{"_id":"66b51653b9181cf94c0368d5","slug":"taught-methods-of-water-conservation-and-purification-to-people-in-village-sayana-narnol-news-c-203-1-sroh1011-111319-2024-08-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mahendragarh-Narnaul News: गांव स्याणा में लोगों को जल संरक्षण व शुद्धि के बताए तरीके","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mahendragarh-Narnaul News: गांव स्याणा में लोगों को जल संरक्षण व शुद्धि के बताए तरीके
Fri, 09 Aug 2024 12:32 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Fri, 09 Aug 2024 12:32 AM IST
विज्ञापन
फोटो संख्या:55- गांव स्याना में जल चेतना जागरूकता शिविर में सदस्यों को सम्मानित करते मोहित कु
कनीना। उपमंडल के गांव स्याणा में सरपंच वीरपाल की अध्यक्षता में जल चौपाल का आयोजन कर ग्राम जल व सीवरेज समिति सदस्यों को एक दिवसीय क्षमता संवर्धन प्रशिक्षण दिया।
कनीना खंड संसाधन संयोजक मोहित कुमार ने बताया कि बहुत से लोग जल स्त्रोतों के पास गंदगी डालकर जल संरक्षण में रुकावट व जल को दूषित करते है। पेयजल को बर्बाद करने के साथ-साथ जल को दूषित करते हैं। ऐसे पेयजल कनेक्शनों में नालियों का दूषित पानी जाने के कारण डायरिया जैसी जल जनित बीमारियों का कारण बनता है।
उन्होंने कहा कि ग्राम जल एवं सीवरेज समितियों को अपने गठन, शक्ति, उद्देश्य व अधिकारों को समझ कर इस दिशा में गंभीरता से कार्य करने की आवश्यकता है तभी सरकार का सभी उपभोक्ताओं को स्वच्छ पेयजल देने का लक्ष्य पूरा हो पाएगा। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग से लैब सहायक विकास ने पेयजल की जांच की जानकारी देते हुए बताया कि पंचायत या विभाग द्वारा उपलब्ध करवाए जा रहे सार्वजनिक पेयजल की जांच जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की लैब में निशुल्क करवा सकते हैं। प्रशिक्षण के बाद समिति सदस्यों को प्रमाण पत्र दिए गए।
विज्ञापन
आशा कार्यकर्ता ने लोगों को डायरिया से बचने के लिए स्वच्छता का आग्रह किया। इस अवसर पर समिति सदस्य, आशा कार्यकर्ता, आंनबाड़ी कार्यकर्ता, बहुउद्देश्य स्वास्थ्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
विज्ञापन
कनीना खंड संसाधन संयोजक मोहित कुमार ने बताया कि बहुत से लोग जल स्त्रोतों के पास गंदगी डालकर जल संरक्षण में रुकावट व जल को दूषित करते है। पेयजल को बर्बाद करने के साथ-साथ जल को दूषित करते हैं। ऐसे पेयजल कनेक्शनों में नालियों का दूषित पानी जाने के कारण डायरिया जैसी जल जनित बीमारियों का कारण बनता है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि ग्राम जल एवं सीवरेज समितियों को अपने गठन, शक्ति, उद्देश्य व अधिकारों को समझ कर इस दिशा में गंभीरता से कार्य करने की आवश्यकता है तभी सरकार का सभी उपभोक्ताओं को स्वच्छ पेयजल देने का लक्ष्य पूरा हो पाएगा। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग से लैब सहायक विकास ने पेयजल की जांच की जानकारी देते हुए बताया कि पंचायत या विभाग द्वारा उपलब्ध करवाए जा रहे सार्वजनिक पेयजल की जांच जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की लैब में निशुल्क करवा सकते हैं। प्रशिक्षण के बाद समिति सदस्यों को प्रमाण पत्र दिए गए।
विज्ञापन
आशा कार्यकर्ता ने लोगों को डायरिया से बचने के लिए स्वच्छता का आग्रह किया। इस अवसर पर समिति सदस्य, आशा कार्यकर्ता, आंनबाड़ी कार्यकर्ता, बहुउद्देश्य स्वास्थ्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।