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एक मावठ के इंतजार में किसान

Sun, 08 Jan 2017 12:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Sun, 08 Jan 2017 12:01 AM IST
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बारिश का इंतजार
मौसम ने शुक्रवार शाम से यू टर्न लिया है। दो-तीन दिनों से दिन के समय सर्दी में भी गर्मी का अहसास होने के बाद शनिवार को क्षेत्र में बादल छाए। बादलों के कारण सूर्य देव की चमक भी शनिवार फीकी रही। जिसके कारण दिन के समय लोगों को सर्दी का अहसास हुआ तथा ठंडी हवाएं भी चली। वहीं मौसम के इस बदलते मिजाज से किसान खुश हैं तथा अब बादलों के बाद बरसात के लिए टकटकी लगाए हुए हैं। किसानों का कहना है कि अगर अब मावठ हो जाती है तो किसानों के लिए सोना बरसेगा। जिले में अक्तूबर माह के बाद अभी तक बरसात नहीं हुई है। जिसके कारण हजारों किसानों की फसल खराब होने के कगार पर है।
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इस बार सर्दियों के मौसम में जनवरी माह के शुरुआत में गर्माहट महसूस हो रही थी तथा अधिकतम तापमान 20 डिग्री से अधिक चल रहा है। दिसंबर माह के अंत में 30 व 31 को कोहरा पड़ा था। इसके बाद जनवरी माह में शुरूआत में दो दिन ही हल्का कोहरा पड़ा। तीन  जनवरी को कोहरा पड़ने के बाद से दो-तीन दिन से आसमान साफ था तथा तेज धूप हो रही थी। जिसके चलते लोगों को लगने लगा कि अब सर्दी के मौसम की यह विदाई  है। लेकिन शुक्रवार शाम से फिर से क्षेत्र में बादल छाए हुए हैं। शनिवार  को दिन के समय बादल छाने व शीत लहर चलने से किसानों के चेहरों पर रौनक है।
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एक बरसात के इंतजार में किसान
इस बार अक्तूबर माह के बाद बरसात नहीं हुई है। ऐसे में किसान बरसात का इंतजार चार-पांच माह कर रहे हैं लेकिन बरसात न होने के कारण किसान परेशान होने लगे हैं। मिर्जापुर के किसान रणवीर सिंह, बाछौद के नवीन कुमार, नीरपुर के  अनिल, रोहताश सिंह, सराय के छाबर सिंह, सिहमा के बाबूलाल, जगदीश आदि का  कहना है कि इस बार रबी की फसल के मौसम में एक बार भी बरसात नहीं हुई है। कई  बार दो से तीन बार दिसंबर व जनवरी माह में बरसात हो जाती है। जिससे फसल अच्छी हो जाती है लेकिन इस बार बरसात न होने के कारण फसल की अच्छी पैदावार नहीं होगी । किसानों का कहना है कि अगर अभी भी बरसात होती है तो फसलों को फायदा  हो जाएगा।
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किसानों को सताने लगी फसलों की चिंता
इस वर्ष कम ठंड और बारिश न होने के किसानों को अपनी फसलों की चिंता सताने लगी थी। किसानों को लगने लगा था कि यदि मौसम का यही हाल रहा तथा उनकी पूरे साल की  मेहनत खराब हो जाएगी। दो-तीन दिन से अधिकतम तापमान 20 से 22 डिग्री से ऊपर चल रहा है जो सामान्य से चार से तीन से चार डिग्री अधिक है। ऐसे में रबी  की फसलों को भारी नुकसान पहुंच रहा था। कृषि विशेषज्ञ भी इस नुकसान से चिंतित थे। इस कारण फसलों के उत्पादन में गिरावट आ सकती थी तथा खराब फसल का परिणाम केवल किसान ही नहीं, अपितु आमजन को भी भुगतना पड़ सकता था।


नहीं हैं सिंचाई के पर्याप्त संसाधन
महेंद्रगढ़ कृषि प्रधान जिला है। इस जिले में रबी फसल के दौरान सरसों, गेहूं, जौ एवं चना की फसलें प्रमुखता से ली जा जाती है। कृषि योग्य उपजाऊ जमीन होने के बावजूद सिंचाई के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं होने के कारण किसानों को अक्सर बरसात पर ही निर्भर रहना पड़ता है। लेकिन बरसात में साल-दर-साल गिरावट आती जा रही है और कृषि योग्य उपजाऊ जमीन का रकबा घटता जा रहा है। इस बार रबी फसल के दौरान किसानों को बरसात की कमी बेहद खली है। इलाके में पिछले करीब चार महीनों से कोई बरसात नहीं हुई है। इसी का परिणाम रहा कि सिंचाई के अभाव में अंतिम दिनों में खरीफ फसल पूरी तरह पक नहीं पाई थी और किसानों को भारी नुकसान हो रहा था।
दिन का तापमान चल रहा था 20 डिग्री से ऊपर
पिछले तीन-चार दिनों से गर्माहट मौसम बना हुआ था। दिन के तापमान इन दिनों इलाके में 20 डिग्री के ऊपर बना हुआ था। दिन के समय सूर्यदेव पूरे यौवन पर थे जिसे फसलों का नुकसान हो रहा था।
मौसम में यह बदलाव अच्छा है। इससे फसलों को फायदा होगा। अगर एक बार मावठ हो जाए तो फसलों के लिए यह सोना है। -जयदयाल, किसान
बादल छाने से बरसात की थोड़ी उम्मीद जगी है। अगर इस समय बरसात हो जाती है तो यह फसलों के लिए बहुत ही अच्छी रहेगी। -सतीश, किसान
बादल छाने से मौसम में थोड़ा परिवर्तन हुआ है। इससे हल्की ठंडक वातावरण में घुली है। बरसात तक तो ठीक है, मगर ओलावृष्टि नहीं होनी चाहिए।- बालकिशन,  किसान

घटने लगा है खेती का रकबा
जिला महेंद्रगढ़ को कृषि उपजाऊ  क्षेत्र माना जाता है। जिले में करीब एक लाख 70 हजार हेक्टेयर को कृषि विभाग द्वारा उपजाऊ माना जाता है लेकिन बार-बार बरसात में गिरावट आने से यह रकबा घट रहा है। अबकी बार सर्दी की शुरूआत में बरसात नहीं होने से यह  रकबा और ज्यादा घट गया। अबकी बार किसानों ने करीब 80 हेक्टेयर में ही सरसों की बिजाई की है, जबकि अक्सर यह 95 हजार से एक लाख हेक्टेयर होती है। इसी  प्रकार गेहूं महज 50 हेक्टेयर में बोया गया है, जबकि यह लगभग 65 हजार होता था।
ये है तापमान का आंकड़ा
दिन      अधिकतम    न्यूनतम
01 जनवरी  19.5          6.0
02 जनवरी  19.0          7.5
03 जनवरी  22.5          4.5
04 जनवरी  23.0          4.5
05 जनवरी  22.5          6.2
06 जनवरी  21.5          6.5
07 जनवरी  18.5            10.5
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