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नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को लागू करने वाला हकेविवि बना देश का प्रथम विश्वविद्यालय: प्रो. आरसी कुहाड़

Tue, 27 Apr 2021 11:16 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 27 Apr 2021 11:16 PM IST
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The first university in the country to implement the new National Education Policy -2020: Prof. The fog
स्वतंत्र भारत में उसकी आवश्यकताओं के अनुरूप राष्ट्रीय शिक्षा नीति बनाई गई और उसमें अभी तक तीन बार परिवर्तन किया गया। वर्तमान समय की आवश्यकताओं को देखते हुए नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में और शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक के मार्गदर्शन में बनाई गई। इस नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में विद्यार्थियों के लिए बहुत कुछ है, जिससे उनका बौद्धिक, मानसिक, भावनात्मक, शैक्षणिक और सर्वांगीण विकास होने की प्रबल संभावना है।
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हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय (हकेंवि), महेंद्रगढ़ के कुलपति प्रो. आरसी कुहाड़ ने नई शिक्षा नीति के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि हकेंवि देश का प्रथम विश्वविद्यालय बन गया है, जिसने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को लागू करने के लिए सर्वप्रथम कार्य योजना बनाई और शैक्षणिक परिषद ने इसे बीती 23 अप्रैल, 2021 को संपन्न हुई बैठक में इसको सर्वसम्मति से स्वीकारोक्ति दे दी है। शैक्षणिक परिषद के सभी सदस्यों ने हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय की इस पहल का स्वागत किया और इसके लिए उन्होंने कुलपति और उनकी पूरी समिति को इसके लिए बधाई भी दी। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में अर्वाचीन और प्राचीन ज्ञान की दोनों विधाओं को समाहित करने का प्रयास किया गया है, साथ ही साथ शिक्षक और विद्यार्थी के बीच की दूरियों को मिटाने और घटाने का प्रयास उसमें दिखाई पड़ता है। जहां तक विषय वस्तु की बात है तो उसमें अत्यधिक परिवर्तन नहीं होगा, यह परिवर्तन शिक्षण की विधि में अधिक परिलक्षित होंगे। अब शिक्षा, शिक्षक केंद्रित न होकर विद्यार्थी केंद्रित होगी। शिक्षा में रटने के बजाय, अवधारणात्मक समझ पर जोर दिया जाएगा। विद्यार्थी को विषय वस्तु, उसके परिणाम, उसकी सीमाएं, प्राप्त उपाधि का उपयोग, बिल्कुल स्पष्ट होगा।
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प्रो. कुहाड़ ने कहा कि शिक्षकों को अपनी विषय वस्तु बनाते समय यह ध्यान रखना होगा कि विषय वस्तु में कौशल, शिक्षण, ज्ञान, व्यवहारिक उपयोग, समझ के साथ-साथ सीखने के लिए पर्याप्त सामग्री उपलब्ध हो। लक्ष्य का ध्यान रखा जाए, लक्ष्य तक पहुंचने वाली सभी बाधाओं से विद्यार्थियों को भलीभांति अवगत भी कराया जाए, ताकि उस लक्ष्य तक पहुंचने के लिए मार्ग कितना दुरूह और लंबा है, यह उस विद्यार्थी को पता होना चाहिए। तभी संयम, धैर्य और तनावमुक्त होकर वह अपने लक्ष्य तक पहुंच सकेगा। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय द्वारा नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को लागू करने के लिए तैयार किया गए कार्यक्रम और शैक्षणिक परिषद द्वारा स्वीकार किए गए मसौदे में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग और भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद द्वारा भविष्य में निर्गत किए गए दिशानिर्देशों को इसमें समाहित कर अद्यतन कर लिया जाएगा। जब नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति कार्यान्वयन की राष्ट्रीय योजना आएगी, तो हम निश्चित रूप से उसके सुझावों और परिवर्तनों को इसमें सम्मिलित करेंगे। हमारी योजना घरेलू स्तर पर कार्य को आरंभ करने हेतु सुविधा प्रदान करेगी।
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