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बाजरे की सरकारी खरीद के लिए बढ़ रहा किसानों का इंतजार

Wed, 06 Oct 2021 11:48 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 06 Oct 2021 11:48 PM IST
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Waiting of farmers is increasing for government purchase of millet
जिले के किसानों का बाजरे की सरकारी खरीद को लेकर इंतजार बढ़ता जा रहा है। मगर सरकार की ओर से खरीद को लेकर अभी तक कोई आदेश या निर्देश जारी नहीं किए हैं। ऐसे में किसान मजबूरन अपनी उपज को औने-पौने दाम पर मंडियों में व्यापारियों के यहां बेचने का विवश है। नारनौल अनाज मंडी में बिक्री के लिए अब तक 560 क्विंटल के करीब बाजरे की आवक आ चुकी है। मगर नमी की अधिकता के चलते व्यापारियों द्वारा खुली बोलकर लगाकर 394 क्विंटल बाजरा ही खरीद किया गया है। मार्केट कमेटी कार्यालय के अनुसार व्यापारियों द्वारा 1200-1300 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से बाजरा खरीदा जा रहा है। जबकि सरकार द्वारा बाजरे का सरकारी समर्थन मूल्य 2250 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। हालांकि सरकार ने बाजरे पर भावांतर भरपाई योजना के तहत किसानों को 600 रुपये देने की घोषणा की है, लेकिन 600 रुपये मिलने के बाद भी उन्हें अपनी उपज का न्यूनतम समर्थन मूल्य नहीं मिल पा रहा है। इसलिए किसानों में सरकार के प्रति रोष भी बना हुआ है, क्योंकि सरकार ने एक अक्तूबर से सरकारी खरीद शुरू करने का निर्णय लिया था, मगर आज छह दिन बीतने के बाद भी खरीद के लिए कोई आदेश या निर्देश नहीं दिए गए है।
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बता दें कि जिला महेंद्रगढ़ में खरीफ फसल में मुख्य रूप से मूंग, बाजारा, कपास व ग्वार की खेती की जाती है। सबसे अधिक बाजरा की बिजाई होती है। ऐसे में जिले में बाजरे की अधिक पैदावार होती है। जिले में सबसे अधिक 57578 किसानों ने बाजरा फसल के लिए मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकरण करवाया। इनमें अटेली में 8095, कनीना में 10689, महेंद्रगढ़ में 12008, नांगल चौधरी में 11010, नारनौल में 11678 तथा सतनाली में 3946 किसान पंजीकृत है। इसी प्रकार 11275 किसानों ने कपास तथा 10885 किसानों ने मूंग फसल के लिए पोर्टल पर अपना पंजीकरण करवाया है। इस प्रकार बाजरा जिले के किसानों की मुख्य फसल है। ऐसे में बाजरे की सरकारी खरीद शुरू नहीं होने से किसान मायूस है।
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बाजरे की सरकारी खरीद शुरू करवाने के लिए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री ओमप्रकाश यादव के साथ नांगल चौधरी विधायक डॉ. अभय सिंह यादव तथा अटेली विधायक सीताराम यादव ने सोमवार शाम को मुख्यमंत्री मनोहर लाल से मुलाकात की। उन्होंने सीएम को मांग पत्र देते हुए कहा कि जिला के अधिकतर लोग कृषि आय पर निर्भर है। ऐसे में राज्य सरकार बाजरे की सरकारी खरीद तुरंत प्रभाव से शुरू करवाएं। उन्होंने कहा कि अगर किसान भावांतर भरपाई योजना के तहत अपना बाजरा बेचते हैं तो उन्हें आर्थिक तौर पर नुकसान उठाना पड़ेगा। इस बार अधिक बारिश के कारण फसले खराब हुई है। अगर किसानों का बाजरा सरकारी खरीद पर नहीं होता है तो उन्हें अधिक परेशानी उठानी पड़ेगी। राज्य सरकार किसानों के आर्थिक उत्थान के लिए विशेष प्रावधान करते हुए बाजरे की सरकारी खरीद तुरंत प्रभाव से शुरू कराए। इस दौरान कोसली के विधायक लक्ष्मण यादव व पटौदी के विधायक सत्यप्रकाश जरवाता भी मौजूद रहे।
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सरकार ने बाजरे को भावांतर भरपाई योजना में शामिल कर किसानों को 600 रुपये प्रति क्विंटल देने की घोषणा की है, लेकिन किसानों को 600 रुपये की राशि किसी प्रकार से उनके खाते में पहुंचेगी और किन किसानों यह राशि मिलेगी यह अभी तक सरकार ने स्पष्ट नहीं किया है। वहीं व्यापारियों को भी खरीद के संबंधित में कोई जानकारी नहीं मिली है। ऐसे में किसान व व्यापारी दोनों की असमंजस की स्थिति में है।

बाजरा खरीद को लेकर अभी अधिकारिक आदेश नहीं मिले है। संभावना है कि वीरवार को विभागीय आदेशानुसार खरीद शुरू कर दी जाए। खरीद के लिए सभी तैयारी पूरी है। -राजकुमार शर्मा, प्रबंधक हैफेड नारनौल।
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