फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Mahendragarh/Narnaul News ›   Terror of monkeys... attacking school going children and pedestrians

Mahendragarh-Narnaul News: बंदरों का आतंक... स्कूल जाने वाले बच्चों व राहगीरों पर बोल रहे हमला

Sat, 03 Aug 2024 12:07 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल Updated Sat, 03 Aug 2024 12:07 AM IST
विज्ञापन
Terror of monkeys... attacking school going children and pedestrians
फोटो नंबर-12अटेली में एक मकान की दीवार पर बैठे बंदर। संवाद
मंडी अटेली। कस्बे में निरंतर बढ़ रहे बंदरों के आतंक से लोग परेशान है। लोग नगर पालिका प्रशासन से बार-बार बंदरों से छुटकारा दिलाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन समस्या जस की तस है।
विज्ञापन

कस्बे में बढ़ रही बंदरों की संख्या के कारण महिलाएं और बच्चों में भय व्याप्त है। बंदर हर रोज किसी न किसी वार्ड में बच्चों, बुजुर्गों, राहगीरों व महिलाओं पर हमला कर रहे हैं। बस स्टैंड, झंडा चौक, नांगल बैरियर व सरकारी स्कूल के आसपास बंदरों के झुंड के झुंड देखे जा सकते हैं। बंदरों की बढ़ रही संख्या के चलते गलियों में लोगों का निकला मुश्किल हो गया है। बंदरों की टोलियां घरों में घुस कर घर में रखा सामान उठा कर ले जाती हैं। कई बार देखने में आया है कि बंदर स्कूल जाने वाले बच्चों व राहगीरों पर भी हमला बोल देते हैं। बंदरों के डर से गलियों में, छतों पर बच्चे नहीं खेलते हैं। महिलाएं भी छतों पर कपड़े सुखाने के बाद उनकी रखवाली करती है। बंदर छतों पर सूखने वाले कपड़े ले जाते हैं। लोग बंदरों के आतंक से बचने के लिए अपने घरों के आगे जाल लगवा रहे हैं।
विज्ञापन


कस्बे में बंदरों के आतंक की शिकायत मिल रही है। लोगों को बंदरों के आतंक से जल्द से जल्द छुटकारा दिलाया जाएगा।
अनिल कुमार, सचिव नगरपालिका अटेली।

दो-तीन दिन में ऐसा केस आ जाता है जिन्हें बंदरों ने काटा हुआ है। बंदर के काटने के बाद रेबीज का इंजेक्शन लगाया जाता है। इसके अलावा कुत्ते के काटने के भी मामले सामने आ रहे हैं। मरीजों के लिए अस्पताल में रेबीज के इंजेक्शन उपलब्ध है।
विज्ञापन
विज्ञापन

डॉ. उमेश, चिकित्सा अधिकारी, अटेली ।
बंदरों का आतंक इतना है कि गली से राहगीर अकेले नहीं जा सकता है। गलियों की दीवार पर बंदर टोलियों के साथ बैठे रहते हैं। बंदर हर रोज किसी न किसी मोहल्ले में बच्चों, राहगीरों, महिलाओं को काट रहे हैं। नगर पालिका से मांग है कि बंदरों से छुटकारा दिलाए।
माया गुनगुनावत, गृहणी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed