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Mahendragarh-Narnaul News: बेमौसम बारिश से किसानों की बढ़ी चिंता, सरसों की बिजाई पर संकट
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फोटो नंबर- 21नारनौल स्थित नई अनाज मंडी में जमा बारिश का पानी व टीन शेड़ के नीचे रखे बाजरे के
निजामपुर/नारनौल। क्षेत्र में बेमौसम बारिश और मौसम में बदलाव ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। हल्की बारिश के बाद सरसों की बिजाई में देरी होने और पहले से बोई गई फसल के खराब होने की आशंका है। वहीं, नारनौल अनाज मंडी में बूंदाबांदी और बारिश की संभावना के चलते बाजरे की खरीद भी प्रभावित हो रही है।
किसान मनोज शर्मा ने बताया कि सरसों की बिजाई के लिए खेत तैयार करने और बीज व खाद की व्यवस्था करने में पहले ही काफी खर्च हो चुका है। यदि तेज बारिश होती है तो खेतों में बोया गया बीज खराब हो सकता है। ऐसे में किसानों को दोबारा बिजाई करनी पड़ेगी।
मनोज ने बताया कि फसल खराब होने पर दोबारा बिजाई और बीज की व्यवस्था करने में प्रति एकड़ करीब 4 से 5 हजार रुपये का अतिरिक्त खर्च आ सकता है।
कृषि विभाग ने दी मौसम के अनुसार बिजाई की सलाह
कृषि विभाग की उप निदेशक डॉ. नेहा चौधरी ने बताया कि सरसों की बिजाई के दौरान तेज बारिश होने से फसल के खराब होने की आशंका रहती है। इसलिए किसानों को मौसम की स्थिति और कृषि विभाग की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार ही सरसों की बिजाई करनी चाहिए।
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बाजरा खरीद पर भी पड़ा असर
नारनौल मंडी में वीरवार सुबह से बादल छाए रहे और कुछ जगह बूंदाबांदी हुई। बारिश की आशंका के कारण खुले में बाजरे की ढेरियां नहीं लगाई गईं। खरीद दो टीन शेड के नीचे की गई। जगह कम होने के कारण कई किसानों का बाजरा सीधे बैग में भरना पड़ा। मौसम खराब रहने पर आने वाले दिनों में खरीद प्रभावित होने और बाजरा भीगने का खतरा बना हुआ है।
.............
दो दिन तक चक्कर लगाने के बाद डीएपी खाद मिल पाया। अब बारिश की संभावना के चलते सरसों की बिजाई में देरी हो सकती है। उन्होंने कहा कि मौसम साफ रहने पर ही बिजाई का काम आगे बढ़ पाएगा।-सुनील, किसान, गांव गहली
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किसान मनोज शर्मा ने बताया कि सरसों की बिजाई के लिए खेत तैयार करने और बीज व खाद की व्यवस्था करने में पहले ही काफी खर्च हो चुका है। यदि तेज बारिश होती है तो खेतों में बोया गया बीज खराब हो सकता है। ऐसे में किसानों को दोबारा बिजाई करनी पड़ेगी।
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मनोज ने बताया कि फसल खराब होने पर दोबारा बिजाई और बीज की व्यवस्था करने में प्रति एकड़ करीब 4 से 5 हजार रुपये का अतिरिक्त खर्च आ सकता है।
कृषि विभाग ने दी मौसम के अनुसार बिजाई की सलाह
कृषि विभाग की उप निदेशक डॉ. नेहा चौधरी ने बताया कि सरसों की बिजाई के दौरान तेज बारिश होने से फसल के खराब होने की आशंका रहती है। इसलिए किसानों को मौसम की स्थिति और कृषि विभाग की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार ही सरसों की बिजाई करनी चाहिए।
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बाजरा खरीद पर भी पड़ा असर
नारनौल मंडी में वीरवार सुबह से बादल छाए रहे और कुछ जगह बूंदाबांदी हुई। बारिश की आशंका के कारण खुले में बाजरे की ढेरियां नहीं लगाई गईं। खरीद दो टीन शेड के नीचे की गई। जगह कम होने के कारण कई किसानों का बाजरा सीधे बैग में भरना पड़ा। मौसम खराब रहने पर आने वाले दिनों में खरीद प्रभावित होने और बाजरा भीगने का खतरा बना हुआ है।
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दो दिन तक चक्कर लगाने के बाद डीएपी खाद मिल पाया। अब बारिश की संभावना के चलते सरसों की बिजाई में देरी हो सकती है। उन्होंने कहा कि मौसम साफ रहने पर ही बिजाई का काम आगे बढ़ पाएगा।-सुनील, किसान, गांव गहली