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दो महीने की रिकवरी 13 दिन में
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 22 Nov 2016 12:02 AM IST
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नोटबंदी के बाद आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस समय अगर किसी को फायदा पहुंच रहा है तो वह है सरकारी विभाग। नोटबंदी के बाद नगरपालिका, रेलवे, परिवहन, बिजली निगम को फायदा हुआ है। इन विभागों की लिस्ट में एक नाम जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग का भी जुड़ गया है। नोटबंदी ने फोकट का पानी गटकने वालों पर कड़ा शिकंजा कस दिया है। नोटबंदी के फैसले के बाद लोग अपने 1000 और 500 रुपये के नोट से बिल भर रहे हैं। केंद्र सरकार के इस निर्णय से उक्त विभागों की रिकवरी तेजी से हो रही है। जो काम पहले विभाग के कर्मचारी सालों से नहीं कर पाए थे वो काम नोट बंदी ने मात्र 13 दिन में ही कर दिया। पिछले 13 दिनों में विभाग की लगभग 9 लाख रुपये की रिकवरी हो गई। 8 नवंबर के बाद हर रोज रिकवरी बढ़ रही है। अभी यह सिलसिला 24 नवंबर तक जारी रहेगा। लोग 1000 और 500 के नोट निकालने के चक्कर में बिजली और पानी के बिल भर रहे हैं।
नोटिस का भी नहीं पड़ा था असर
जनस्वास्थ्य विभाग ने जुलाई माह में फोकट में पानी गटकने वालों को 31 जुलाई तक पानी का बिल भरने के नोटिस जारी किए थे। उन नोटिसों का डिफॉल्टरों पर कुछ ज्यादा प्रभाव नहीं दिखा। नोटिस देने के बाद भी अगस्त माह में ज्यादा रिकवरी नहीं आई थी। लेकिन नोटबंदी का डिफॉल्टरों पर इतना जबरदस्त असर हुआ कि 13 दिन में 2 महीने के बराबर रिकवरी दे गए।
नोटबंदी के पांच दिन बाद पड़ा ज्यादा असर
वैसे तो 10 नवंबर से नोटबंदी का असर दिखना शुरू हो गया था लेकिन असली प्रभाव पांच दिन बाद देखने को मिला। 14 नवंबर को विभाग की पौने तीन लाख रिकवरी आई । 14 नंवबर को गुरुनानक जयंती की बैंकों एव सरकारी कार्यालयों की छुट्टी थी लेकिन उस दिन प्रदेश सरकार के आदेश पर विभाग में बिल भरने का काम जारी था। उसके बाद 18 नवंबर को लगभग 1 लाख 15 हजार तथा 19 को 1लाख 60 हजार रुपये की रिकवरी आई। बीच के दिनों में 60 हजार रुपये से भी अधिक रिकवरी प्रतिदिन रही। जबकि 8 नवंबर को मात्र 9050रुपये की रिकवरी हुई थी। उक्त रिकवरी में छह महीनें में बिल अदा करने वाले उपभोक्ता भी शामिल हैं।
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दिनांक रिकवरी रुपये में
14 नवंबर 274872
15 नवंबर 74008
16 नवंबर 62443
17 नवंबर 81742
18 नवंबर 114465
19 नवंबर 160031
20 नवंबर 59392
-
वर्जन:
नोटबंदी के बाद रिकवरी का कार्य अच्छा चल रहा है। विभाग भी डिफॉल्टरों पर सख्ती बरत रहा है। 14 नवंबर को पौने तीन लाख की रिकवरी हुई थी। अभी पुराने नोट लेने का कार्य 24 नवंबर तक चलेगा।
-एक्सईएन रविंद्र गोठवाल
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नोटिस का भी नहीं पड़ा था असर
जनस्वास्थ्य विभाग ने जुलाई माह में फोकट में पानी गटकने वालों को 31 जुलाई तक पानी का बिल भरने के नोटिस जारी किए थे। उन नोटिसों का डिफॉल्टरों पर कुछ ज्यादा प्रभाव नहीं दिखा। नोटिस देने के बाद भी अगस्त माह में ज्यादा रिकवरी नहीं आई थी। लेकिन नोटबंदी का डिफॉल्टरों पर इतना जबरदस्त असर हुआ कि 13 दिन में 2 महीने के बराबर रिकवरी दे गए।
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नोटबंदी के पांच दिन बाद पड़ा ज्यादा असर
वैसे तो 10 नवंबर से नोटबंदी का असर दिखना शुरू हो गया था लेकिन असली प्रभाव पांच दिन बाद देखने को मिला। 14 नवंबर को विभाग की पौने तीन लाख रिकवरी आई । 14 नंवबर को गुरुनानक जयंती की बैंकों एव सरकारी कार्यालयों की छुट्टी थी लेकिन उस दिन प्रदेश सरकार के आदेश पर विभाग में बिल भरने का काम जारी था। उसके बाद 18 नवंबर को लगभग 1 लाख 15 हजार तथा 19 को 1लाख 60 हजार रुपये की रिकवरी आई। बीच के दिनों में 60 हजार रुपये से भी अधिक रिकवरी प्रतिदिन रही। जबकि 8 नवंबर को मात्र 9050रुपये की रिकवरी हुई थी। उक्त रिकवरी में छह महीनें में बिल अदा करने वाले उपभोक्ता भी शामिल हैं।
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दिनांक रिकवरी रुपये में
14 नवंबर 274872
15 नवंबर 74008
16 नवंबर 62443
17 नवंबर 81742
18 नवंबर 114465
19 नवंबर 160031
20 नवंबर 59392
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वर्जन:
नोटबंदी के बाद रिकवरी का कार्य अच्छा चल रहा है। विभाग भी डिफॉल्टरों पर सख्ती बरत रहा है। 14 नवंबर को पौने तीन लाख की रिकवरी हुई थी। अभी पुराने नोट लेने का कार्य 24 नवंबर तक चलेगा।
-एक्सईएन रविंद्र गोठवाल