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खातौली अहीर के ग्रामीणों ने स्टोन क्रशरों से उड़ती धूल को लेकर लगाया जाम
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नांगल चौधरी। क्षेत्र के गांव खातोली अहीर के ग्रामीणों ने स्टोन क्रशरों से होने वाले प्रदूषण के खिलाफ बुधवार सुबह नारनौल-धोलेड़ा सड़क मार्ग को जाम कर विरोध जताया। जाम के चलते सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। वहीं जाम की सूचना पाकर निजामपुर एसएचओ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाकर-बुझाकर जाम खुलवाया।
गांव खातोली अहीर की सीमा में अरावली पहाड़ियों की तलहटी में दर्जनभर स्टोन क्रशर लगे हुए हैं। जिनके कारण दिनभर अत्यधिक मात्रा में धूल उड़ती रहती है। जिससे वातावरण काफी दूषित रहता है। इसका सबसे ज्यादा खामियाजा महात्मा गांधी आवास योजना के तहत सरकार द्वारा बसाई गई हरिजन कॉलोनी के लोगों को झेलना पड़ता है जो वहां पर दिनभर प्रदूषण का दंश झेलते रहते हैं। उड़ने वाली भारी धूल की वजह से ग्रामीणों में अनेक तरह की बीमारियां घर बना रही है। बार-बार मांग के बाद भी प्रशासन व सरकार इस समस्या की ओर कोई ध्यान नहीं दे रही है। जिससे परेशान होकर ग्रामीणों ने जाम लगाने के लिए मजबूर होना पड़ा। जाम लगा रहे ग्रामीणों ने सरकार व प्रशासन से मांग की कि स्टोन क्रशरों को नियमों के साथ संचालन किया जाए। धूल की रोकथाम के लिए पानी का छिड़काव किया जाए। अगर उनकी मांगों को नहीं माना गया और समय रहते हुए उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया गया तो वे दोबारा से सड़क जाम करने के लिए मजबूर होंगे।
जिले के स्टोन क्रशरों के खिलाफ में पर्यावरण को बचाने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रहे एनजीटी में याचिकाकर्ता, इंजीनियर तेजपाल यादव ने बताया कि हमारी याचिका पर महेंद्रगढ़ जिले के 72 अवैध स्टोन क्रशरों को रद्द करने के आदेश एनजीटी द्वारा दो बार हो चुके हैं। उक्त आदेश के अनुपालन में स्टोन क्रशरों की एनओसी भी रद्द हो चुकी थी, जिनमें गांव खातोली अहीर के भी लगभग दर्जनभर स्टोन क्रशर शामिल थे, लेकिन हरियाणा सरकार, हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण विभाग व प्रशासनिक अधिकारियों की मिलीभगत के चलते खातोली अहीर के कुछ क्रशरों को फिर से एनओसी जारी कर दी गई है।
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गांव खातोली अहीर की सीमा में अरावली पहाड़ियों की तलहटी में दर्जनभर स्टोन क्रशर लगे हुए हैं। जिनके कारण दिनभर अत्यधिक मात्रा में धूल उड़ती रहती है। जिससे वातावरण काफी दूषित रहता है। इसका सबसे ज्यादा खामियाजा महात्मा गांधी आवास योजना के तहत सरकार द्वारा बसाई गई हरिजन कॉलोनी के लोगों को झेलना पड़ता है जो वहां पर दिनभर प्रदूषण का दंश झेलते रहते हैं। उड़ने वाली भारी धूल की वजह से ग्रामीणों में अनेक तरह की बीमारियां घर बना रही है। बार-बार मांग के बाद भी प्रशासन व सरकार इस समस्या की ओर कोई ध्यान नहीं दे रही है। जिससे परेशान होकर ग्रामीणों ने जाम लगाने के लिए मजबूर होना पड़ा। जाम लगा रहे ग्रामीणों ने सरकार व प्रशासन से मांग की कि स्टोन क्रशरों को नियमों के साथ संचालन किया जाए। धूल की रोकथाम के लिए पानी का छिड़काव किया जाए। अगर उनकी मांगों को नहीं माना गया और समय रहते हुए उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया गया तो वे दोबारा से सड़क जाम करने के लिए मजबूर होंगे।
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जिले के स्टोन क्रशरों के खिलाफ में पर्यावरण को बचाने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रहे एनजीटी में याचिकाकर्ता, इंजीनियर तेजपाल यादव ने बताया कि हमारी याचिका पर महेंद्रगढ़ जिले के 72 अवैध स्टोन क्रशरों को रद्द करने के आदेश एनजीटी द्वारा दो बार हो चुके हैं। उक्त आदेश के अनुपालन में स्टोन क्रशरों की एनओसी भी रद्द हो चुकी थी, जिनमें गांव खातोली अहीर के भी लगभग दर्जनभर स्टोन क्रशर शामिल थे, लेकिन हरियाणा सरकार, हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण विभाग व प्रशासनिक अधिकारियों की मिलीभगत के चलते खातोली अहीर के कुछ क्रशरों को फिर से एनओसी जारी कर दी गई है।
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