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तीन साल से कम उम्र के बच्चों को प्ले वे स्कूल नहीं दे पाएंगे एडमिशन
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 10 Jan 2017 11:52 PM IST
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प्ले स्कूल
- फोटो : SELF
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अब जिले के प्ले स्कूूलों पर तलवार लटकती नजर आ रही है। प्ले स्कूल तीन साल से कम उम्र के बच्चों को दाखिला नहीं दे पाएंगे। इसके लिए राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की ओर से प्ले स्कूलों के लिए नई गाइडलाइन जारी कर दी गई है। उसी गाइड लाइन के अनुसार स्कूलों में दाखिले के लिए बच्चे की उम्र कम से कम तीन साल होनी जरूरी होगी। निरीक्षण के दौरान अगर किसी भी प्ले स्कूल में तीन साल से कम उम्र का बच्चा पाया गया तो आयोग द्वारा सख्त कार्रवाई की जाएगी। अब आयोग सदस्य जिले में प्ले ग्रुप स्कूलों में निरीक्षण करेंगे ताकि बच्चों के अधिकारों का हनन न हो।
कई राज्यों में हुआ गहरा मंथन
महिला एवं बाल विकास विभाग ने राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग से कमेंट मांगे थे। कई बुद्धिजीवियों से भी प्ले स्कूलों में बच्चों की उम्र को लेकर विचार विमर्श हुआ। यहीं नहीं, बच्चों के अधिकार को लेकर मुंबई, जयपुर, दिल्ली में मंथन हुआ। मंथन के बाद राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने सभी आयोग सदस्य और प्रशासनिक अधिकारों को नई गाइडलाइन भेजी। अब आयोग सदस्य गंभीरता से जिला के प्ले स्कूलों के साथ कई हॉस्टल को भी चेक करेंगे। किसी भी प्ले स्कूल में तीन साल से कम उम्र का बच्चा पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
जिले में हैं 90 स्कूल
जिले में लगभग 90 प्ले स्कूल हैं। इन प्ले स्कूलों में अंडर-3 वर्ष लगभग 2700 बच्चे पढ़ रहे हैं। प्री नर्सरी कक्षा में औसत 30 बच्चे पढ़ते हैं। इन बच्चों का कहीं रिकार्ड नहीं होता। उपरोक्त संख्या अनुमानित है। शिक्षा विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग में भी इनका रिकॉर्ड नहीं हैं।
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कर्मचारियों की पुलिस वेरिफिकेशन भी जरूरी
प्ले स्कूलों में रखे जाने वाले कर्मचारियों के लिए भी गाइडलाइन में जरूरी दिशा निर्देश दिए गए हैं। हर कर्मचारी की पुलिस वेरिफिकेशन करवानी होगी। इसके बाद ही उसकी नियुक्ति मान्य होगी। समय-समय पर इसकी जांच होगी। अगर बिना पुलिस वेरिफिकेशन के कर्मचारी पाए गए तो संस्थान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का प्रावधान गाइडलाइन में रखा गया है।
हमारे पास अभी इस प्रकार की कोई मेल नहीं आई है। मेल आने के बाद ही हम कुछ बता पाएंगे। प्ले स्कूल के बच्चों के पास हमारे पास रिकॉर्ड नहीं होता।
-सीडीपीओ, दर्शना राव
बाल संरक्षण अधिकार आयोग से हमारे पास कोई मेल नहीं आई है। वैसे भी इन स्कूलों का हमारे पास कोई रिकॉर्ड नहीं है।
-जिला शिक्षा अधिकारी मुकेश लावनिया।
राज्य बाल संरक्षण अधिकार आयोग के सदस्य परमजीत सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने प्ले ग्रुप स्कूलों को लेकर गाइड लाइन जारी कर दी है। गाइड लाइन के अनुसार प्ले ग्रुप स्कूलों में 3 से कम उम्र के बच्चे को दाखिला नहीं दिया जा सकेगा। कई अभिभावक नौकरी करते है और बच्चों को कम उम्र में प्ले स्कूल में डाल देते हैं। ऐसे में बच्चों के अधिकारों का हनन हो रहा है। अब प्ले ग्रुप स्कूल और हॉस्टल को गंभीरता से चेक किया जाएगा। कमी मिलने पर सख्त करवाई की जाएगी।
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कई राज्यों में हुआ गहरा मंथन
महिला एवं बाल विकास विभाग ने राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग से कमेंट मांगे थे। कई बुद्धिजीवियों से भी प्ले स्कूलों में बच्चों की उम्र को लेकर विचार विमर्श हुआ। यहीं नहीं, बच्चों के अधिकार को लेकर मुंबई, जयपुर, दिल्ली में मंथन हुआ। मंथन के बाद राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने सभी आयोग सदस्य और प्रशासनिक अधिकारों को नई गाइडलाइन भेजी। अब आयोग सदस्य गंभीरता से जिला के प्ले स्कूलों के साथ कई हॉस्टल को भी चेक करेंगे। किसी भी प्ले स्कूल में तीन साल से कम उम्र का बच्चा पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
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जिले में हैं 90 स्कूल
जिले में लगभग 90 प्ले स्कूल हैं। इन प्ले स्कूलों में अंडर-3 वर्ष लगभग 2700 बच्चे पढ़ रहे हैं। प्री नर्सरी कक्षा में औसत 30 बच्चे पढ़ते हैं। इन बच्चों का कहीं रिकार्ड नहीं होता। उपरोक्त संख्या अनुमानित है। शिक्षा विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग में भी इनका रिकॉर्ड नहीं हैं।
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कर्मचारियों की पुलिस वेरिफिकेशन भी जरूरी
प्ले स्कूलों में रखे जाने वाले कर्मचारियों के लिए भी गाइडलाइन में जरूरी दिशा निर्देश दिए गए हैं। हर कर्मचारी की पुलिस वेरिफिकेशन करवानी होगी। इसके बाद ही उसकी नियुक्ति मान्य होगी। समय-समय पर इसकी जांच होगी। अगर बिना पुलिस वेरिफिकेशन के कर्मचारी पाए गए तो संस्थान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का प्रावधान गाइडलाइन में रखा गया है।
हमारे पास अभी इस प्रकार की कोई मेल नहीं आई है। मेल आने के बाद ही हम कुछ बता पाएंगे। प्ले स्कूल के बच्चों के पास हमारे पास रिकॉर्ड नहीं होता।
-सीडीपीओ, दर्शना राव
बाल संरक्षण अधिकार आयोग से हमारे पास कोई मेल नहीं आई है। वैसे भी इन स्कूलों का हमारे पास कोई रिकॉर्ड नहीं है।
-जिला शिक्षा अधिकारी मुकेश लावनिया।
राज्य बाल संरक्षण अधिकार आयोग के सदस्य परमजीत सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने प्ले ग्रुप स्कूलों को लेकर गाइड लाइन जारी कर दी है। गाइड लाइन के अनुसार प्ले ग्रुप स्कूलों में 3 से कम उम्र के बच्चे को दाखिला नहीं दिया जा सकेगा। कई अभिभावक नौकरी करते है और बच्चों को कम उम्र में प्ले स्कूल में डाल देते हैं। ऐसे में बच्चों के अधिकारों का हनन हो रहा है। अब प्ले ग्रुप स्कूल और हॉस्टल को गंभीरता से चेक किया जाएगा। कमी मिलने पर सख्त करवाई की जाएगी।