों का संचालन किया गया। -मंजू देवी, रेवाड़ी
लगा आज फ्री बस सेवा रहेगी, जिस कारण मैं सुबह ही घर से निकल गई थी। सुबह बस तो मिल गई, लेकिन नारनौल तक का सफर टिकट लेकर करना पड़ा। दोपहर 12 बजे बाद बस के संचालन को फ्री करने की जगह सुबह से ही बस का संचालन फ्री करना चाहिए था। क्योंकि ग्रामीण रूट पर रोडवेज बसों का संचालन केवल सुबह व शाम ही होता है। -कमला देवी, निजामपुर
ससुराल झुंझुनू जिले में हैं व मायका हरियाणा में। इस कारण हरियाणा रोडवेज में सफर करते हुए हरियाणा की सीमा गोद बलाहा तक का किराया देना पड़ा। उसकी तरह राजस्थान से हरियाणा और हरियाणा से राजस्थान जाने वाली महिलाओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
रामभतेरी, गांव-बापडौली
वर्जन :
डिपो में संचालित सभी 130 बस हरियाणा रोडवेज व 20 बस किलोमीटर स्कीम सहित कुल 150 बसों का संचालन आम दिनों की तरह नियमित रूप से किया जा रहा है। रक्षाबंधन पर्व के कारण महिला यात्रियों की संख्या अधिक रही। यात्रियों की सुविधा के लिए छोटे व ग्रामीण रूटों पर बसों के फेरों की संख्या में बढ़ोतरी की जा रही है। वहीं जिन रूट पर बस की कमी थी, उन पर यात्रियों की संख्या अनुसार अतिरिक्त बसों का संचालन भी किया गया।-सतीश कुमार, सीआई, नारनौल डिपो।