{"_id":"66844888c5d2b384f70030c3","slug":"treatment-stopped-in-private-hospitals-for-two-days-more-than-50-operations-postponed-narnol-news-c-203-1-sroh1010-110484-2024-07-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mahendragarh-Narnaul News: निजी अस्पतालों में दो दिन से उपचार बंद, 50 से अधिक ऑपरेशन टले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mahendragarh-Narnaul News: निजी अस्पतालों में दो दिन से उपचार बंद, 50 से अधिक ऑपरेशन टले
Wed, 03 Jul 2024 12:05 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Wed, 03 Jul 2024 12:05 AM IST
विज्ञापन
फोटो संख्या: 74 संदीप मालड़ा बास---संवाद
महेंद्रगढ़। निजी अस्पतालों की ओर से प्रदेश के आयुष्मान कार्ड धारकों का उपचार बंद करने के कारण पिछले दो दिनों में 200 से अधिक लोग निजी अस्पतालों में उपचार से वंचित रहे। वहीं निजी अस्पतालों में होने वाले 50 से अधिक छोटे-बड़े ऑपरेशन भी नहीं हो पाए हैं। महेंद्रगढ़ जिले में 484865 आयुष्मान कार्ड धारक हैं। जिले में कुल 558023 आयुष्मान कार्ड बनाने के लक्ष्य का भी 87 प्रतिशत पूरा कर महेंद्रगढ़ जिला आयुष्मान कार्ड बनाने में प्रदेश में पहले पायदान पर है।
जिले में आयुष्मान कार्ड धारकों को बेहतर उपचार देने के लिए कुल 57 सरकारी व निजी अस्पताल आयुष्मान के पैनल पर हैं। इनमें से 29 सरकारी व 28 निजी अस्पताल शामिल हैं। जिले के सरकारी अस्पतालों में सुविधाओं के अभाव में कार्ड धारक भी निजी अस्पतालों में उपचार को प्राथमिकता देते हैं। ऐसे में प्रतिदिन इन पैनल में शामिल 28 निजी अस्पतालों में औसतन 100 लोगों का उपचार होता है। पिछले दो दिनों से आईएमए आह्वान पर निजी अस्पतालों में नए आने वाले मरीजों के लिए उपचार बंद कर दिया है। इसके कारण 200 आयुष्मान कार्ड धारक चिकित्सा सेवाओं से वंचित रहे हैं। साथ ही जिला के अस्पतालों में इन दो दिनों में 50 से अधिक कार्ड धारकों के छोटे-बड़े ऑपरेशन भी नहीं हो पाए हैं।
नहीं मिला उपचार
शहर के मोहल्ला बास निवासी 35 वर्षीय संदीप कुमार ने बताया कि मंगलवार को वह आयुष्मान पैनल में शामिल शहर के एक निजी अस्पताल में उपचार के लिए गया था। लंबे समय से उसे पेट से संबंधित परेशानी है। जब अस्पताल में पहुंचा तो वहां स्टाफ ने बताया कि दो दिन से आयुष्मान कार्ड धारकों का इलाज बंद है। कुछ दिन पूर्व भी पेट की समस्या हुई थी तो सरकारी अस्पताल से निजी में रेफर कर दिया था। आयुष्मान योजना के तहत निजी अस्पताल में उपचार कराया था, लेकिन अब फिर से परेशानी होने पर जब वह गया तो उपचार देने से साफ मना कर दिया गया।
विज्ञापन
निजी अस्पतालों का आठ करोड़ बकाया
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के जिला सचिव डॉ. दीपक सिंगला ने बताया कि जिला महेंद्रगढ़ के निजी अस्पतालों में कार्ड धारकों के उपचार का आठ करोड़ रुपये बकाया है। निजी अस्पताल पिछले कुछ समय से कई समस्याएं झेल रहे हैं। सरकार ने गत वर्ष जुलाई माह में 50 प्रतिशत भुगतान का आश्वासन दिया था, लेकिन आज तक नहीं हो पाया है। आईएमए के उच्चाधिकारियों के आदेशानुसार आगामी निर्णय लिया जाएगा।
विज्ञापन
जिले में आयुष्मान कार्ड धारकों को बेहतर उपचार देने के लिए कुल 57 सरकारी व निजी अस्पताल आयुष्मान के पैनल पर हैं। इनमें से 29 सरकारी व 28 निजी अस्पताल शामिल हैं। जिले के सरकारी अस्पतालों में सुविधाओं के अभाव में कार्ड धारक भी निजी अस्पतालों में उपचार को प्राथमिकता देते हैं। ऐसे में प्रतिदिन इन पैनल में शामिल 28 निजी अस्पतालों में औसतन 100 लोगों का उपचार होता है। पिछले दो दिनों से आईएमए आह्वान पर निजी अस्पतालों में नए आने वाले मरीजों के लिए उपचार बंद कर दिया है। इसके कारण 200 आयुष्मान कार्ड धारक चिकित्सा सेवाओं से वंचित रहे हैं। साथ ही जिला के अस्पतालों में इन दो दिनों में 50 से अधिक कार्ड धारकों के छोटे-बड़े ऑपरेशन भी नहीं हो पाए हैं।
विज्ञापन
नहीं मिला उपचार
शहर के मोहल्ला बास निवासी 35 वर्षीय संदीप कुमार ने बताया कि मंगलवार को वह आयुष्मान पैनल में शामिल शहर के एक निजी अस्पताल में उपचार के लिए गया था। लंबे समय से उसे पेट से संबंधित परेशानी है। जब अस्पताल में पहुंचा तो वहां स्टाफ ने बताया कि दो दिन से आयुष्मान कार्ड धारकों का इलाज बंद है। कुछ दिन पूर्व भी पेट की समस्या हुई थी तो सरकारी अस्पताल से निजी में रेफर कर दिया था। आयुष्मान योजना के तहत निजी अस्पताल में उपचार कराया था, लेकिन अब फिर से परेशानी होने पर जब वह गया तो उपचार देने से साफ मना कर दिया गया।
विज्ञापन
निजी अस्पतालों का आठ करोड़ बकाया
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के जिला सचिव डॉ. दीपक सिंगला ने बताया कि जिला महेंद्रगढ़ के निजी अस्पतालों में कार्ड धारकों के उपचार का आठ करोड़ रुपये बकाया है। निजी अस्पताल पिछले कुछ समय से कई समस्याएं झेल रहे हैं। सरकार ने गत वर्ष जुलाई माह में 50 प्रतिशत भुगतान का आश्वासन दिया था, लेकिन आज तक नहीं हो पाया है। आईएमए के उच्चाधिकारियों के आदेशानुसार आगामी निर्णय लिया जाएगा।

फोटो संख्या: 74 संदीप मालड़ा बास---संवाद