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घुमंतू जनजातियों में शामिल जातियों को नहीं मिला लाभ : अतरलाल
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कनीना। बहुजन समाज पार्टी के नेता अतरलाल एडवोकेट ने सरकार की ओर से घुमंतू एवं अर्धघुमंतू जनजातियों में शामिल की गई कुछ जातियों को अब तक सुविधाएं व लाभ न मिलने पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने मांग की है कि जोगी-जंगम-जोगीनाथ, मनियार, भाट, रहबारी एवं मदारी (हिंदु) जातियों को सरकारी सुविधाएं और लाभ प्रदान किए जाएं।
इस संबंध में अतरलाल एडवोकेट ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को एक ऑनलाइन ईमेल ज्ञापन भेजते हुए अवगत कराया कि पूर्व मुख्यमंत्री मनोहरलाल की अध्यक्षता में 25 जून 2019 को हुई कैबिनेट बैठक में इन पांच जातियों को घुमंतू एवं अर्धघुमंतू जनजातियों की सूची में शामिल किया गया था। इस निर्णय के बाद प्रदेश में घुमंतू व अर्धघुमंतू जनजातियों की संख्या 24 से बढ़कर 29 हो गई थी।
इस फैसले को छह वर्ष बीत जाने के बावजूद इन जातियों के लोगों को आज भी घुमंतू एवं अर्धघुमंतू जनजातियों को मिलने वाली सुविधाएं और लाभ नहीं मिल पा रहे हैं।
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इस संबंध में अतरलाल एडवोकेट ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को एक ऑनलाइन ईमेल ज्ञापन भेजते हुए अवगत कराया कि पूर्व मुख्यमंत्री मनोहरलाल की अध्यक्षता में 25 जून 2019 को हुई कैबिनेट बैठक में इन पांच जातियों को घुमंतू एवं अर्धघुमंतू जनजातियों की सूची में शामिल किया गया था। इस निर्णय के बाद प्रदेश में घुमंतू व अर्धघुमंतू जनजातियों की संख्या 24 से बढ़कर 29 हो गई थी।
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इस फैसले को छह वर्ष बीत जाने के बावजूद इन जातियों के लोगों को आज भी घुमंतू एवं अर्धघुमंतू जनजातियों को मिलने वाली सुविधाएं और लाभ नहीं मिल पा रहे हैं।
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