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पहले दिन मंड़ियों में शुरू नहीं हो पाई बाजरे की खरीद

Fri, 01 Oct 2021 11:33 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 01 Oct 2021 11:33 PM IST
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The purchase of millet could not start in the mandis on the first day itself
नई अनाज में मार्केट कमेटी कार्यालय में किसानों के टोकन के लिए इंतजार करता कर्मचारी। - फोटो : Narnol
नारनौल। सरकार के दावे अनुसार एक अक्तूबर से अनाज मंडियों में खरीफ फसल की खरीदारी शुरू होनी थी। लेकिन शुक्रवार को किसान दिनभर खरीद का तो आढ़ती और खरीद एजेंसियां विभाग के आदेश का इंतजार करते रहे। विभाग द्वारा खरीद को लेकर अभी तक कोई गाइडलाइन जारी नहीं की गई।
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ऐसे में किसानों के समक्ष असमंजस की स्थिति बनी हुई है, क्योंकि सरकार द्वारा केवल 25 प्रतिशत बाजरा खरीद करने की बात कही गई है। मगर खरीद को लेकर अभी तक कोई आदेश जारी नहीं गया है। इसलिए खरीद एजेंसियों के साथ-साथ आढ़तियों में भी असमंजस बना हुआ है कि आखिर सरकारी खरीद होगी या नहीं, अगर होगी भी तो किसानों से कितना बाजरा खरीदा जाएगा। वहीं खरीद शुरू हो या न हो लेकिन मार्केट कमेटी ने अपनी तैयारी पूरी कर रखी है। खरीद के आदेश जारी नहीं होने के बावजूद मार्केट कमेटी की तरफ से नारनौल नई अनाज मंडी में टोकन के लिए कंप्यूटर ऑपरेटर के अलावा तीन-चार कर्मचारियों की ड्यूटी लगा दी गई है।
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- खरीद को लेकर अभी तक नहीं हो पाई स्थिति स्पष्ट
खरीफ फसल की खरीद के लिए सरकार व विभाग द्वारा अभी तक स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है। हालांकि सरकार ने धान फसल की खरीद 11 से शुरू करने की बात कही है। मगर अन्य खरीफ फसलों की सरकारी खरीद बारे में स्थिति स्पष्ट नहीं है। इससे किसान मजबूरन अपनी उपज को औने-पौने दामों पर व्यापारियों के यहां बेचने को मजबूर है। जिले में बाजरा, कपास, मूंग व ग्वार की खेती अधिक होती है। हर बार की तरह इस बार भी बाजरे की बंपर पैदावार है। उपज को किसान खेतों से निकालकर मंडियों में पहुंचने लगे है, मगर सरकारी खरीद को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में किसान खेतों से सीधे अपनी उपज लेकर मंडियों में व्यापारियों के यहां बेचने को मजबूर है।
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- पहले दिन खाली रही मंडियां
सरकार के दावे अनुसार अक्तूबर से खरीद प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। मगर शेड्यूल और गाइडलाइन जारी नहीं होने के कारण पहले दिन अनाज मंडिया खाली रही। आज खरीद स्थलों पर कोई किसान फसल लेकर नहीं पहुंचा। हालांकि मार्केट कमेटी द्वारा नारनौल नई अनाज मंडी में कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई थी। मगर पहले दिन कोई किसान उनके पास नहीं पहुंचा। हालांकि पुरानी अनाज मंडी में व्यापारियों के पास किसान जरूरी अपनी उपज बेचने के लिए पहुंचे।

खरीद को लेकर विभाग की ओर से अभी कोई आदेश या निर्देश नहीं मिले है। फिर भी वे खरीद के लिए पूरी तरह से तैयार है। जैसे ही विभागीय आदेश मिलते है खरीद शुरू कर दी जाएगी। -संजीव कुमार, मैनेजर को-ऑपरेटिव सोसाइटी नारनौल।

 बाजरे की खरीददारी नहीं होने से सुनसान पड़ी नई अनाज मंडी।

बाजरे की खरीददारी नहीं होने से सुनसान पड़ी नई अनाज मंडी।- फोटो : Narnol

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