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महिलाएं यौन उत्पीड़न की शिकायत तीन माह के अंदर दर्ज करा सकती हैं : मीनाक्षी
Mon, 03 Nov 2025 11:39 PM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Mon, 03 Nov 2025 11:39 PM IST
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कनीना। क्षेत्र के निजी और राजकीय संस्थानों में कार्यरत महिला कर्मचारियों के लिए कार्यस्थल पर महिलाओं के विरुद्ध यौन उत्पीड़न की रोकथाम अधिनियम 2013 के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें बताया गया कि यौन उत्पीड़न की दशा में महिलाएं तीन माह के अंदर शिकायत दर्ज करा सकती हैं।
अधिवक्ता मीनाक्षी ने प्रतिभागियों को बताया कि जिन सरकारी या निजी संस्थानों में 10 से अधिक व्यक्ति कार्यरत हैं, वहां इस अधिनियम के तहत आंतरिक शिकायत समिति का गठन अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि यदि किसी महिला कर्मचारी के साथ कार्यस्थल पर अनुचित व्यवहार या यौ उत्पीड़न होता है तो वह 3 माह के भीतर शिकायत दर्ज करवा सकती है।
अगर संस्था में आंतरिक समिति का गठन नहीं है तो पीड़िता अपनी शिकायत स्थानीय समिति के माध्यम से भी दर्ज करा सकती है। मीनाक्षी ने कहा कि शिकायत प्राप्त होने के बाद संबंधित संस्था को आरोपी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का अधिकार है ताकि पीड़िता को न्याय और सुरक्षा मिल सके।
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उप नागरिक अस्पताल कनीना की एसएमओ डॉ. रेणु वर्मा ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण समाज के विकास की बुनियाद है। उन्होंने कार्यस्थलों पर सुरक्षित माहौल बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया और महिलाओं से आग्रह किया कि किसी भी प्रकार के उत्पीड़न के मामले में चुप न रहें, बल्कि तुरंत शिकायत दर्ज करें। कार्यक्रम में स्थानीय संस्थानों के प्रतिनिधि, महिला कर्मचारी और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी विचार रखें।
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अधिवक्ता मीनाक्षी ने प्रतिभागियों को बताया कि जिन सरकारी या निजी संस्थानों में 10 से अधिक व्यक्ति कार्यरत हैं, वहां इस अधिनियम के तहत आंतरिक शिकायत समिति का गठन अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि यदि किसी महिला कर्मचारी के साथ कार्यस्थल पर अनुचित व्यवहार या यौ उत्पीड़न होता है तो वह 3 माह के भीतर शिकायत दर्ज करवा सकती है।
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अगर संस्था में आंतरिक समिति का गठन नहीं है तो पीड़िता अपनी शिकायत स्थानीय समिति के माध्यम से भी दर्ज करा सकती है। मीनाक्षी ने कहा कि शिकायत प्राप्त होने के बाद संबंधित संस्था को आरोपी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का अधिकार है ताकि पीड़िता को न्याय और सुरक्षा मिल सके।
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उप नागरिक अस्पताल कनीना की एसएमओ डॉ. रेणु वर्मा ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण समाज के विकास की बुनियाद है। उन्होंने कार्यस्थलों पर सुरक्षित माहौल बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया और महिलाओं से आग्रह किया कि किसी भी प्रकार के उत्पीड़न के मामले में चुप न रहें, बल्कि तुरंत शिकायत दर्ज करें। कार्यक्रम में स्थानीय संस्थानों के प्रतिनिधि, महिला कर्मचारी और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी विचार रखें।