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Mahendragarh-Narnaul News: मंडी में तय पैमाने पर खरीदा गेहूं, महेंद्रगढ़ पहुंचते-पहुंचने बढ़ गई 6 प्रतिशत नमी
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फोटो संख्या:78- आढ़ती दिनेश कुमार
महेंद्रगढ़। हैफेड गोदाम में गेहूं स्टोर करने के दौरान ट्रांसपोर्टरों व आढ़तियों ने अधिकारियों पर अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि मातनहेल मंडी से तय मानकों पर खरीदा गया माल जब गोदामों में पहुंचता है, तो वहां 6 प्रतिशत नमी बढ़ गई।
आढ़तियों के अनुसार, मंडी में जब गेहूं की खरीद होती है, तब उसकी नमी करीब 12 प्रतिशत तक बताई जाती है और उसी आधार पर खरीद होती है लेकिन जब वही माल गोदाम में पहुंचता है तो अधिकारी 18 प्रतिशत नमी बताकर गाड़ियों को रोक रहे हैं या रिजेक्ट कर रहे हैं।
आढ़ति मातनहेल विजय कुमार व दिनेश कुमार ने बताया कि आधी गाड़ी खाली करके अब नमी की अधिकता दिखाई जा रही है। मंडी में तय पमाने पर खरीद की गई है। आढ़तियों ने यह भी आरोप लगाया कि माल की एंट्री और क्लियरेंस के दौरान कट लगाए जाते हैं और कुछ मामलों में पैसों की मांग भी की जाती है।
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उनका कहना है कि रिकॉर्ड में कट्टों की संख्या कम दिखाई जाती है जिससे उन्हें नुकसान होता है। वहीं कुछ ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि मंडी से पास होकर आने के बावजूद गोदाम में गाड़ियों को कई घंटों तक खड़ा रखा जाता है। इससे न केवल समय बर्बाद होता है बल्कि मौसम खराब होने की स्थिति में माल को भी नुकसान पहुंच सकता है।
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वहीं हैफेड के फिल्ड इंस्पेक्टर व स्टोर इंचार्ज हरपाल ने बताया कि ज्यादातर गाड़ियां सामान्य रूप से अनलोड हो रही हैं। केवल दो-तीन गाड़ियों में ही अतिरिक्त नमी की समस्या सामने आई है। इन गाड़ियों में निर्धारित सीमा से अधिक नमी पाई जाती है, उन्हें नियमों के अनुसार या तो वैल्यू कट के साथ स्वीकार किया जाता है या फिर वापस भेजकर दोबारा सुखाकर लाने के निर्देश दिए जाते हैं। किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार के आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है और ऐसे आरोप अक्सर बिना ठोस आधार के लगाए जाते हैं।
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आढ़तियों के अनुसार, मंडी में जब गेहूं की खरीद होती है, तब उसकी नमी करीब 12 प्रतिशत तक बताई जाती है और उसी आधार पर खरीद होती है लेकिन जब वही माल गोदाम में पहुंचता है तो अधिकारी 18 प्रतिशत नमी बताकर गाड़ियों को रोक रहे हैं या रिजेक्ट कर रहे हैं।
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आढ़ति मातनहेल विजय कुमार व दिनेश कुमार ने बताया कि आधी गाड़ी खाली करके अब नमी की अधिकता दिखाई जा रही है। मंडी में तय पमाने पर खरीद की गई है। आढ़तियों ने यह भी आरोप लगाया कि माल की एंट्री और क्लियरेंस के दौरान कट लगाए जाते हैं और कुछ मामलों में पैसों की मांग भी की जाती है।
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उनका कहना है कि रिकॉर्ड में कट्टों की संख्या कम दिखाई जाती है जिससे उन्हें नुकसान होता है। वहीं कुछ ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि मंडी से पास होकर आने के बावजूद गोदाम में गाड़ियों को कई घंटों तक खड़ा रखा जाता है। इससे न केवल समय बर्बाद होता है बल्कि मौसम खराब होने की स्थिति में माल को भी नुकसान पहुंच सकता है।
वहीं हैफेड के फिल्ड इंस्पेक्टर व स्टोर इंचार्ज हरपाल ने बताया कि ज्यादातर गाड़ियां सामान्य रूप से अनलोड हो रही हैं। केवल दो-तीन गाड़ियों में ही अतिरिक्त नमी की समस्या सामने आई है। इन गाड़ियों में निर्धारित सीमा से अधिक नमी पाई जाती है, उन्हें नियमों के अनुसार या तो वैल्यू कट के साथ स्वीकार किया जाता है या फिर वापस भेजकर दोबारा सुखाकर लाने के निर्देश दिए जाते हैं। किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार के आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है और ऐसे आरोप अक्सर बिना ठोस आधार के लगाए जाते हैं।

फोटो संख्या:78- आढ़ती दिनेश कुमार