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चेयरपर्सन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव में दस ने की वोटिंग, परिणाम का फैसला उच्च न्यायालय करेगा

Mon, 14 Sep 2020 11:03 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 14 Sep 2020 11:03 PM IST
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Ten voted in no-confidence motion against chairperson, high court will decide the outcome
सर्वसम्मति से करीब सवा चार साल पहले चेयरपर्सन चुनी गई रीना गर्ग के खिलाफ ढाई साल से प्रयास कर रहे पार्षद अविश्वास प्रस्ताव लाने में सफल रहे। सोमवार को नपा चेयरपर्सन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की बैठक हुुई। जिसमें दस पार्षद शामिल हुए। एसडीएम की अध्यक्षता में बुलाई गई इस बैठक में सभी दस पार्षदों ने वोट किया। वोटिंग की प्रक्रिया पूरी होने के बाद बैलेट पेपर की पेटी को सील कर भेज दिया है। चेयरपर्सन के चुनाव के रिजल्ट पर अब हाई कोर्ट ही फैसला लेगा। इस केस की हाई कोर्ट में 28 सितंबर को सुनवाई होनी है।
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नगर पालिका चेयरपर्सन रीना गर्ग के खिलाफ सोमवार को अविश्वास प्रस्ताव बैठक आयोजित की गई। एसडीएम विश्राम कुमार मीणा ने बैठक की अध्यक्षता की। नगर पालिका सचिव प्रदीप कुमार ने बैठक की कार्रवाई शुरू की। बैठक शुरू होने के बाद पार्षदों के लिए 30 मिनट इंतजार किया गया। इसके बाद वोटिंग शुरू हुई। सभी पार्षदों को बैलेट पेपर दिया गया। जिसमें सभी पार्षदों ने अपने बैलेट का उपयोग करते हुए इस पर टिक किया। इसके बाद सभी दस वोट की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मतदान पेटी को सील कर दिया गया। इस पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी की गई। इसके बाद मतपेटी को ट्रेजरी में जमा कराया गया है। एसडीएम विश्राम कुमार मीणा ने कहा वोटिंग की प्रक्रिया को पूरा किया गया है। मतपेटी को ट्रेजरी में जमा किया गया है। रिजल्ट पर पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने रोक लगाई हुई है। अगली प्रक्रिया अदालत के अगले आदेशानुसार होगी।
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कुर्सी जाने का खेल एक वोट पर निर्भर
नगर पालिका में कुल 15 पार्षद चुने गए थे। जिसमें एक पार्षद फिलहाल निलंबित होने के चलते उसे नहीं गिना जाएगा। 14 पार्षदों को मतदान का अधिकार था। चेयरपर्सन को हटाने के लिए दो तिहाई पार्षदों की जरूरत होगी। अगर 10 पार्षद उनके खिलाफ वोट करें तो उनकी कुर्सी जाना तय है। अगर वोटिंग करने वाले दस में से एक भी पार्षद ने चेयरपर्सन का साथ दे दिया तो उनकी कुर्सी अगले छह महीने के लिए सुरक्षित हो जाएगी।
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