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Mahendragarh-Narnaul News: मॉडल संस्कृत स्कूल में बिजनेस और अकाउंट के प्रवक्ता नहीं, छात्र परेशान
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नारनौल। सरकारी स्कूलों में शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए कई प्रयास किए जा रहे हैं। इसके परिणाम स्वरूप सरकारी स्कूलों का परीक्षा परिणाम भी हाल के कुछ वर्षों में बेहतर रहा है। इसके बावजूद अभी भी सरकारी विद्यालयों में स्टाफ व मुलभूत सुविधाओं में कमी देखी जा रही है। इसकी वजह से छात्रों की पढ़ाई भी बाधित होती है।
अगर स्कूल में सभी विषयों के शिक्षक उपलब्ध रहते हैं, तो परीक्षा परिणाम में भी सुधार होगा। मेहता चौक के पास स्थित मॉडल संस्कृत स्कूल में भी बेहतर शिक्षा के लिए विद्यार्थियों को कई सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। प्रत्येक कक्षा में ब्लैकबोर्ड के स्थान पर डिजिटल बोर्ड लगाए गए हैं। नौंवी व दसवीं कक्षा के छात्रों को पाठ्यक्रम के अलावा बुनियाद के तहत ऑनलाइन क्लास भी दी जाती है, ताकि विद्यार्थी बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी बेहतर ढंग से कर सकें। विद्यालय में शिक्षा के साथ पोषण के लिए कक्षा छह से कक्षा आठ तक मिड-डे-मील के तहत बच्चों को भोजन भी उपलब्ध करवाया जाता है।
विद्यालय में शौचालय में निकासी का उचित प्रबंध नहीं
मॉडल संस्कृत स्कूल में बने शौचालय की सफाई तो निरंतर की जाती है। विद्यालय में बने कुछ शौचालय बंद पड़े हैं, वहीं कुछ शौचालय ही उपयोग में लिए जा रहें हैं। सीवरेज लाइन जाम होने के कारण दूषित पानी सीवर में जाने की जगह शौचालय में ही जमा रहता है।
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3 वर्षों से नहीं है कॉमर्स के प्रवक्ता
मॉडल संस्कृत स्कूल में विद्यार्थियों को कई सुविधाएं दी जा रही है, ताकि बच्चे बेहतर शिक्षा प्राप्त कर सकें। 3 वर्षों से विद्यालय में कक्षा ग्यारहवीं और बारहवीं के कॉमर्स संकाय के विषय अकाउंट और बिजनेस के प्रवक्ता उपलब्ध नहीं हैं। इस कारण इन दोनों विषयों को पढ़ने के लिए बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। विद्यालय प्रबंधन द्वारा प्रवक्ता की उपलब्धता के लिए जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय को कई बार अवगत करवाया जा चुका है, लेकिन तीन वर्षों से आज तक अकाउंट और बिजनेस विषयों के प्रवक्ता की नियुक्ति नहीं की गई है।
वर्जन
विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा के लिए कई सुविधाएं मुहैया करवाई जा रही है। गत वर्षों में सरकारी स्कूलों का परीक्षा परिणाम बेहतर रहा है। अलग-अलग विषयों के लिए प्रवक्ता की नियुक्ति के लिए लिखित परीक्षा और साक्षात्कार प्रक्रिया संपन्न हो चुकी है। शीघ्र ही बिजनेस और अकाउंट विषय के प्रवक्ता की नियुक्ति की जाएगी।
- संतोष कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी, नारनौल।
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अगर स्कूल में सभी विषयों के शिक्षक उपलब्ध रहते हैं, तो परीक्षा परिणाम में भी सुधार होगा। मेहता चौक के पास स्थित मॉडल संस्कृत स्कूल में भी बेहतर शिक्षा के लिए विद्यार्थियों को कई सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। प्रत्येक कक्षा में ब्लैकबोर्ड के स्थान पर डिजिटल बोर्ड लगाए गए हैं। नौंवी व दसवीं कक्षा के छात्रों को पाठ्यक्रम के अलावा बुनियाद के तहत ऑनलाइन क्लास भी दी जाती है, ताकि विद्यार्थी बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी बेहतर ढंग से कर सकें। विद्यालय में शिक्षा के साथ पोषण के लिए कक्षा छह से कक्षा आठ तक मिड-डे-मील के तहत बच्चों को भोजन भी उपलब्ध करवाया जाता है।
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विद्यालय में शौचालय में निकासी का उचित प्रबंध नहीं
मॉडल संस्कृत स्कूल में बने शौचालय की सफाई तो निरंतर की जाती है। विद्यालय में बने कुछ शौचालय बंद पड़े हैं, वहीं कुछ शौचालय ही उपयोग में लिए जा रहें हैं। सीवरेज लाइन जाम होने के कारण दूषित पानी सीवर में जाने की जगह शौचालय में ही जमा रहता है।
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3 वर्षों से नहीं है कॉमर्स के प्रवक्ता
मॉडल संस्कृत स्कूल में विद्यार्थियों को कई सुविधाएं दी जा रही है, ताकि बच्चे बेहतर शिक्षा प्राप्त कर सकें। 3 वर्षों से विद्यालय में कक्षा ग्यारहवीं और बारहवीं के कॉमर्स संकाय के विषय अकाउंट और बिजनेस के प्रवक्ता उपलब्ध नहीं हैं। इस कारण इन दोनों विषयों को पढ़ने के लिए बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। विद्यालय प्रबंधन द्वारा प्रवक्ता की उपलब्धता के लिए जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय को कई बार अवगत करवाया जा चुका है, लेकिन तीन वर्षों से आज तक अकाउंट और बिजनेस विषयों के प्रवक्ता की नियुक्ति नहीं की गई है।
वर्जन
विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा के लिए कई सुविधाएं मुहैया करवाई जा रही है। गत वर्षों में सरकारी स्कूलों का परीक्षा परिणाम बेहतर रहा है। अलग-अलग विषयों के लिए प्रवक्ता की नियुक्ति के लिए लिखित परीक्षा और साक्षात्कार प्रक्रिया संपन्न हो चुकी है। शीघ्र ही बिजनेस और अकाउंट विषय के प्रवक्ता की नियुक्ति की जाएगी।
- संतोष कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी, नारनौल।