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Mahendragarh-Narnaul News: देसी गाय के गोबर से प्राकृतिक सफेद पेंट बना रहीं महिलाएं
Tue, 09 Dec 2025 12:09 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Tue, 09 Dec 2025 12:09 AM IST
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फोटो 01 गोबर से पेंट बनाती महिलाएं। संवाद
- फोटो : प्रेमशंकर की हत्या के बाद विलाप करतीं परिवार की महिलाएं। संवाद
नारनौल। कटकई गांव की मधु ने 10 महिलाओं के साथ साल 2012 में जय माता दी स्वयं सहायता समूह बनाया जो अब देसी गाय के गोबर से प्राकृतिक सफेद पेंट बना रहीं हैं। वहीं इंप्रेशन पेंट की एक लीटर की बाल्टी की 4200 रुपये में बेच रहीं हैं। इन्होंने दिवाली में करीब 30 हजार रुपये का पेंट बेचा था।
जब समूह बना था तो ये लोग दरी, गलीचा व पायदान आदि बनाकर बाजार में बेचती थी, यहां तक पंचकूला में भी प्रदर्शनी लगा चुकी हैं लेकिन धीरे-धीरे इस काम में इतनी प्रतिस्पर्धा बढ़ गई कि काम कम होता चला गया। ऐसे में मधु ने इसके अलावा कुछ अलग करने का सोचा जो लीक से एकदम हटकर हो।
मधु ने बताया कि प्रदेश में लगने वाले अलग-अलग जिलों के मेले व गीता महोत्सव आदि में वह जाकर देखती थी कि क्या नया है। ऐसे में एक बार उनकी नजर देसी गाय के गोबर से निर्मित पेंट पर पड़ी। तब उन्होंने स्टॉल पर जाकर इस पेंट के बारे में जानकारी ली तो पता चला कि खादी इंडिया नामक संस्था देसी गाय के गोबर से पेंट बनाने का प्रशिक्षण देती है। बस फिर क्या था मधु के सपनों को मानों पंख लग गए हों।
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जयपुर में लिया था प्रशिक्षण
सभी महिलाओं ने रजामंदी के बाद जयपुर में 6 हजार रुपये खर्च कर पांच दिन का प्रशिक्षण प्राप्त किया। इस दौरान उन्होंने गोबर से पेंट बनाने व उसमें मिलाए जाने वाली सामग्री के बारे में प्रशिक्षण लिया।
देसी गाय का ही गोबर है जरूरी
मधु ने बताया कि पेंट बनाने के लिए देसी गाय का 24 घंटे के अंदर अंदर का दिया गोबर ही जरूरी होता है। इसकी मशीन में पिसाई करने के बाद इसमें दो गुप्त पदार्थ मिलाए जाते हैं और 12 घंटे के लिए छोड़ दिया जाता है। इसके बाद इसे छान कर लिक्विड फॉर्म में बदला जाता है और इसमें सीओटू, सीएसीओथ्री सहित अन्य पदार्थ सम्मिलित किए जाते हैं। इससे पेंट सफेद रंग में गाढ़ा व थोड़ा चिपचिपा हो जाता है। इस प्रकार एक प्राकृतिक पेंट तैयार किया जाता है। मधु काम करने की एवज में प्रत्येक महिला को 400 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से अदा करती हें।
दो तरह के पेंट किए जाते हैं तैयार
समूह की ओर से इंप्रेशन व डिस्टेंपर दो तरह के पेंट तैयार किए जा रहे हैं। इंप्रेशन पेंट की 20 लीटर की बाल्टी की कीमत 4200 रुपये व डिस्टेंपर की 20 किलों की बाल्टी 1400 रुपये में बाजार में बेची जा रही है। मधु ने बताया कि दिवाली के सीजन के दौरान उन्होंने करीब 30 हजार रुपये का पेंट बेचा था।
बॉक्स:
मधु ने बताया कि अभी वे सिर्फ सफेद पेंट ही बना रही हैं। पेंट में अलग अलग रंग देने के लिए वे फूलों की सहायता से रंग देने का प्रयास कर रही हैं। जिसके लिए वे नित नए प्रयोग कर रहीं हैं। फूलों के इस्तेमाल से पेंट प्राकृतिक तो रहेगा ही साथ ही इसमें खुशबू भी आएगी।
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जब समूह बना था तो ये लोग दरी, गलीचा व पायदान आदि बनाकर बाजार में बेचती थी, यहां तक पंचकूला में भी प्रदर्शनी लगा चुकी हैं लेकिन धीरे-धीरे इस काम में इतनी प्रतिस्पर्धा बढ़ गई कि काम कम होता चला गया। ऐसे में मधु ने इसके अलावा कुछ अलग करने का सोचा जो लीक से एकदम हटकर हो।
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मधु ने बताया कि प्रदेश में लगने वाले अलग-अलग जिलों के मेले व गीता महोत्सव आदि में वह जाकर देखती थी कि क्या नया है। ऐसे में एक बार उनकी नजर देसी गाय के गोबर से निर्मित पेंट पर पड़ी। तब उन्होंने स्टॉल पर जाकर इस पेंट के बारे में जानकारी ली तो पता चला कि खादी इंडिया नामक संस्था देसी गाय के गोबर से पेंट बनाने का प्रशिक्षण देती है। बस फिर क्या था मधु के सपनों को मानों पंख लग गए हों।
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जयपुर में लिया था प्रशिक्षण
सभी महिलाओं ने रजामंदी के बाद जयपुर में 6 हजार रुपये खर्च कर पांच दिन का प्रशिक्षण प्राप्त किया। इस दौरान उन्होंने गोबर से पेंट बनाने व उसमें मिलाए जाने वाली सामग्री के बारे में प्रशिक्षण लिया।
देसी गाय का ही गोबर है जरूरी
मधु ने बताया कि पेंट बनाने के लिए देसी गाय का 24 घंटे के अंदर अंदर का दिया गोबर ही जरूरी होता है। इसकी मशीन में पिसाई करने के बाद इसमें दो गुप्त पदार्थ मिलाए जाते हैं और 12 घंटे के लिए छोड़ दिया जाता है। इसके बाद इसे छान कर लिक्विड फॉर्म में बदला जाता है और इसमें सीओटू, सीएसीओथ्री सहित अन्य पदार्थ सम्मिलित किए जाते हैं। इससे पेंट सफेद रंग में गाढ़ा व थोड़ा चिपचिपा हो जाता है। इस प्रकार एक प्राकृतिक पेंट तैयार किया जाता है। मधु काम करने की एवज में प्रत्येक महिला को 400 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से अदा करती हें।
दो तरह के पेंट किए जाते हैं तैयार
समूह की ओर से इंप्रेशन व डिस्टेंपर दो तरह के पेंट तैयार किए जा रहे हैं। इंप्रेशन पेंट की 20 लीटर की बाल्टी की कीमत 4200 रुपये व डिस्टेंपर की 20 किलों की बाल्टी 1400 रुपये में बाजार में बेची जा रही है। मधु ने बताया कि दिवाली के सीजन के दौरान उन्होंने करीब 30 हजार रुपये का पेंट बेचा था।
बॉक्स:
मधु ने बताया कि अभी वे सिर्फ सफेद पेंट ही बना रही हैं। पेंट में अलग अलग रंग देने के लिए वे फूलों की सहायता से रंग देने का प्रयास कर रही हैं। जिसके लिए वे नित नए प्रयोग कर रहीं हैं। फूलों के इस्तेमाल से पेंट प्राकृतिक तो रहेगा ही साथ ही इसमें खुशबू भी आएगी।