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Mahendragarh-Narnaul News: दो विभागों के बीच विवाद से अटका पेयजल लाइन बिछाने का कार्य
Sat, 05 Apr 2025 11:17 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Sat, 05 Apr 2025 11:17 PM IST
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मंडी अटेली। कनीना चौक से गुजरवास मोड़ तक पेयजल लाइन बिछाने का कार्य दो विभागों के बीच विवाद के कारण अधर में लटक गया है। इससे स्थानीय लोगों को पानी की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है।
कनीना चौक से गुजरवास मोड़ तक करीब 20 लाख रुपये की लागत से 1200 मीटर लंबी पेयजल लाइन बिछाई जानी थी। लाइन बिछाने का कार्य शुरू भी कर दिया गया था, लेकिन पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों ने हस्तक्षेप करते हुए कार्य बीच में रुकवा दिया। पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पेयजल लाइन को सड़क के साथ बिछाया जा रहा है और यदि पेयजल लाइन लीकेज होती है तो सड़क क्षतिग्रस्त हो सकती है। इस कारण पेयजल लाइन बिछाने का कार्य बीच में ही रोक दिया गया है। एक महीने से पेयजल लाइन की सामग्री सड़क किनारे पड़ी हुई है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि खाना बनाने और पीने सहित अन्य कार्य में पानी की पूर्ति के लिए मजबूरन पानी का टैंक मंगवाना पड़ रहा है। जिस कारण आर्थिक रूप से कमजोर लोगों की जेब पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। लोगों ने प्रशासन से अपील करते हुए कहा कि जल्द से जल्द पेयजल लाइन बिछाने का कार्य पूरा किया जाए, ताकि लोगों को पानी की किल्लत का सामना न करना पड़े।
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वर्जन :
कनीना मार्ग पर पेयजल लाइन बिछाने का कार्य आरंभ कर दिया गया था और अब तक कार्य पूरा भी हो जाता, लेकिन पीडब्ल्यूडी के हस्तक्षेप के चलते कार्य अधर में लटक गया। पीडब्ल्यूडी को पत्र भेजकर अनुमति मांगी गई है, ताकि गर्मी के मौसम के मद्देनजर जल्द कार्य को पूरा किया जा सके।-दीपक, जेई, जन स्वास्थ्य विभाग
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वर्जन :
जन स्वास्थ्य विभाग द्वारा मार्ग के साथ पेयजल लाइन बिछाई जा रही थी। भविष्य में पेयजल लाइन में लीकेज होने के कारण सड़क क्षतिग्रस्त हो सकती है। अगर नियमानुसार पेयजल लाइन बिछाई जाए तो विभाग को कोई आपत्ति नहीं है। पेयजल लाइन बिछाने का कार्य शुरू किया जा सकता हैं। -जितेंद्र, जेई, पीडब्ल्यूडी, नारनौल।
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कनीना चौक से गुजरवास मोड़ तक करीब 20 लाख रुपये की लागत से 1200 मीटर लंबी पेयजल लाइन बिछाई जानी थी। लाइन बिछाने का कार्य शुरू भी कर दिया गया था, लेकिन पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों ने हस्तक्षेप करते हुए कार्य बीच में रुकवा दिया। पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पेयजल लाइन को सड़क के साथ बिछाया जा रहा है और यदि पेयजल लाइन लीकेज होती है तो सड़क क्षतिग्रस्त हो सकती है। इस कारण पेयजल लाइन बिछाने का कार्य बीच में ही रोक दिया गया है। एक महीने से पेयजल लाइन की सामग्री सड़क किनारे पड़ी हुई है।
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स्थानीय लोगों ने बताया कि खाना बनाने और पीने सहित अन्य कार्य में पानी की पूर्ति के लिए मजबूरन पानी का टैंक मंगवाना पड़ रहा है। जिस कारण आर्थिक रूप से कमजोर लोगों की जेब पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। लोगों ने प्रशासन से अपील करते हुए कहा कि जल्द से जल्द पेयजल लाइन बिछाने का कार्य पूरा किया जाए, ताकि लोगों को पानी की किल्लत का सामना न करना पड़े।
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वर्जन :
कनीना मार्ग पर पेयजल लाइन बिछाने का कार्य आरंभ कर दिया गया था और अब तक कार्य पूरा भी हो जाता, लेकिन पीडब्ल्यूडी के हस्तक्षेप के चलते कार्य अधर में लटक गया। पीडब्ल्यूडी को पत्र भेजकर अनुमति मांगी गई है, ताकि गर्मी के मौसम के मद्देनजर जल्द कार्य को पूरा किया जा सके।-दीपक, जेई, जन स्वास्थ्य विभाग
वर्जन :
जन स्वास्थ्य विभाग द्वारा मार्ग के साथ पेयजल लाइन बिछाई जा रही थी। भविष्य में पेयजल लाइन में लीकेज होने के कारण सड़क क्षतिग्रस्त हो सकती है। अगर नियमानुसार पेयजल लाइन बिछाई जाए तो विभाग को कोई आपत्ति नहीं है। पेयजल लाइन बिछाने का कार्य शुरू किया जा सकता हैं। -जितेंद्र, जेई, पीडब्ल्यूडी, नारनौल।