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शहर के 75 फीसदी हिस्से में तीन दिन तक पानी की आपूर्ति रहेगी बाधित
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सीबपुर में बनाया गया वाटर ट्रीटमेंट प्लांट।
- फोटो : Narnol
शहर में छह से आठ मार्च तक पानी की आपूर्ति बाधित रहेगी। इससे करीब शहर का 75 फीसदी हिस्सा प्रभावित होगा। ऐसे में पहले ही जरूरत के अनुसार पानी का स्टोर कर लें। इस दौरान नसीबपुर वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में नए वाटर टैंक को पुराने टैंक से जोड़ा जाएगा।
बता दें कि नसीबपुर गांव व रेवाड़ी रोड पर नहरी पानी को ट्रीट करने के लिए प्लांट लगा हुआ है। जन स्वास्थ्य के अनुसार कई बार नहरी पानी समय से नहीं मिलने के कारण शहर में पानी की सप्लाई प्रभावित होती है। इसी को ध्यान में रखकर नसीबपुर में एक और वाटर स्टोरेज टैंक का निर्माण करीब एक साल पहले शुरू किया गया था। अब यह टैंक बनकर तैयार हो गया है। नए टैंक के प्रयोग में आने से नसीबपुर में पानी स्टोरेज के लिए तीन टैंक उपलब्ध हो जाएंगे। इससे नहरी पानी को करीब एक माह तक के लिए स्टोर किया जा सकेगा। एसडीओ गोपाल सिंह ने बताया कि नया वाटर स्टोरेज टैंक बनाकर तैयार हो गया। टैंक से पंप हाउस तक पाइप लाइन को जोड़ दिया गया है। नए टैंक के लिए पंप हाउस में दो-दो मोटरें लगाई गई हैं। उन्होंने बताया कि नए टैंक शुरू होने से तीन मोटरों की मदद से शहर में एक साथ पानी की सप्लाई हो सकेगी। अभी दो मोटर ही एक साथ चलती हैं। नसीबपुर वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में वाटर स्टोरेज क्षमता बढ़ने से प्रति व्यक्ति 135 लीटर रोजाना पानी मिलेगा। इसके निर्माण पर करीब 21 करोड़ रुपये खर्च हुआ है।
दोनों टैंक जोड़े जाएंगे : नए वाटर टैंक में दो-तीन फीट पानी भरा गया है। अब नए टैंक को पुराने क्लीयर वाटर टैंक के साथ जोड़ा जाना है। ऐसे में साफ पानी वाले स्टोरेज टैंक को खाली करना होगा। तभी दोनों टैंकों को आपस में जोड़ा जा सकता। इससे प्लांट तीन दिन तक बंद करना होगा। इसके बाद नए दोनों टैंक उपयोग में आ सकेंगे। ऐसे में नसीबपुर प्लांट से शुक्रवार, शनिवार व रविवार को पानी की सप्लाई प्रभावित होगी। अधिकारियों का कहना है कि होली से पहले टैंक का प्रयोग शुरू हो जाएगा। अब नहरी पानी आएगा तो नए टैंक में स्टोर किया जाएगा।
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75 फीसदी शहर नसीबपुर वाटर ट्रीटमेंट पर आश्रित : शहर में पानी की सप्लाई नसीबपुर व रेवाड़ी रोड वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से होती है। इसमें करीब 75 फीसदी पानी नसीबपुर वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से होता है। पानी आपूर्ति के लिए 14 जगहों पर बूस्टिंग स्टेशन बने हैं। इसमें नसीबुपर से सुभाष पार्क, पुरानी कोर्ट, आईटीआई, लाइब्रेरी, हैफेड, गस्तीवाड़ा, बावड़ीपुर, सलामपुरा व सीनियर सेकेंडरी स्कूल में बूस्टिंग स्टेशन बने हैं। जिनमें कॉलोनियों/ मोहल्लों में पानी की सप्लाई होती है। इससे जमालपुर, केशव नगर, रेवाड़ी रोड, शिव कॉलोनी, राम नगर, गणेश कॉलोनी, शिवाजी नगर, चंदूवाड़ा, महाराण प्रताप नगर, शास्त्री नगर, नई सराय समेत अन्य मोहल्ले शामिल हैं।
25 फीसदी हिस्से में पानी की रहेगी आपूर्ति : रेवाड़ी रोड से प्लांट से पटीकरा गांव, देवीलाल कांपलेक्स, टीबी अस्पताल व माली टिब्बा बूस्टिंग स्टेशन से पानी की सप्लाई होती है। ऐसे में इन बूस्टिंग स्टेशनों से शहर के 25 फीसदी भागों में पानी की सप्लाई जारी रहेगी। इससे अस्पताल, खरखड़ी, माली टिब्बा, काठमंडी समेत अन्य मोहल्ले शामिल हैं।
नया वाटर टैंक बनकर तैयार हो चुका है। नए स्टोरेज टैंक को क्लीयर वाटर स्टोरेज टैंक से जोड़ा जाना है। ऐसे में तीन दिन तक नसीबपुर वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से पानी की सप्लाई प्रभावित रहेगी। लोग अभी से पानी को स्टोर कर रख लें। नए वाटर स्टोरेज टैंक प्रयोग में आने से गर्मियों में लोगों को पर्याप्त पानी मिल पाएगा। एक माह तक नहरी पानी को स्टोर किया जा सकेगा -गोपाल सिंह, एसडीओ पब्लिक हेल्थ नारनौल
