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Mahendragarh-Narnaul News: राजकीय महिला महाविद्यालय में बनेगा पहला स्वचालित मौसम सूचना केंद्र
Tue, 13 Jan 2026 11:57 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Tue, 13 Jan 2026 11:57 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी अटेली। राजकीय महिला महाविद्यालय को स्वचालित मौसम सूचना केंद्र के लिए भारतीय उष्म देशीय मौसम विज्ञान संस्थान पुणे ने चिह्नित किया है। महाविद्यालय में केंद्र की स्थापना के लिए भूमि चिह्नित करने के साथ ही तकनीकी परीक्षण एवं अन्य औपचारिकताएं पूरी की गई है। महाविद्यालय प्रशासन एवं भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान के प्रोजेक्ट डायरेक्टर व प्रोजेक्ट साइंटिस्ट के बीच समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. प्रवीण कुमार संपर्ककर्ता राजकुमार सहायक प्रोफेसर भौतिकी विभाग, डॉ. नितेश सिंह रघुवंशी अनुसंधान एसोसिएट एवं कर्ण सिंह प्रोजेक्ट वैज्ञानिक ने योजना समझौते पर हस्ताक्षर किए। प्रोजेक्ट वैज्ञानिक कर्ण सिंह व अनुसंधान एसोसिएट डॉ. नितेश सिंह समझौते की प्रति कॉलेज प्राचार्य को सौंपी।
प्राचार्य ने बताया कि भारतीय उष्ण कटिबंधीय मौसम विभाग संस्थान पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय भारत सरकार का एक स्वायत्त संगठन है। इस संस्थान द्वारा स्थापित मौसम विज्ञान केंद्र महाविद्यालय के आसपास के क्षेत्र में हवा की गति, दिशा, तापमान, नमी, वायुदाब आदि को रिकॉर्ड करके एक सर्वर के माध्यम से इसके नियंत्रण केंद्र दिल्ली एवं संस्थान नियंत्रण केंद्र पुणे भेजेगा।
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इसकी स्थापना से वर्तमान मौसम संबंधित भविष्यवाणी एवं पूर्व मौसम संबंधित भविष्यवाणी, आपदा प्रबंधन, कृषि व शहरीकरण योजना में सुधार होगा। इससे भारत सरकार की क्षेत्रीय आपदा तत्परता कार्यक्रम को बल मिलेगा।
इस केंद्र की स्थापना से राजकीय महिला महाविद्यालय संस्थान को मौसम विभाग के साथ सहयोग करने के लिए एक अलग पहचान मिलेगी। महाविद्यालय में रियल टाइम वेदर डिस्प्ले को देखा जा सकेगा।
इससे छात्राओं में मौसम विज्ञान एवं पर्यावरण अध्ययन के प्रति रुचि बढ़ेगी और वे चाहे तो इस उपकरण से संबंधित डाटा अपने अनुसंधान प्रोजेक्ट के रूप में उपयोग कर सकेगी। अटेली के आसपास के किसानों को बारिश, सूखा, बर्फबारी के बारे में पूर्व सूचना उपलब्ध करवाई जा सकेगी।
प्रोजेक्ट वैज्ञानिक ने बताया कि यह वेदर स्टेशन पूरी तरह से स्वचालित होगा जो बिना मानवीय हस्तक्षेप के कार्य करेगा। नेटवर्क बाधित होने पर यह डाटा को संग्रहित रखेगी और सौर ऊर्जा से संचालित रहेगा।
यह स्टेशन तापमान, वर्षा, वायुदाब, हवा की दिशा और गति जैसी तमाम जानकारी स्वचालित रूप से एकत्रित करेगा और सीधे केंद्रीय सर्वर पर भेजेगा। इसके माध्यम से मौसम पूर्वानुमान अधिक सटीक एवं वास्तविक समय पर अटेली के लोगों के लिए उपलब्ध हो सकेगा।
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मंडी अटेली। राजकीय महिला महाविद्यालय को स्वचालित मौसम सूचना केंद्र के लिए भारतीय उष्म देशीय मौसम विज्ञान संस्थान पुणे ने चिह्नित किया है। महाविद्यालय में केंद्र की स्थापना के लिए भूमि चिह्नित करने के साथ ही तकनीकी परीक्षण एवं अन्य औपचारिकताएं पूरी की गई है। महाविद्यालय प्रशासन एवं भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान के प्रोजेक्ट डायरेक्टर व प्रोजेक्ट साइंटिस्ट के बीच समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. प्रवीण कुमार संपर्ककर्ता राजकुमार सहायक प्रोफेसर भौतिकी विभाग, डॉ. नितेश सिंह रघुवंशी अनुसंधान एसोसिएट एवं कर्ण सिंह प्रोजेक्ट वैज्ञानिक ने योजना समझौते पर हस्ताक्षर किए। प्रोजेक्ट वैज्ञानिक कर्ण सिंह व अनुसंधान एसोसिएट डॉ. नितेश सिंह समझौते की प्रति कॉलेज प्राचार्य को सौंपी।
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प्राचार्य ने बताया कि भारतीय उष्ण कटिबंधीय मौसम विभाग संस्थान पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय भारत सरकार का एक स्वायत्त संगठन है। इस संस्थान द्वारा स्थापित मौसम विज्ञान केंद्र महाविद्यालय के आसपास के क्षेत्र में हवा की गति, दिशा, तापमान, नमी, वायुदाब आदि को रिकॉर्ड करके एक सर्वर के माध्यम से इसके नियंत्रण केंद्र दिल्ली एवं संस्थान नियंत्रण केंद्र पुणे भेजेगा।
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इसकी स्थापना से वर्तमान मौसम संबंधित भविष्यवाणी एवं पूर्व मौसम संबंधित भविष्यवाणी, आपदा प्रबंधन, कृषि व शहरीकरण योजना में सुधार होगा। इससे भारत सरकार की क्षेत्रीय आपदा तत्परता कार्यक्रम को बल मिलेगा।
इस केंद्र की स्थापना से राजकीय महिला महाविद्यालय संस्थान को मौसम विभाग के साथ सहयोग करने के लिए एक अलग पहचान मिलेगी। महाविद्यालय में रियल टाइम वेदर डिस्प्ले को देखा जा सकेगा।
इससे छात्राओं में मौसम विज्ञान एवं पर्यावरण अध्ययन के प्रति रुचि बढ़ेगी और वे चाहे तो इस उपकरण से संबंधित डाटा अपने अनुसंधान प्रोजेक्ट के रूप में उपयोग कर सकेगी। अटेली के आसपास के किसानों को बारिश, सूखा, बर्फबारी के बारे में पूर्व सूचना उपलब्ध करवाई जा सकेगी।
प्रोजेक्ट वैज्ञानिक ने बताया कि यह वेदर स्टेशन पूरी तरह से स्वचालित होगा जो बिना मानवीय हस्तक्षेप के कार्य करेगा। नेटवर्क बाधित होने पर यह डाटा को संग्रहित रखेगी और सौर ऊर्जा से संचालित रहेगा।
यह स्टेशन तापमान, वर्षा, वायुदाब, हवा की दिशा और गति जैसी तमाम जानकारी स्वचालित रूप से एकत्रित करेगा और सीधे केंद्रीय सर्वर पर भेजेगा। इसके माध्यम से मौसम पूर्वानुमान अधिक सटीक एवं वास्तविक समय पर अटेली के लोगों के लिए उपलब्ध हो सकेगा।