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Mahendragarh-Narnaul News: जन स्वास्थ्य विभाग ने दो साल बाद ली टैंकों की सफाई की सुध
Wed, 09 Jul 2025 11:38 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Wed, 09 Jul 2025 11:38 PM IST
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फोटो संख्या:59- गांव देवास में पानी टैंक नंबर एक की सफाई करती मशीने--संवाद
महेंद्रगढ़। आखिर जन स्वास्थ्य विभाग ने दो साल बाद शहरी आबादी को पेयजल आपूर्ति करने वाली जल परियोजना के टैंकों की सफाई की सुध ली है।
गांव देवास स्थित जल परियोजना पर 24 करोड़ लीटर पानी की क्षमता के चार टैंक हैं। इन टैंकों से शहर में पेयजल आपूर्ति की जाती है। बता दें कि वर्ष 2002 में जन स्वास्थ्य विभाग की ओर से शहरी आबादी की प्यास बुझाने के लिए गांव देवास में 24 करोड़ लीटर क्षमता के चार टैंक बनाए गए थे। वर्ष 2023 में इन टैंकों की सफाई की गई थी। इस समय महज टैंक नंबर एक ही खाली है।
अब टैंक नंबर दो, तीन व चार की सफाई के लिए भी करीब दो माह का समय लगेगा। बता दें कि दो सालों के दौरान इन टैंकों की सफाई नहीं होने से दो से तीन फीट मिट्टी व गाद जमी हुई है। इस मिट्टी व गाद के कारण पानी उठान की क्षमता प्रभावित हो रही है साथ ही 6 करोड़ लीटर क्षमता वाले टैंकों में करीब चार करोड़ लीटर ही पानी स्टोरेज हो रहा था। इसके कारण शहर में नियमित पेयजल आपूर्ति में परेशानी हो रही थी। इसके कारण एक माह में करीब 10 दिन पानी राशनिंग आधार पर आपूर्ति हो रहा था।
बता दें कि 25 एकड़ में बनी देवास जल परियोजना पर विभाग की ओर से क्षमता बढ़ाने के लिए दो नए टैंकों के निर्माण व पुराने चारों टैंकों की मरम्मत के लिए कुल 19 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। विभाग की ओर से इस पर काम शुरू कर दिया गया है।
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इंसेट
- आखिर क्यों नहीं हो पा रही थी सफाई
विभाग के जिम्मेदार इनकी सफाई को लेकर गंभीरता नहीं दिखा रहे थे, लेकिन अब दो नए टैंकों के निर्माण व इनकी मरम्मत के लिए काम शुरू हुआ तो जिम्मेदारों को भी इनकी याद आ गई। मिट्टी व गाद में जमने से टैंक की तली की मरम्मत करना संभव नहीं था। वहीं विभाग के जिम्मेदार यदि निर्माण कार्य शुरू नहीं होता तो अब भी इनकी सुध नहीं लेते। अब जिम्मेदारों का दावा है कि टैंक नंबर एक की सफाई एवं मरम्मत पूरी होने के बाद इसमें पानी भरकर ही दूसरे को खाली किया जा सकेगा। इस काम में करीब चार माह का समय लेगा।
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- वर्जन:
इस समय देवास जल परियोजना के टैंक नंबर 1 की सफाई का काम शुरू है। एक सप्ताह में यह काम पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद शहर की पेयजल आपूर्ति प्रभावित न हो इसके लिए टैंक नंबर एक को भरने के बाद दो नंबर की सफाई शुरू करा दी जाएगी। इसके बाद तीन व चार नंबर टैंकों को भी साफ कराया जा सकेगा।
-- - जियराम, उपमंडल अधिकारी जन स्वास्थ्य विभाग महेंद्रगढ़।
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गांव देवास स्थित जल परियोजना पर 24 करोड़ लीटर पानी की क्षमता के चार टैंक हैं। इन टैंकों से शहर में पेयजल आपूर्ति की जाती है। बता दें कि वर्ष 2002 में जन स्वास्थ्य विभाग की ओर से शहरी आबादी की प्यास बुझाने के लिए गांव देवास में 24 करोड़ लीटर क्षमता के चार टैंक बनाए गए थे। वर्ष 2023 में इन टैंकों की सफाई की गई थी। इस समय महज टैंक नंबर एक ही खाली है।
अब टैंक नंबर दो, तीन व चार की सफाई के लिए भी करीब दो माह का समय लगेगा। बता दें कि दो सालों के दौरान इन टैंकों की सफाई नहीं होने से दो से तीन फीट मिट्टी व गाद जमी हुई है। इस मिट्टी व गाद के कारण पानी उठान की क्षमता प्रभावित हो रही है साथ ही 6 करोड़ लीटर क्षमता वाले टैंकों में करीब चार करोड़ लीटर ही पानी स्टोरेज हो रहा था। इसके कारण शहर में नियमित पेयजल आपूर्ति में परेशानी हो रही थी। इसके कारण एक माह में करीब 10 दिन पानी राशनिंग आधार पर आपूर्ति हो रहा था।
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बता दें कि 25 एकड़ में बनी देवास जल परियोजना पर विभाग की ओर से क्षमता बढ़ाने के लिए दो नए टैंकों के निर्माण व पुराने चारों टैंकों की मरम्मत के लिए कुल 19 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। विभाग की ओर से इस पर काम शुरू कर दिया गया है।
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- आखिर क्यों नहीं हो पा रही थी सफाई
विभाग के जिम्मेदार इनकी सफाई को लेकर गंभीरता नहीं दिखा रहे थे, लेकिन अब दो नए टैंकों के निर्माण व इनकी मरम्मत के लिए काम शुरू हुआ तो जिम्मेदारों को भी इनकी याद आ गई। मिट्टी व गाद में जमने से टैंक की तली की मरम्मत करना संभव नहीं था। वहीं विभाग के जिम्मेदार यदि निर्माण कार्य शुरू नहीं होता तो अब भी इनकी सुध नहीं लेते। अब जिम्मेदारों का दावा है कि टैंक नंबर एक की सफाई एवं मरम्मत पूरी होने के बाद इसमें पानी भरकर ही दूसरे को खाली किया जा सकेगा। इस काम में करीब चार माह का समय लेगा।
- वर्जन:
इस समय देवास जल परियोजना के टैंक नंबर 1 की सफाई का काम शुरू है। एक सप्ताह में यह काम पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद शहर की पेयजल आपूर्ति प्रभावित न हो इसके लिए टैंक नंबर एक को भरने के बाद दो नंबर की सफाई शुरू करा दी जाएगी। इसके बाद तीन व चार नंबर टैंकों को भी साफ कराया जा सकेगा।