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बता दें कि नसीबपुर गांव व रेवाड़ी रोड पर नहरी पानी को ट्रीट करने के लिए प्लांट लगा हुआ है। जन स्वास्थ्य के अनुसार कई बार नहरी पानी समय से नहीं मिलने के कारण शहर में पानी की सप्लाई प्रभावित होती है। इसी को ध्यान में रखकर नसीबपुर में एक और वाटर स्टोरेज टैंक का निर्माण करीब एक साल पहले शुरू किया गया था। अब यह टैंक बनकर तैयार हो गया है। नए टैंक के प्रयोग में आने से नसीबपुर में पानी स्टोरेज के लिए तीन टैंक उपलब्ध हो जाएंगे। इससे नहरी पानी को करीब एक माह तक के लिए स्टोर किया जा सकेगा। एसडीओ गोपाल सिंह ने बताया कि नया वाटर स्टोरेज टैंक बनाकर तैयार हो गया। टैंक से पंप हाउस तक पाइप लाइन को जोड़ दिया गया है। नए टैंक के लिए पंप हाउस में दो-दो मोटरें लगाई गई हैं। उन्होंने बताया कि नए टैंक शुरू होने से तीन मोटरों की मदद से शहर में एक साथ पानी की सप्लाई हो सकेगी। अभी दो मोटर ही एक साथ चलती हैं। नसीबपुर वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में वाटर स्टोरेज क्षमता बढ़ने से प्रति व्यक्ति 135 लीटर रोजाना पानी मिलेगा। इसके निर्माण पर करीब 21 करोड़ रुपये खर्च हुआ है।
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दोनों टैंक जोड़े जाएंगे : नए वाटर टैंक में दो-तीन फीट पानी भरा गया है। अब नए टैंक को पुराने क्लीयर वाटर टैंक के साथ जोड़ा जाना है। ऐसे में साफ पानी वाले स्टोरेज टैंक को खाली करना होगा। तभी दोनों टैंकों को आपस में जोड़ा जा सकता। इससे प्लांट तीन दिन तक बंद करना होगा। इसके बाद नए दोनों टैंक उपयोग में आ सकेंगे। ऐसे में नसीबपुर प्लांट से शुक्रवार, शनिवार व रविवार को पानी की सप्लाई प्रभावित होगी। अधिकारियों का कहना है कि होली से पहले टैंक का प्रयोग शुरू हो जाएगा। अब नहरी पानी आएगा तो नए टैंक में स्टोर किया जाएगा।
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75 फीसदी शहर नसीबपुर वाटर ट्रीटमेंट पर आश्रित : शहर में पानी की सप्लाई नसीबपुर व रेवाड़ी रोड वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से होती है। इसमें करीब 75 फीसदी पानी नसीबपुर वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से होता है। पानी आपूर्ति के लिए 14 जगहों पर बूस्टिंग स्टेशन बने हैं। इसमें नसीबुपर से सुभाष पार्क, पुरानी कोर्ट, आईटीआई, लाइब्रेरी, हैफेड, गस्तीवाड़ा, बावड़ीपुर, सलामपुरा व सीनियर सेकेंडरी स्कूल में बूस्टिंग स्टेशन बने हैं। जिनमें कॉलोनियों/ मोहल्लों में पानी की सप्लाई होती है। इससे जमालपुर, केशव नगर, रेवाड़ी रोड, शिव कॉलोनी, राम नगर, गणेश कॉलोनी, शिवाजी नगर, चंदूवाड़ा, महाराण प्रताप नगर, शास्त्री नगर, नई सराय समेत अन्य मोहल्ले शामिल हैं।
25 फीसदी हिस्से में पानी की रहेगी आपूर्ति : रेवाड़ी रोड से प्लांट से पटीकरा गांव, देवीलाल कांपलेक्स, टीबी अस्पताल व माली टिब्बा बूस्टिंग स्टेशन से पानी की सप्लाई होती है। ऐसे में इन बूस्टिंग स्टेशनों से शहर के 25 फीसदी भागों में पानी की सप्लाई जारी रहेगी। इससे अस्पताल, खरखड़ी, माली टिब्बा, काठमंडी समेत अन्य मोहल्ले शामिल हैं।
नया वाटर टैंक बनकर तैयार हो चुका है। नए स्टोरेज टैंक को क्लीयर वाटर स्टोरेज टैंक से जोड़ा जाना है। ऐसे में तीन दिन तक नसीबपुर वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से पानी की सप्लाई प्रभावित रहेगी। लोग अभी से पानी को स्टोर कर रख लें। नए वाटर स्टोरेज टैंक प्रयोग में आने से गर्मियों में लोगों को पर्याप्त पानी मिल पाएगा। एक माह तक नहरी पानी को स्टोर किया जा सकेगा -गोपाल सिंह, एसडीओ पब्लिक हेल्थ नारनौल