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डस्टबिन खरीद मामले में दो पंचायत सचिव गिरफ्तार, सरपंच की तलाश

Tue, 15 Sep 2020 11:42 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 15 Sep 2020 11:42 PM IST
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Two panchayat secretaries arrested in dustbin purchase case, search for sarpanch
डस्टबिन घोटाला मामले को लेकर विजिलेंस टीम ने दो पंचायत सचिवों को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों को नारनौल कोर्ट में पेश किया गया, जहां से कोर्ट ने जेल भेज दिया है। विजिलेंस ने आरोपी सरपंच की गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए हैं।
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बता दें करीब तीन साल पहले गांव भुंगारका डस्टबिन खरीद को लेकर शिकायत सीएम को भेजी गई थी। मुख्यमंत्री ने मामले को जांच के लिए विजिलेंस के पास भेज दिया था। विजिलेंस टीम ने पंचायत से डस्टबिन खरीद संबंधित रिकार्ड तलब किया था। रिकार्ड और भुगतान रजिस्ट्रर के अनुसार 200 डस्टबिन खरीदने की बात आई थी। फिजिकल वेरीफिकेशन में 100 डस्टबिन मिले। 100 डस्टबिन कम मिलने पर सरपंच से जबाब तलब किया। उन्होंने 100 कूड़ेदान चोरी होने का तर्क दिया, किंतु एफआइआर की कॉपी प्रस्तुत नहीं की। विजिलेंस ने चोरी के दावे को खारिज कर दिया। 100 डस्टबिनों की खरीद प्रक्रिया भी नियमानुसार नहीं मिली। दूसरी ओर पंचों के फर्जी हस्ताक्षर भी आरोपियों के लिए मुसीबत बन गए। हालांकि सरपंच ने पंचों के शपथ पत्र प्रस्तुत करके फर्जीवाड़े के आरोपों को नकारा है। किंतु शिकायतकर्ता पंचों ने हाईकोर्ट में पैरवी करके सरपंच दोषी होने की पुष्टि की है। जिससे पहले सेशन कोर्ट ने अग्रिम जमानत देने से इंकार कर दिया। बाद में पंचायत सचिवों ने हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत मांगी, किंतु सफलता नहीं मिली। इस विजिलेंस ने पंचायत सचिवों व सरपंच को नोटिस भेजकर पेश होने के निर्देश दिए। पालना नहीं होने पर विजिलेंस निरीक्षक नवलकिशोर शर्मा ने सोमवार की देर शाम सचिव मूलचंद को गिरफ्तार किया। मंगलवार सुबह सचिव उमेश कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया। भुंगारका के ग्रामीणों ने बताया कि पंचों के फर्जी हस्ताक्षरों के आधार पर आबकारी विभाग ने गांव में शराब का ठेका खोलने की अनुमति दी थी। ठेका जलाने की घटना होने के बाद हस्ताक्षरों के फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ था।
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-डस्टबिन विक्रेता ने पंचायत फंड में जमा करवा दिए पैसे
जानकारी के अनुसार पंचायत ने नारनौल (नसीबपुर) की एक फर्म से डस्टबिन खरीदे थे। सेशन कोर्ट में जमानत खरिज होने के बाद उन्होंने 3.80 लाख रुपये पंचायत फंड में जमा करवा दिए थे। उन्होंने तर्क दिया कि पंचायत ने 200 डस्टबिनों का चेक दिया था, किंतु खरीदे 100 हैं। इसलिए बची हुई राशि पंचायत को लौटा दी। इसी प्रक्रिया के आधार पर आरोपी को हाईकोर्ट से जमानत मिली है।
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कोरोना चेकअप के बाद आरोपी कोर्ट में पेश, जेल भेजे
विजिलेंस निरीक्षक नवलकिशोर शर्मा ने बताया कि डस्टबिन घोटाला तथा पंचों के फर्जी हस्ताक्षरों के मामले में दो पंचायत सचिवों को गिरफ्तार किया है। कोरोना वायरस जांच के बाद कोर्ट में पेश किया, जहां से कोर्ट ने जेल भेज दिया। सरपंच की गिरफ्तारी बाकी है। सूत्रों की मानें तो आरोपियों के खिलाफ एक साल पहले केस दर्ज हुआ था। इसके बाद आरोपी सचिव, सरपंचों की उपस्थिति में डस्टबिनों का वजन किया और गिनती की गई थी।
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