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31500 रुपये में बिका सबसे महंगा ऊंट
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महेंद्रगढ़ के मोदाश्रम में चल रहा तीन दिवसीय पशु मेला सोमवार को संपन्न हुआ। मेले में कुल 11 ऊंटों की खरीद एवं बिक्री की गई। अब जिले के गांव गढ़ी महासर में प्रदेश का दूसरा सबसे बड़ा चार दिवसीय मेला 14 से 18 सितंबर तक आयोजित किया जाएगा।
बता दें कि इस बार किसानों एवं व्यापारियों में असमंजस की स्थिति को लेकर जहां 5 हजार के करीब पशु पहुंचते थे उनकी संख्या महज 1100 तक ही सिमट कर रह गई।
इससे पहले जहां 25 हजार से 1 लाख 50 हजार रुपये तक कीमत के ऊंटों को लेकर व्यापारी आते थे वहीं इस बार 11 ऊंटों में से सबसे महंगा ऊंट भी महज 31 हजार 500 रुपये में बिका। राजस्थान, उत्तर प्रदेश, पंजाब के किसान एवं व्यापारी भी अपने पशुओं की अच्छी कीमत लगने की उम्मीद में इस मेले में भाग लेते रहे हैं लेकिन इस बार कोरोना संकट के चलते अधिकतर पशुपालकों एवं व्यापारियों को उनके पशुओं की अच्छी कीमत भी नहीं मिल पाई।
जिला रेवाड़ी के कोसली में लगने वाले मेले को छोड़ दें तो गढ़ी महासर में लगने वाला चार दिवसीय मेला प्रदेश में सबसे बड़ा है। पशु मेले में पर्ची लेखक का कार्यभार संभालने वाले जसविंद्र ने बताया कि यह मेले प्रदेश सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त हैं। यहां व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी भी पंचायत एवं विकास विभाग की होती है।
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बता दें कि इस बार किसानों एवं व्यापारियों में असमंजस की स्थिति को लेकर जहां 5 हजार के करीब पशु पहुंचते थे उनकी संख्या महज 1100 तक ही सिमट कर रह गई।
इससे पहले जहां 25 हजार से 1 लाख 50 हजार रुपये तक कीमत के ऊंटों को लेकर व्यापारी आते थे वहीं इस बार 11 ऊंटों में से सबसे महंगा ऊंट भी महज 31 हजार 500 रुपये में बिका। राजस्थान, उत्तर प्रदेश, पंजाब के किसान एवं व्यापारी भी अपने पशुओं की अच्छी कीमत लगने की उम्मीद में इस मेले में भाग लेते रहे हैं लेकिन इस बार कोरोना संकट के चलते अधिकतर पशुपालकों एवं व्यापारियों को उनके पशुओं की अच्छी कीमत भी नहीं मिल पाई।
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जिला रेवाड़ी के कोसली में लगने वाले मेले को छोड़ दें तो गढ़ी महासर में लगने वाला चार दिवसीय मेला प्रदेश में सबसे बड़ा है। पशु मेले में पर्ची लेखक का कार्यभार संभालने वाले जसविंद्र ने बताया कि यह मेले प्रदेश सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त हैं। यहां व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी भी पंचायत एवं विकास विभाग की होती है।
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